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सांसद दफ्तर के सामने डामर तोड़कर सिर्फ एक गड्ढा भरा
Updated Sat, 08 Jul 2017 04:23 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गड्ढा मुक्त सड़कों के आदेश की हकीकत देखनी हो तो भाजपा सांसद अजय मिश्र टेनी के दफ्तर के सामने से होकर निकल जाइए। आलम यह है कि इस गड्ढायुुक्त सड़क की चर्चा आम होने के बाद नगर पालिका परिषद ने डॉमर तोड़कर गड्ढे में इंटरलॉक ईंट तो लगा दी, बाकी सड़क वैसे ही छोड़ दी है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया था। शहर में नगर पालिका परिषद ने 38.59 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। अभियान की समय सीमा पूरी हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक भाजपा सांसद के कार्यालय के सामने से निकली कचहरी रोड गड्ढामुक्त नहीं हो सकी है। आलम यह है कि संसदीय कार्यालय के ठीक समने ही सड़क में काफी गड्ढे हैं। अमर उजाला ने गड्ढामुक्त सड़कों पर अभियान चलाया और इस सड़क की भी समस्या उठाई। नगर पालिका परिषद ने इस सड़क पर महज गड्ढे को इंटरलॉक ईंट से भर दिया, लेकिन बाकी सड़क वैसे ही छोड़ दी। खास बात यह है कि तारकोल (डॉमर) वाली इस सड़क के एक गड्ढे को भरने के लिए न सिर्फ डॉमर को उखाड़ा गया, बल्कि उसमें तारकोल और गिट्टी की जगह इंटरलॉक ईंट भर दी, जबकि पूरी सड़क जर्जर होने के कारण लोगों की समस्या बरकरार है।
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वर्जन....
शहर की सभी सड़कें गड्ढामुक्त होनी हैं। अभी मुश्किल से 50 फीसदी ही काम हुआ है। एक गड्ढा भरने का कोई औचित्य नहीं है। पूरी सड़क जैसी बनी है, वैसी ही बनाई जाएगी। वह मामले को दिखवाएंगे और सड़क को दुरुस्त कराएंगे।
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-अवनींद्र कुमार, ईओ-नगर पालिका परिषद, लखीमपुर
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गड्ढा मुक्त सड़कों के आदेश की हकीकत देखनी हो तो भाजपा सांसद अजय मिश्र टेनी के दफ्तर के सामने से होकर निकल जाइए। आलम यह है कि इस गड्ढायुुक्त सड़क की चर्चा आम होने के बाद नगर पालिका परिषद ने डॉमर तोड़कर गड्ढे में इंटरलॉक ईंट तो लगा दी, बाकी सड़क वैसे ही छोड़ दी है।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया था। शहर में नगर पालिका परिषद ने 38.59 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। अभियान की समय सीमा पूरी हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक भाजपा सांसद के कार्यालय के सामने से निकली कचहरी रोड गड्ढामुक्त नहीं हो सकी है। आलम यह है कि संसदीय कार्यालय के ठीक समने ही सड़क में काफी गड्ढे हैं। अमर उजाला ने गड्ढामुक्त सड़कों पर अभियान चलाया और इस सड़क की भी समस्या उठाई। नगर पालिका परिषद ने इस सड़क पर महज गड्ढे को इंटरलॉक ईंट से भर दिया, लेकिन बाकी सड़क वैसे ही छोड़ दी। खास बात यह है कि तारकोल (डॉमर) वाली इस सड़क के एक गड्ढे को भरने के लिए न सिर्फ डॉमर को उखाड़ा गया, बल्कि उसमें तारकोल और गिट्टी की जगह इंटरलॉक ईंट भर दी, जबकि पूरी सड़क जर्जर होने के कारण लोगों की समस्या बरकरार है।
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शहर की सभी सड़कें गड्ढामुक्त होनी हैं। अभी मुश्किल से 50 फीसदी ही काम हुआ है। एक गड्ढा भरने का कोई औचित्य नहीं है। पूरी सड़क जैसी बनी है, वैसी ही बनाई जाएगी। वह मामले को दिखवाएंगे और सड़क को दुरुस्त कराएंगे।
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-अवनींद्र कुमार, ईओ-नगर पालिका परिषद, लखीमपुर