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एपी बांध पर ठोकर न बनने से बढ़ा कटान का खतरा

Tue, 28 Jun 2022 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2022 11:21 PM IST
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एपी बाँध की ठोकर पुनर्स्थापना का निर्माण कार्य जारी।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
एपी बांध पर ठोकर न बनने से बढ़ा कटान का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। एपी बांध पर बिनटोली गांव के सामने ठोकर न बनने से बाढ़ का खतरा लोगों को सता रहा है। पिछले साल गंडक में आई बाढ़ से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी गंडक में पानी में बढ़ने पर भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
एपी बांध पर आठ करोड़ 53 लाख तीन हजार की लागत की ठोकर पुनर्स्थापना कार्य की मंजूरी वर्ष 2021 में मिली थी। लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। ठोकर के पुर्ननिर्माण का कार्य शिलान्यास तीन फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने किया था। एक साल बाद भी कार्य की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हैं।
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15 जून तक पूरा होना चाहिए था ठोकर निर्माण
एपी बाध पर बिनटोली गाव के सामने किमी 1.480 पर बना ठोकर जुलाई 2020 में गंडक नदी की कटान की जद में आकर बह गया था जिससे पूरे गांव में अफरातफरी मच गई थी। बाढ़ खंड के प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार ने जर्जर ठोकर के पुनर्स्थापना के लिए नाबार्ड से 8 करोड़ 53 लाख 03 हजार रुपये की मंजूरी दी। ठोकर (स्पर) के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। पूरे कार्य को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराया जाना था जिससे लखनऊ से भी इस काम पर नजर रखी जा सके। लेकिन विभागीय लापरवाही से वर्ष 2021 में निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। इस को पूरा कराने के लिए 15 जून 2022 की तारीख तय थी। लेकिन इस साल मार्च माह में इस ठोकर निर्माण कार्य शुरू कराया गया जो अभी तक चल रहा है। मौके पर स्लोप पिचिंग चल रही है। चंद्रदीप साहनी, ओमप्रकाश निषाद, प्रभुनाथ यादव, मथुरा सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि इस ठोकर की मजबूती पर ही चैनपट्टी, घघवा जगदीश, जवही दयाल, जंगलीपट्टी सहित कई गांवों की सुरक्षा निर्भर करती है। पिछले साल 15 जून के बाद ही गंडक नदी में चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ दिया गया था। इस साल अभी तक वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक में अधिक पानी नहीं छोड़ा गया है। इसलिए गांव सुरक्षित बच गए हैं। लेकिन खतरा टला नहीं है। इसी तरह की लापरवाही के चलते इस ठोकर के सौ मीटर आगे घघवा जगदीश के सामने 31 जुलाई 2007 को रात में एपी बाध टूट गया था, जिससे चालीस से अधिक गांव बह गए थे। इस संबंध में बाढ़ खंड के तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी ने बताया कि ठोकर का काम अंतिम चरण में है। इसे जल्द ही पूरा करा लिया जाएगा।
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