फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Babu's salary withheld, was transferred to the Dark Room Assistant

बाबू का वेतन रोका, डार्क रूम असिस्टेंट का हुआ तबादला

Sun, 08 May 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन। Updated Sun, 08 May 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
- सीएचसी प्रभारी लालजी पासी की रिपोर्ट पर सीएमओ ने की कार्रवाही 
विज्ञापन

- जांच में अन्य कर्मचारियों की भी फंस सकती है गर्दन 

कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सीएचसी में तैनात बाबू का वेतन रोक दिया गया, जबकि वर्षों से तैनात डार्क रूम असिस्टेंट का तबादला मोहम्मदी सीएचसी में किया गया है। जांच अधिकारी डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जांच में अन्य कर्मचारियों की भी गर्दन फंस सकती है।
सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने मार्च महीने में सीएचसी में तैनात बाबू सुनीत श्रीवास्तव, डार्क असिस्टेंट रामाशीष, बीएम राहुल, डाटा आपरेटर शिप्रा और फार्मेसिस्ट बीएन सिंह के खिलाफ कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए डीएम और सीएमओ को एक रिपोर्ट भेजी थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ के आदेश पर डिप्टी सीएमओ ने बीबीराम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने, प्रसव के दौरान काम न करने वाली आशा बहुओं के खाते में पैसा भिजवाने, प्रसूताओं को एक साल से पंजीरी की धनराशि न मिलने का दोषी पाया। इसके अलावा डिप्टी सीएमओ ने बाबू सुनीत श्रीवास्तव से अपना पक्ष रखने को कहा। बाबू ने करीब दो सप्ताह का समय मांगा। बीबीराम ने पांच मई तक का समय दिया, लेकिन बाबू नहीं आया। जांच पूरी न होने जाने तक बाबू का वेतन सीएमओ ने रोक दिया है। वर्षों से तैनात होने के कारण रामाशीष का स्थानांतरण कर दिया गया है। 
विज्ञापन


मानदेय के लिए आशाएं कई बार कर चुकी हैं प्रदर्शन 
आशा बहुओं का डेढ़ साल से मानदेय और प्रसव के दौरान मिलने वाली धनराशि नहीं दी गई है। कई  बार आशा बहुओं ने सीएचसी पर प्रदर्शन और हंगामा भी किया, लेकिन नतीजा शून्य निकला है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं हुई सीएचसी की मरम्मत 
प्रति वर्ष सीएचसी की मरम्मत के लिए लाखों का बजट आता है। बजट आए हुए एक साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन सीएचसी की मरम्मत नहीं कराई गई। 

अभी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया जांच में सबसे अधिक लापरवाही बाबू की उजागर हुई है। बाबू का वेतन रोक दिया गया है। मामले की जांच पूरी होने तक रामाशीष का स्थानांतरण भी कर दिया गया है। जांच में डेटा आपरेटर समेत कई लोग घेरे में आ सकते हैं। जांच पूरी कर शीघ्र ही रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी। मरम्मत के लिए पिछले साल करीब तीन लाख रुपया आया था। मरम्मत न कराने की भी जांच कराई जाएगी। - डॉ बीबीराम, डिप्टी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed