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राहगीरों के लिए खतरा बने स्पीड ब्रेकर
गोला गोकर्णनाथ
Updated Mon, 07 Dec 2015 06:58 PM IST
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लोक निर्माण विभाग नेशनल हाइवे के अभियंताओं की अनदेखी के कारण पीलीभीत बस्ती मार्ग पर नगर से दो किलोमीटर दूर गांव दतेली में बनाए गए स्पीड ब्रेकर राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता इरफान अहमद के अनुसार, एक हादसे के बाद ग्रामीणों के दबाव में ब्रेकर बनवा दिए गए थे, जिसे ठीक करा दिया जाएगा, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि इस बीच होने वाली दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन होगा? तो वह चुप्पी साध गए।
नगर से खुटार मार्ग स्थित दतेली गांव निवासी 13 वर्षीय दानिश को रविवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे गन्ना भरे ट्रक ने उस समय कुचल दिया था, जब वह साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। हादसे से गुस्साए लोग यहां स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग कर रहे थे। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का निर्माण हो रहा था, इसलिए लोगों ने ईंटें रखवाकर थोड़ी थोड़ी दूरी पर तीन स्पीड ब्रेकर बनवा दिए हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ के दबाव के कारण हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बनवाना पड़ा। इसे जल्दी ही ठीक करा दिया जाएगा, लेकिन एक दो दिन का समय लगेगा। हालांकि उन्होंने इसे अवैध बताते हुए कहा कि नियमानुसार नेशनल हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बन ही नहीं सकता है, लेकिन भीड़ को समझाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए मजबूरन जेई ने ऐसा किया।
डीएम किंजल सिंह ने कहा कि नेशनल हाइवे पर गति अवरोधक नहीं बनवा सकते। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अभी पूरे मामले को पता करके उसे ठीक कराया जाएगा।
इन हादसों से भी नहीं लिया सबक
रविवार को बेतरतीब ढंग से बनवाए गए स्पीड ब्रेकर के कारण दुर्घटनाएं शुरू हो गई, फिरभी विभाग ने कोई सबक नहीं लिया और सोमवार को भी स्पीड ब्रेकर बने रहे। काफी ऊंचाई का ब्रेकर होने के कारण गोला निवासी पियूष कुमार संसारपुर से लौटते समय बाइक के अचानक चढ़ने से अनियंत्रित होकर उछलकर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें काफी चोट आई। इसी तरह हैदराबाद के अजान निवासी श्यामू, नगर के गुप्ता कॉलोनी निवासी विजय गुप्ता, रामआसरे और रामकुमार समेत करीब छह लोग रविवार की शाम को इन स्पीड ब्रेकर के कारण हादसों का शिकार हुए।
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सिर्फ रम्बल स्ट्रिप का हो सकता है निर्माण
लोनिवि अधिशासी अभियंता इरफान अहमद बताते हैं कि नेशनल हाइवे पर सिर्फ रम्बल स्ट्रिप का निर्माण कराया जा सकता है। यह सड़क से मामूली ऊंची होती है और इसके दोनों तरफ लाल, सफेद और पीले रंग की रेडियम पट्टी डाली जाती है। रात के अंधेरे में वाहन की रोशनी पड़ने पर चालक अपने वाहन की गति धीमी कर लेता है।
यहां तो संकेत बोर्ड भी नहीं लगाया
हाइवे पर बनाए गए ब्रेकर से पूर्व गति अवरोधक का संकेत बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बन गई है।
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नगर से खुटार मार्ग स्थित दतेली गांव निवासी 13 वर्षीय दानिश को रविवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे गन्ना भरे ट्रक ने उस समय कुचल दिया था, जब वह साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। हादसे से गुस्साए लोग यहां स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग कर रहे थे। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का निर्माण हो रहा था, इसलिए लोगों ने ईंटें रखवाकर थोड़ी थोड़ी दूरी पर तीन स्पीड ब्रेकर बनवा दिए हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ के दबाव के कारण हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बनवाना पड़ा। इसे जल्दी ही ठीक करा दिया जाएगा, लेकिन एक दो दिन का समय लगेगा। हालांकि उन्होंने इसे अवैध बताते हुए कहा कि नियमानुसार नेशनल हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बन ही नहीं सकता है, लेकिन भीड़ को समझाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए मजबूरन जेई ने ऐसा किया।
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डीएम किंजल सिंह ने कहा कि नेशनल हाइवे पर गति अवरोधक नहीं बनवा सकते। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अभी पूरे मामले को पता करके उसे ठीक कराया जाएगा।
इन हादसों से भी नहीं लिया सबक
रविवार को बेतरतीब ढंग से बनवाए गए स्पीड ब्रेकर के कारण दुर्घटनाएं शुरू हो गई, फिरभी विभाग ने कोई सबक नहीं लिया और सोमवार को भी स्पीड ब्रेकर बने रहे। काफी ऊंचाई का ब्रेकर होने के कारण गोला निवासी पियूष कुमार संसारपुर से लौटते समय बाइक के अचानक चढ़ने से अनियंत्रित होकर उछलकर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें काफी चोट आई। इसी तरह हैदराबाद के अजान निवासी श्यामू, नगर के गुप्ता कॉलोनी निवासी विजय गुप्ता, रामआसरे और रामकुमार समेत करीब छह लोग रविवार की शाम को इन स्पीड ब्रेकर के कारण हादसों का शिकार हुए।
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सिर्फ रम्बल स्ट्रिप का हो सकता है निर्माण
लोनिवि अधिशासी अभियंता इरफान अहमद बताते हैं कि नेशनल हाइवे पर सिर्फ रम्बल स्ट्रिप का निर्माण कराया जा सकता है। यह सड़क से मामूली ऊंची होती है और इसके दोनों तरफ लाल, सफेद और पीले रंग की रेडियम पट्टी डाली जाती है। रात के अंधेरे में वाहन की रोशनी पड़ने पर चालक अपने वाहन की गति धीमी कर लेता है।
यहां तो संकेत बोर्ड भी नहीं लगाया
हाइवे पर बनाए गए ब्रेकर से पूर्व गति अवरोधक का संकेत बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बन गई है।