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आदेशों की अवहेलना में शिक्षिका बर्खास्त

Sat, 03 Jan 2015 05:35 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 03 Jan 2015 05:35 PM IST
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aadeashon ko avhailana naib shikshika barkhast
विद्यालय में नियमित उपस्थित न रहने एवं विभागीय आदेशों की निरंतर अवहेलना करने के आरोपों की जांच में पुष्टि होने के बाद बीएसए डॉ.ओपी राय ने विकास खंड पलिया के प्राथमिक विद्यालय नगर की सहायक अध्यापिका सरिता सोनकर की सेवा समाप्त कर दी है। बीएसए ने इस आशय की सूचना निदेशक बेसिक शिक्षा सहित विभिन्न अधिकारियों को दे दी है।
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बीएसए डॉ.ओपी राय ने बताया कि सरिता सोनकर की नियुक्तिा प्राथमिक विद्यालय नगला में 10 फरवरी 2009 को हुई थी। तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी सुरेशपाल की आख्या के बाद खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय केशवराम मिश्रा और रमेश पंकज से जांच कराई गई।
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जांच आख्या में यह बात सामने आई कि शिक्षिका सरिता सोनकर कार्यभार ग्रहण करने के बाद विद्यालय में कभी भी नियमित उपस्थित नहीं रहीं। इस संबंध में शिक्षिका को विभाग द्वारा कई नोटिस दी गईं, लेकिन शिक्षिका विभाग को गुमराह करती रही। 16 जुलाई 2009 को सरिता सोनकर को निलंबित किया गया।
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निलंबन के बाद बहाल किया गया बहाली के बाद शिक्षिका ने कार्य भार ग्रहण किया और फिर विद्यालय से अनुपस्थित रहने लगी। बीएसए ने बताया कि शिक्षिका के प्रत्यावेदन पर सहानुभूति प्रकट करते हुए शिक्षिका को नियमित उपस्थिति के आधार पर अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी गई कि भविष्य में कार्य के प्रति उदासीनता नहीं बरतेगा और अधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना पाए जाने पर उसकी सेवा समाप्ति के अलावा अन्य कोई विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। आदेश के साथ ही वेतन आहरण की अनुमति दी गई इस आदेश के बावजूद शिक्षिका ने विद्यालय में नियमित उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। बीएसए ने बताया कि जांच के बाद स्पष्ट हो गया कि सरिता सोनकर सेवा में आने के बाद या तो अवैधानिक अवकाश पर रहीं या बिनी किसी सूचना के गायब रहीं।
सरिता सोनकर का विद्यालय में कार्यरत रहने का वस्तुत: कोई लाभ विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों एवं विद्यालय को प्राप्त नहीं हो रहा है। निर्देशों के बावजूद सरिता सोनकर ने न तो कोई उत्तर दिया और न ही अपनी कार्य प्रणाली में कोई सुधार किया। सरिता सोनकर किसी भी स्थिति में सहानुभूति की पात्र नहीं हैं, इनके सेवा में बने रहने से विद्यालय एवं छात्रहित बाधित हो रहा है और विभाग की छवि धूमिल हो रही है।

बीएसए ने शिक्षिका सरिता सोनकर का उक्त कृत्य घोर अनुशासनहीनता एवं कर्मचारी सेवा नियमावली के विपरीत मानते हुए सरिता सोनकर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।

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