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वाहन से टकराकर सेही की मौत
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गोला गोकर्णनाथ। वन क्षेत्र की रजानगर बीट में एक सेही की किसी वाहन से टकराकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने उसे दफना दिया है।
रजानगर बीट के निपनियां गांव में जितेंद्र सिंह चौहान के मकान के पास घायल अवस्था में सेही देखी गई, जिसको देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घायल सेही के बारे में ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। वन दरोगा बृजेश सिंह ने वन विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बीट के वन रक्षक अशोक वर्मा को सूचना के बाद उनके न पहुंचने तक सेही के नुकीले कांटे सड़क पर बिखर गए, जिन्हें ग्रामीण उठा ले गए। वन दरोगा बृजेश सिंह ने बताया कि सेही के कांटों में अंधविश्वास पैदा करने के लिए भ्रांति होती है कि सेही के कांटों को किसी दुश्मन के घर में गाड़ दिया जाए तो उस घर में लड़ाई झगड़ा और अशांति पैदा हो जाती है। वन कर्मियों ने सेही को ग्रामीणों के सहयोग से दफनवा दिया है।
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रजानगर बीट के निपनियां गांव में जितेंद्र सिंह चौहान के मकान के पास घायल अवस्था में सेही देखी गई, जिसको देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घायल सेही के बारे में ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। वन दरोगा बृजेश सिंह ने वन विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बीट के वन रक्षक अशोक वर्मा को सूचना के बाद उनके न पहुंचने तक सेही के नुकीले कांटे सड़क पर बिखर गए, जिन्हें ग्रामीण उठा ले गए। वन दरोगा बृजेश सिंह ने बताया कि सेही के कांटों में अंधविश्वास पैदा करने के लिए भ्रांति होती है कि सेही के कांटों को किसी दुश्मन के घर में गाड़ दिया जाए तो उस घर में लड़ाई झगड़ा और अशांति पैदा हो जाती है। वन कर्मियों ने सेही को ग्रामीणों के सहयोग से दफनवा दिया है।