लखीमपुर खीरी। सीएमओ के आश्वासन पर बकाया भुगतान आदि मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात आमरण अनशन तो खत्म कर दिया, लेकिन राज्य कर्मचारी का दिर्जा मिलने की मांग को लेकर धरना अभी जारी है। रविवार को भी सैकड़ों आशा कार्यकर्ता नसिरूद्दीन मौजी मैदान में धरने पर बैठी रहीं। भुगतान को लेकर सीएमओ ने अधीक्षकों से तो वहीं एसीएमओ व डीपीएम ने कांफ्रेंस कर सीएचसी पर तैनात बीसीपीएम व बैम से लंबित भुगतान संबंधी दस्तावेज तीन दिन में तलब किए हैं।
आशा उत्थान समिति के बैनर तले सैकड़ों आशा कार्यकर्ता बकाया भुगतान, राज्य कर्मचारी का दर्जा मिलने, रात में प्रसव कराने के लिए सीएचसी पहुंचने पर एक कमरा देने, रमियाबेहड़ सीएचसी में जांच के दौरान मिले दोषियों पर कार्रवाई करने आदि मांगों को लेकर धरना शुरू किया था। जिम्मेदारों के संज्ञान न लेने पर कुछ दिन बाद आमरण अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोगों की हालत तक बिगड़ गई। आमरण अनशन की सूचना सीएमओ सहित एसीएमओ डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. बीसी पंत, डॉ. अश्वनी कुमार एवं सदर एसडीएम ने जिला स्तर की मांगों का निराकरण करने का आश्वासन देकर राकेश तिवारी को जूस पिलाकर आमरण अनशन खत्म करा दिया, लेकिन राज्य कर्मचारी का दर्जा मिलने की मांग को लेकर नसिरूद्दीन मौजी मैदान में धरना अभी जारी है। इधर, सीएमओ ने अधीक्षकों से और एसीएमओ व डीपीएम ने बीसीपीएम एवं ब्लॉक एकाउंट मैनेजर से लंबित भुगतान, इंसेटिव संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। इसी के साथ रात में प्रसव के लिए सीएचसी पहुंचने पर आशा कार्यकर्ताओं को ठहरने के लिए एक कमरा मुहैया कराने का आदेश जारी कर दिया है।