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इंडो-नेपाल सीमा पर नेपालियों ने किया अतिक्रमण, कर रहे खेती
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लखीमपुर खीरी। इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित तीन गांवों सूड़ा, गौरीफंटा और मिर्चिया के पास भारतीय जमीन पर कुछ नेपालियों ने अतिक्रमण कर लिया है। कुछ जगहों पर नेपाली खेती कर रहे हैं, तो गौरीफंटा में डोके बाजार के आसपास की भारतीय जमीन पर अस्थायी दुकानों का निर्माण कर लिया है। बॉर्डर पर तैनात एसएसबी की 39वीं वाहिनी के उप कमांडेंट ने डीएम को रिपोर्ट भेजकर मामले में जानकारी देते हुए मार्गदर्शन मांगा है।
बॉर्डर स्थित सूड़ा गांव के पास भारतीय सीमा स्तंभ संख्या 742, 742/1, 742/2 और मिर्चिया गांव के पास भारतीय स्तंभ संख्या 766/61, 766/7, 766/8 के आसपास कई एकड़ भारतीय जमीन पर नेपाली नागरिक/किसानों ने अतिक्रमण कर रखा है। यहां वह खेती कर रहे हैं। जबकि गौरीफंटा के पास नेपाल सीमा में डोके बाजार है, जहां के नागरिकों ने भारतीय सीमा पर अतिक्रमण करके अस्थायी दुकानें बना ली हैं। एसएसबी की 39वीं वाहिनी गदनिया के अधिकारियों ने सीमा रेखा पर स्थित भारतीय स्तंभों की निरीक्षण किया तो उसमें यह बात सामने आई। इसके बाद एसएसबी ने नेपाली नागरिकों को सचेत किया, तो कुछ नेपालियों ने बताया कि 20-25 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। उप कमांडेंट संजय कुमार यादव ने मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजकर मार्गदर्शन मांगा है। इसके साथ ही एसएसबी ने इंडो-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
गौरीफंटा से पहले ही हटाया जा चुका है बाजार
कई साल पहले तक गौरीफंटा में भारतीय सीमा के वन क्षेत्र की जमीनों पर अतिक्रमण करके बाजार खड़ा कर दिया गया था, जिसे हटाने में अदालती कार्रवाई तक हुई थी। इसके बाद नेपाल सीमा में डोके बाजार खुला, जहां के नेपाली दुकानदार अब भी भारतीय सीमा में पल्लियां बांधकर अतिक्रमण कर रहे हैं।
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दो मित्र देशों के बीच विवाद का मामला होने के कारण इसकी सूचना गृह मंत्रालय को दी गई है। भारतीय सीमा से अतिक्रमण हटवाने के लिए नेपाल के कंचनपुर जिले के सीडीओ को मेल भेजकर मामले से अवगत कराया है और उनसे बातचीत की जा रही है। इसके साथ ही सभी भारतीय स्तंभों के आसपास निगरानी बढ़ाने के लिए एसएसबी को अलर्ट किया गया है।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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बॉर्डर स्थित सूड़ा गांव के पास भारतीय सीमा स्तंभ संख्या 742, 742/1, 742/2 और मिर्चिया गांव के पास भारतीय स्तंभ संख्या 766/61, 766/7, 766/8 के आसपास कई एकड़ भारतीय जमीन पर नेपाली नागरिक/किसानों ने अतिक्रमण कर रखा है। यहां वह खेती कर रहे हैं। जबकि गौरीफंटा के पास नेपाल सीमा में डोके बाजार है, जहां के नागरिकों ने भारतीय सीमा पर अतिक्रमण करके अस्थायी दुकानें बना ली हैं। एसएसबी की 39वीं वाहिनी गदनिया के अधिकारियों ने सीमा रेखा पर स्थित भारतीय स्तंभों की निरीक्षण किया तो उसमें यह बात सामने आई। इसके बाद एसएसबी ने नेपाली नागरिकों को सचेत किया, तो कुछ नेपालियों ने बताया कि 20-25 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। उप कमांडेंट संजय कुमार यादव ने मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजकर मार्गदर्शन मांगा है। इसके साथ ही एसएसबी ने इंडो-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है।
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गौरीफंटा से पहले ही हटाया जा चुका है बाजार
कई साल पहले तक गौरीफंटा में भारतीय सीमा के वन क्षेत्र की जमीनों पर अतिक्रमण करके बाजार खड़ा कर दिया गया था, जिसे हटाने में अदालती कार्रवाई तक हुई थी। इसके बाद नेपाल सीमा में डोके बाजार खुला, जहां के नेपाली दुकानदार अब भी भारतीय सीमा में पल्लियां बांधकर अतिक्रमण कर रहे हैं।
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दो मित्र देशों के बीच विवाद का मामला होने के कारण इसकी सूचना गृह मंत्रालय को दी गई है। भारतीय सीमा से अतिक्रमण हटवाने के लिए नेपाल के कंचनपुर जिले के सीडीओ को मेल भेजकर मामले से अवगत कराया है और उनसे बातचीत की जा रही है। इसके साथ ही सभी भारतीय स्तंभों के आसपास निगरानी बढ़ाने के लिए एसएसबी को अलर्ट किया गया है।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम