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सभी एसडीएम ने सीएचसी पर की छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:36 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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कई अधीक्षक और चिकित्साधिकारी मिले गायब
डीएम के निर्देश पर एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने सीएचसी और पीएचसी में छापेमारी की, इस दौरान सीएचसी में 10 और पीएचसीज में तीन डॉक्टर/कर्मचारी नदारद मिले। परिसर और वार्ड में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। निरीक्षण में सीएचसी अधीक्षक कमलेश नरायन, चिकित्साधिकारी शरद वर्मा, डॉ गौरव खन्ना, डीईओ अंशिका सिंह, एलए विनोद कुमार, आरएन टीसीटी नीतेश श्रीवास्तव, टेक्नीशियन सुशील चौधरी, ओटीए रामप्रकाश रावत, स्टाफ नर्स सरिता वर्मा, एससीएल गीताराम अनुपस्थित मिले। पीएचसी में एलए मनोज गौड़, एएमओ राजेश कुमार और रजिया तबस्सुम अनुपस्थित मिलीं। एसडीएम ने गंदगी मिलने पर पीएचसी प्रभारी डॉ डीके वर्मा को सुधार के निर्देश दिए। सीएचसी डॉक्टर अजय वर्मा ने बताया कि अधीक्षक और चिकित्साधिकारी सीएल पर हैं।
बांकेगंज। एसडीएम गोला घनश्याम त्रिपाठी ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, तो अधीक्षक, दो डॉक्टरों सहित एक दर्जन से अधिक कर्मचारी गैरहाजिर मिले। उपस्थित पंजिका में कैजुअल लीव के प्रार्थना पत्रों का अंबार मिला। जब एसडीएम ने संबंधित रजिस्टर मांगा, तो वहां मौजूद कर्मचारी बगलें झांकने लगे। सीएचसी में चिकित्सक के नाम पर संविदा डॉक्टर विकास गिरी, डॉ सुनील वर्मा मिले। उन्होंने लेबर रूम, जच्चा-बच्चा वार्ड, शौचालय साफ मिलने पर स्टाफ नर्स अनुजा की हौसला अफजाई की। प्रसूता महिलाओं को पांच महीने से पेमेंट नहीं मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई।
मितौली। एसडीएम मितौली सैमुअल पॉल और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उपस्थिति रजिस्टर, साफ-सफाई, औषधि भंडार, लेबर रूम को देखा। अस्पताल में फैली गंदगी और फर्श पर बैठे मरीज देखकर नाराजगी जताई। डॉक्टर तथा अन्य कर्मचारी अपने नियत स्थान पर न होकर कैंपस में घूमते मिले। इस पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई तथा जल्द सुधार की चेतावनी दी। एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी डॉ एएन सिंह को पिछले चार दिनों से अनुपस्थित होने पर वेतन रोकने की संस्तुति की।
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पलियाकलां। एसडीएम शादाब असलम ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जिसमें सबकुछ ठीक ठाक मिला। यहां पर 28 मरीजों के पर्चे बने मिले। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों के कक्षों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। सभी कक्षों में डॉक्टर मरीजों को देखते मिले। इसके बाद एसडीएम ने स्टॉक के बारे में पूछताछ की। साथ ही कंप्यूटर कक्ष, वार्डों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ जितेंद्र पाल, डॉ वीपी सिंह, डॉ एमके शुक्ला, डॉ वीवी मौर्या, डॉ एसआर वर्मा समेत अन्य कर्मचारी स्टाफ मौजूद रहा।
मोहम्मदी। एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार सुबह सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जहां डिलीवरी रूम, स्टाक रूम, पंजीकरण रजिस्टर की जांच की। उन्होंने सीएचसी परिसर में फैली गंदगी, पानी तथा गंदे बेड मिलने पर नाराजगी जताई। इसके अलावा सीएचसी में करीब एक माह पूर्व अस्पताल के बरामदे में ही डिलीवरी होने के मामले में शिकायत पर हुई कार्रवाई की बावत जानकारी ली।
बिजुआ। तहसीलदार गोला अशोक यादव ने बिजुआ सीएचसी का निरीक्षण किया। अस्पताल में एक डॉक्टर समेत दो कर्मचारी नदारद मिले। बेड से चादरें गायब मिलने पर तहसीलदार ने पूछताछ की, तो बताया गया कि चादरें धुलाई के लिए दी गईं हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दिया जाने वाला नाश्ता एवं भोजन एक महीने से बंद है, लेकिन तहसीलदार का ध्यान इस ओर गया ही नहीं। मरीजों ने बताया कि तहसीलदार ने प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में नहीं पूछा।
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डीएम के निर्देश पर एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने सीएचसी और पीएचसी में छापेमारी की, इस दौरान सीएचसी में 10 और पीएचसीज में तीन डॉक्टर/कर्मचारी नदारद मिले। परिसर और वार्ड में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। निरीक्षण में सीएचसी अधीक्षक कमलेश नरायन, चिकित्साधिकारी शरद वर्मा, डॉ गौरव खन्ना, डीईओ अंशिका सिंह, एलए विनोद कुमार, आरएन टीसीटी नीतेश श्रीवास्तव, टेक्नीशियन सुशील चौधरी, ओटीए रामप्रकाश रावत, स्टाफ नर्स सरिता वर्मा, एससीएल गीताराम अनुपस्थित मिले। पीएचसी में एलए मनोज गौड़, एएमओ राजेश कुमार और रजिया तबस्सुम अनुपस्थित मिलीं। एसडीएम ने गंदगी मिलने पर पीएचसी प्रभारी डॉ डीके वर्मा को सुधार के निर्देश दिए। सीएचसी डॉक्टर अजय वर्मा ने बताया कि अधीक्षक और चिकित्साधिकारी सीएल पर हैं।
बांकेगंज। एसडीएम गोला घनश्याम त्रिपाठी ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, तो अधीक्षक, दो डॉक्टरों सहित एक दर्जन से अधिक कर्मचारी गैरहाजिर मिले। उपस्थित पंजिका में कैजुअल लीव के प्रार्थना पत्रों का अंबार मिला। जब एसडीएम ने संबंधित रजिस्टर मांगा, तो वहां मौजूद कर्मचारी बगलें झांकने लगे। सीएचसी में चिकित्सक के नाम पर संविदा डॉक्टर विकास गिरी, डॉ सुनील वर्मा मिले। उन्होंने लेबर रूम, जच्चा-बच्चा वार्ड, शौचालय साफ मिलने पर स्टाफ नर्स अनुजा की हौसला अफजाई की। प्रसूता महिलाओं को पांच महीने से पेमेंट नहीं मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई।
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मितौली। एसडीएम मितौली सैमुअल पॉल और तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उपस्थिति रजिस्टर, साफ-सफाई, औषधि भंडार, लेबर रूम को देखा। अस्पताल में फैली गंदगी और फर्श पर बैठे मरीज देखकर नाराजगी जताई। डॉक्टर तथा अन्य कर्मचारी अपने नियत स्थान पर न होकर कैंपस में घूमते मिले। इस पर उन्होंने सीएचसी प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई तथा जल्द सुधार की चेतावनी दी। एसडीएम ने सीएचसी प्रभारी डॉ एएन सिंह को पिछले चार दिनों से अनुपस्थित होने पर वेतन रोकने की संस्तुति की।
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पलियाकलां। एसडीएम शादाब असलम ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जिसमें सबकुछ ठीक ठाक मिला। यहां पर 28 मरीजों के पर्चे बने मिले। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों के कक्षों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। सभी कक्षों में डॉक्टर मरीजों को देखते मिले। इसके बाद एसडीएम ने स्टॉक के बारे में पूछताछ की। साथ ही कंप्यूटर कक्ष, वार्डों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ जितेंद्र पाल, डॉ वीपी सिंह, डॉ एमके शुक्ला, डॉ वीवी मौर्या, डॉ एसआर वर्मा समेत अन्य कर्मचारी स्टाफ मौजूद रहा।
मोहम्मदी। एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह ने शनिवार सुबह सीएचसी का औचक निरीक्षण किया, जहां डिलीवरी रूम, स्टाक रूम, पंजीकरण रजिस्टर की जांच की। उन्होंने सीएचसी परिसर में फैली गंदगी, पानी तथा गंदे बेड मिलने पर नाराजगी जताई। इसके अलावा सीएचसी में करीब एक माह पूर्व अस्पताल के बरामदे में ही डिलीवरी होने के मामले में शिकायत पर हुई कार्रवाई की बावत जानकारी ली।
बिजुआ। तहसीलदार गोला अशोक यादव ने बिजुआ सीएचसी का निरीक्षण किया। अस्पताल में एक डॉक्टर समेत दो कर्मचारी नदारद मिले। बेड से चादरें गायब मिलने पर तहसीलदार ने पूछताछ की, तो बताया गया कि चादरें धुलाई के लिए दी गईं हैं। जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दिया जाने वाला नाश्ता एवं भोजन एक महीने से बंद है, लेकिन तहसीलदार का ध्यान इस ओर गया ही नहीं। मरीजों ने बताया कि तहसीलदार ने प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में नहीं पूछा।