फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Balister took over the command of the school, changed the face

बालिस्टर ने संभाली स्कूल की कमान, बदल दी सूरत

Sun, 08 May 2022 11:26 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 11:26 PM IST
विज्ञापन
Balister took over the command of the school, changed the face
बांके का परिषदीय विद्यालय ग्रंट नंबर तीन।
बांकेगंज का परिषदीय विद्यालय ग्रंट नंबर तीन बना बेस्ट स्कूल ऑफ द वीक
विज्ञापन

लखीमपुर खीरी। बांकेगंज का परिषदीय विद्यालय ग्रंट नंबर तीन बेस्ट स्कूल ऑफ द वीक चुना गया है। इंचार्ज प्रधानाचार्य बालिस्टर कुमार स्कूल को चमकाने में जी जान से जुटे हैं। प्रधानाध्यापक की कार्यप्रणाली से ग्रामीण भी काफी खुश हैं।
खीरी में इन दिनों परिषदीय विद्यालयों में एक दूसरे से बेहतर बनने की होड़ है। यह प्रतिस्पर्धा डीएम महेंद्र बहादुर सिंह द्वारा दिए गए टास्क से शिक्षकों के मन में उत्पन्न हुई है। डीएम ने हर सप्ताह एक सर्वश्रेष्ठ विद्यालय घोषित करने की एक शृंखला शुरू की, फिर क्या शिक्षक अपने विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए पूरे जी-जान से जुट गए। इस सप्ताह बांकेगंज ब्लॉक के ग्रंट नंबर तीन गांव के प्राथमिक विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के रूप में चुना गया है।
विज्ञापन

इंचार्ज प्रधानाध्यापक बालिस्टर विद्यालय को साफ व स्वच्छ विद्यालय बनाने के लिए अथक प्रयास किया। विद्यालय गांव से दो किलोमीटर दूर होने से बच्चों की कम उपस्थिति का दंश झेल रहा है। कई प्रयास हुए लेकिन उपस्थिति न बढ़ सकी। दिसंबर 2021 में बालिस्टर को स्कूल की कमान मिली, तो उन्होंने अपने पैसे से विद्यालय में प्रोजेक्टर की व्यवस्था की। कई अन्य प्रयोग किए ताकि बच्चे विद्यालय की ओर आकर्षित हो। परिणाम यह हुआ कि नए प्रयोग से बच्चों की उपस्थिति के साथ-साथ उनके ज्ञान एवं बौद्धिक स्तर में भी परिवर्तन देखने को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

बालिस्टर ने विद्यालय में स्वयं बनाया किचन गार्डन
किचन गार्डन के बनने से जहां एक और प्रधानाध्यापक के गार्डनिंग करने का सपना भी साकार हुआ। वहीं दूसरी ओर विद्यालय और भी सुंदर दिखने लगा। विद्यालय का भौतिक परिवेश को सुधारने के लिए ग्राम पंचायत के सहयोग, साथी अध्यापकों की मेहनत व लगन की वजह से आज भौतिक परिवेश सुधरा, जो किसी प्राइवेट विद्यालय से कमतर नहीं है।

परिवार की खुशियों का श्रेय स्कूली बच्चों को देते हैं बालिस्टर
बालिस्टर बताते हैं कि प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत सभी बच्चों को वो हर खुशी दे पाऊं जो खुशी इनकी वजह से मेरे परिवार को मिली है। उन्होंने इस मनोभाव को कविता में भी सजाया है ‘इनको इनका हक दे पाऊं, पाने से ज्यादा लौटाऊं, स्नेह लुटाऊं, खूब पढ़ाऊं, पावन शिक्षक धर्म निभाऊं, हे भगवान रहे सदबुद्धि, सत्य मार्ग से भटक न पाऊं।’ बताते चलें इनकी या कविता सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर खूब वायरल हुई, जिसे डीएम महेंद्र बहादुर सिंह समेत कई अफसरों ने भी शेयर किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed