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नए साल के जश्न में डूबने को देशी व विदेशी सैलानियों का दुधवा में जमावड़ा
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:17 PM IST
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दुध्ावा
- फोटो : अमर उजाला
पलियाकलां।
दुधवा नेशनल पार्क में नवीन सत्र के बाद से ही सैलानी अच्छी खासी तादाद में जंगल भ्रमण को पहुंचने लगे थे। दिसंबर माह शुरू होते ही उनके आने का सिलसिला और भी बढ़ गया। आलम यह है कि नया साल मनाने के लिए यहां पर पांच जनवरी तक सभी हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इसी के चलते फिलहाल ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी गई है। नए साल में दुधवा के अलौकिक वातावरण को देखने के लिए देशी के साथ ही विदेशी भी यहां पहुंचतेे हैं, जिन्होंने शुक्रवार को भी जंगल का भ्रमण किया। जंगल का भ्रमण करने के बाद वह काफी खुशी भी नजर आए।
बता दें कि हर वर्ष की तरह इस बार भी दुधवा नेशनल पार्क में नया साल मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की तादाद काफी ज्यादा है। नए साल के लिए दुधवा में बने 14 हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है, जबकि डॉरमेट्री भी पूरी तरफ से हाउसफुल है। पार्क सूत्रों की मानें तो पांच जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क पूरी तरह से फुल है। दुधवा नेशनल पार्क का नवीन सत्र 15 नवंबर से शुरू हुआ था। इस दौरान यहां पर 15 नवंबर से 27 दिसंबर तक 4890 देशी व 14 विदेशियों ने पार्क का भ्रमण किया है। पार्क अधिकारियों की मानें तो नए साल में पांच जनवरी तक सैलानियों की संख्या पांच हजार के पार कर जाएगी। इससे पार्क प्रशासन भी काफी खुश नजर आ रहा है।
बाघ के दीदार न होने का मलाल, पक्षियों का स्वच्छंद विचरण मन भाया
देशी व विदेशी सैलानियों ने शुक्रवार को दुधवा का दीदार किया। यह सैलानी नए साल तक यहीं रुककर जंगल का भ्रमण करेंगें। डेनमार्क के डोमिश शहर से आए विदेशी सैलानी कोरेन लैस, एरिजन, कोरेन जोवथन लुका व कोरेन निव्स ने जंगल का भ्रमण किया। वहीं लखनऊ के शिव कुमार गुप्ता, रंजना गुप्ता, चेतना गुप्ता, नितिन गुप्ता से शाहजहांपुर से विजय श्रीवास्तव, शीलू श्रीवास्तव, रागिनी श्रीवास्तव ने जंगल घूमा। जंगल भ्रमण में इनको बाघ के दीदार न होने का मलाल भी हुआ। हालांकि उन्होंने हाथी, हिरन तथा अन्य दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को स्वच्छंद विचरण करते हुए देखना उनके मन भा गया।
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दुधवा ही नहीं आसपास के होटलों में भी ठहरे हैं सैलानी
दुधवा के हाउस फुल होने के कारण नए साल का जश्न मनाने आए सैलानी दुधवा के अलावा कस्बा पलिया और आसपास के होटलों में भी ठहरे हुए हैं। वह यहां से दुधवा आते हैं और जंगल का भ्रमण कर वापस लौट जाते हैं।
ऐसे पहुंचे दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए लखनऊ से लखीमपुर होते हुए सीधे पलिया आया जा सकता है। इसके अलावा दूरदराज से आने वाले सैलानियों के लिए शाहजहांपुर से पलिया, लखीमपुर से पलिया, लखनऊ से पलिया के अलावा बसों की सुविधा ही यहां पर उपलब्ध है। पलिया पहुंचने के बाद आसानी से दुधवा पहुंचा जा सकता है।
शांत वातावरण करता है विदेशियों को आकर्षित
दुधवा नेशनल पार्क का अलौकिक और शांत वातावरण देशी के साथ ही विदेशी सैलानियों को आकर्षित करता है। वहीं जंगल में स्वच्छंद विचरण करते जीव जंतुओं को देखकर भी सैलानी काफी रोमांचित होते हैं। डेनमार्क के डोमिश शहर से आए कोरेन लैस ने बताया कि जंगल के अंदर का वातावरण ही उनको आकर्षित करता है। वह अपने परिवार के साथ यहां पर जंगल के अंदर का रोमांच महसूस करने दुधवा आए हैं।
नए साल पर इस बार बढ़ेगी सैलानियों की संख्या
पर्यटन रेंजर रामप्यारे ने बताया कि इस बार पांच जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क पूरी तरह से फुल है। इसमें 10 हटों की जहां ऑनलाइन बुकिंग होती है, वहीं चार हट यहीं पहुंच कर बुक किए जाते हैं। बताया कि विदेशी सैलानी भी यहां आ रहे हैं। एक जनवरी को यहां पर इस बार विदेशी सैलानियों की तादाद भी बढ़ सकती है। वहीं लोकल सैलानियों के ज्यादा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन जगहों की सैर देगी सकून
दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर हैवन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा झादी ताल, अमहा ताल के आसपास हिरन, पाढ़ा के झुंड, भीरा के पास स्थित किशनपुर सेंक्चुरी में बाघ, बारहसिंघा और गैंडों का स्वच्छंद विचरण देखने को मिल सकता है।
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दुधवा नेशनल पार्क में नवीन सत्र के बाद से ही सैलानी अच्छी खासी तादाद में जंगल भ्रमण को पहुंचने लगे थे। दिसंबर माह शुरू होते ही उनके आने का सिलसिला और भी बढ़ गया। आलम यह है कि नया साल मनाने के लिए यहां पर पांच जनवरी तक सभी हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। इसी के चलते फिलहाल ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी गई है। नए साल में दुधवा के अलौकिक वातावरण को देखने के लिए देशी के साथ ही विदेशी भी यहां पहुंचतेे हैं, जिन्होंने शुक्रवार को भी जंगल का भ्रमण किया। जंगल का भ्रमण करने के बाद वह काफी खुशी भी नजर आए।
बता दें कि हर वर्ष की तरह इस बार भी दुधवा नेशनल पार्क में नया साल मनाने के लिए आने वाले सैलानियों की तादाद काफी ज्यादा है। नए साल के लिए दुधवा में बने 14 हटों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है, जबकि डॉरमेट्री भी पूरी तरफ से हाउसफुल है। पार्क सूत्रों की मानें तो पांच जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क पूरी तरह से फुल है। दुधवा नेशनल पार्क का नवीन सत्र 15 नवंबर से शुरू हुआ था। इस दौरान यहां पर 15 नवंबर से 27 दिसंबर तक 4890 देशी व 14 विदेशियों ने पार्क का भ्रमण किया है। पार्क अधिकारियों की मानें तो नए साल में पांच जनवरी तक सैलानियों की संख्या पांच हजार के पार कर जाएगी। इससे पार्क प्रशासन भी काफी खुश नजर आ रहा है।
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बाघ के दीदार न होने का मलाल, पक्षियों का स्वच्छंद विचरण मन भाया
देशी व विदेशी सैलानियों ने शुक्रवार को दुधवा का दीदार किया। यह सैलानी नए साल तक यहीं रुककर जंगल का भ्रमण करेंगें। डेनमार्क के डोमिश शहर से आए विदेशी सैलानी कोरेन लैस, एरिजन, कोरेन जोवथन लुका व कोरेन निव्स ने जंगल का भ्रमण किया। वहीं लखनऊ के शिव कुमार गुप्ता, रंजना गुप्ता, चेतना गुप्ता, नितिन गुप्ता से शाहजहांपुर से विजय श्रीवास्तव, शीलू श्रीवास्तव, रागिनी श्रीवास्तव ने जंगल घूमा। जंगल भ्रमण में इनको बाघ के दीदार न होने का मलाल भी हुआ। हालांकि उन्होंने हाथी, हिरन तथा अन्य दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को स्वच्छंद विचरण करते हुए देखना उनके मन भा गया।
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दुधवा ही नहीं आसपास के होटलों में भी ठहरे हैं सैलानी
दुधवा के हाउस फुल होने के कारण नए साल का जश्न मनाने आए सैलानी दुधवा के अलावा कस्बा पलिया और आसपास के होटलों में भी ठहरे हुए हैं। वह यहां से दुधवा आते हैं और जंगल का भ्रमण कर वापस लौट जाते हैं।
ऐसे पहुंचे दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए लखनऊ से लखीमपुर होते हुए सीधे पलिया आया जा सकता है। इसके अलावा दूरदराज से आने वाले सैलानियों के लिए शाहजहांपुर से पलिया, लखीमपुर से पलिया, लखनऊ से पलिया के अलावा बसों की सुविधा ही यहां पर उपलब्ध है। पलिया पहुंचने के बाद आसानी से दुधवा पहुंचा जा सकता है।
शांत वातावरण करता है विदेशियों को आकर्षित
दुधवा नेशनल पार्क का अलौकिक और शांत वातावरण देशी के साथ ही विदेशी सैलानियों को आकर्षित करता है। वहीं जंगल में स्वच्छंद विचरण करते जीव जंतुओं को देखकर भी सैलानी काफी रोमांचित होते हैं। डेनमार्क के डोमिश शहर से आए कोरेन लैस ने बताया कि जंगल के अंदर का वातावरण ही उनको आकर्षित करता है। वह अपने परिवार के साथ यहां पर जंगल के अंदर का रोमांच महसूस करने दुधवा आए हैं।
नए साल पर इस बार बढ़ेगी सैलानियों की संख्या
पर्यटन रेंजर रामप्यारे ने बताया कि इस बार पांच जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क पूरी तरह से फुल है। इसमें 10 हटों की जहां ऑनलाइन बुकिंग होती है, वहीं चार हट यहीं पहुंच कर बुक किए जाते हैं। बताया कि विदेशी सैलानी भी यहां आ रहे हैं। एक जनवरी को यहां पर इस बार विदेशी सैलानियों की तादाद भी बढ़ सकती है। वहीं लोकल सैलानियों के ज्यादा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इन जगहों की सैर देगी सकून
दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर हैवन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इसके अलावा झादी ताल, अमहा ताल के आसपास हिरन, पाढ़ा के झुंड, भीरा के पास स्थित किशनपुर सेंक्चुरी में बाघ, बारहसिंघा और गैंडों का स्वच्छंद विचरण देखने को मिल सकता है।