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समपार फाटक बंद करने के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा
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सुमही मोहनसिंह रेलवे फाटक की बंदी को लेकर एसडीएम से वार्ता करते पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू व अन
- फोटो : KUSHINAGAR
समपार फाटक बंद करने के विरोध में ग्रामीणों ने किया हंगामा
सेवरही क्षेत्र के सुमही मोहन सिंह गांव के पास समपार फाटक बंद कराने पहुंचे थे अधिकारी
तमकुहीरोड(कुशीनगर)। रेलवे स्टेशन से करीब तीन किमी पूरब सुमही मोहन सिंह गांव में स्थित समपार फाटक संख्या-32 को शनिवार को बंद कराने के लिए पहुंची रेलवे पुलिस और अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने फाटक बंद करने के विरोध में हंगामा किया।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक व ग्रामीणों का कहना था कि इस गांव में जाने का यही एक मात्र सड़क है। जब तक दूसरी सड़क का निर्माण व जलनिकासी की व्यवस्था रेलवे नहीं कर देता है, तब तक फाटक को बंद नहीं होने दिया जाएगा। शाम तक ग्रामीण व अधिकारी जमे रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।
तमकुहीराज के एसडीएम डॉ. सीएल सोनकर, तमकुहीरोड के पीडब्लूआई राकेश राव, आईओडब्ल्यू केएस लाल, आरपीएफ कप्तानगंज के इंस्पेक्टर दिवाकर सिंह, जीआरपी के एसआई अवधेश तिवारी, रेलवे विजिलेंस के एसआई रामाशंकर गुप्ता, सेवरही के एसओ आशुतोष कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव सहित रेलवे पुलिस समपार फाटक को बंद कराने पहुंची। इस बीच गांव के प्रधान प्रेम प्रकाश कुशवाहा, अरविंद शर्मा, दीपक वर्मा, मनोरंजन तिवारी, गोविंद वर्मा, बबलू कुमार, नियाज अहमद, सैफ अली, रामवृक्ष शर्मा, अजय वर्मा, एहसान अहमद, राहुल तिवारी, रवि वर्मा, अनिल वर्मा, इरफान अहमद, पवन सोनी, धीरज वर्मा सहित 300 से अधिक की संख्या में पुरुष व महिला एकत्र होकर गेट बंद करने का विरोध करने लगे।
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सूचना मिलते ही पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने ग्रामीणों की मांग को जायज बताया और अधिकारियों से गांववालों की मांग का निस्तारण होने तक फाटक को बंद नहीं करने को कहा। रेलवे के अधिकारियों ने रेल प्रशासन के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि वह गेट बंद करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन रेल लाइन के बगल में जो सड़क बन रही है, उसके पूर्ण होने और ज निकासी का प्रबंध होने तक गेट को बंद नहीं करने देंगे । करीब चार घंटे के हंगामे के बाद भी पूर्व विधायक के साथ ग्रामीण और रेलवे के अधिकारी मौके पर जमे रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक वह रेल फाटक के आसपास रहेंगे।
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सेवरही क्षेत्र के सुमही मोहन सिंह गांव के पास समपार फाटक बंद कराने पहुंचे थे अधिकारी
तमकुहीरोड(कुशीनगर)। रेलवे स्टेशन से करीब तीन किमी पूरब सुमही मोहन सिंह गांव में स्थित समपार फाटक संख्या-32 को शनिवार को बंद कराने के लिए पहुंची रेलवे पुलिस और अधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने फाटक बंद करने के विरोध में हंगामा किया।
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक व ग्रामीणों का कहना था कि इस गांव में जाने का यही एक मात्र सड़क है। जब तक दूसरी सड़क का निर्माण व जलनिकासी की व्यवस्था रेलवे नहीं कर देता है, तब तक फाटक को बंद नहीं होने दिया जाएगा। शाम तक ग्रामीण व अधिकारी जमे रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।
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तमकुहीराज के एसडीएम डॉ. सीएल सोनकर, तमकुहीरोड के पीडब्लूआई राकेश राव, आईओडब्ल्यू केएस लाल, आरपीएफ कप्तानगंज के इंस्पेक्टर दिवाकर सिंह, जीआरपी के एसआई अवधेश तिवारी, रेलवे विजिलेंस के एसआई रामाशंकर गुप्ता, सेवरही के एसओ आशुतोष कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव सहित रेलवे पुलिस समपार फाटक को बंद कराने पहुंची। इस बीच गांव के प्रधान प्रेम प्रकाश कुशवाहा, अरविंद शर्मा, दीपक वर्मा, मनोरंजन तिवारी, गोविंद वर्मा, बबलू कुमार, नियाज अहमद, सैफ अली, रामवृक्ष शर्मा, अजय वर्मा, एहसान अहमद, राहुल तिवारी, रवि वर्मा, अनिल वर्मा, इरफान अहमद, पवन सोनी, धीरज वर्मा सहित 300 से अधिक की संख्या में पुरुष व महिला एकत्र होकर गेट बंद करने का विरोध करने लगे।
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सूचना मिलते ही पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने ग्रामीणों की मांग को जायज बताया और अधिकारियों से गांववालों की मांग का निस्तारण होने तक फाटक को बंद नहीं करने को कहा। रेलवे के अधिकारियों ने रेल प्रशासन के आदेश का हवाला देते हुए उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि वह गेट बंद करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन रेल लाइन के बगल में जो सड़क बन रही है, उसके पूर्ण होने और ज निकासी का प्रबंध होने तक गेट को बंद नहीं करने देंगे । करीब चार घंटे के हंगामे के बाद भी पूर्व विधायक के साथ ग्रामीण और रेलवे के अधिकारी मौके पर जमे रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक वह रेल फाटक के आसपास रहेंगे।