{"_id":"6ae10aa152ed5bc2f10f3109","slug":"the-responsibility-for-organizing-the-event-lies-with-18-departments-while-arrangements-have-been-made-for-students-to-stay-at-two-schools-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-171079-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: 18 विभागों के जिम्मे आयोजन की व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए दो विद्यालयों में ठहरने का इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: 18 विभागों के जिम्मे आयोजन की व्यवस्था, विद्यार्थियों के लिए दो विद्यालयों में ठहरने का इंतजाम
विज्ञापन
युवा वैज्ञानिकों के स्वागत से ठहरने तक का प्लान तैयार, आयोजन स्थल पर जर्मन हैंगर लगने का काम शुरू
18 विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ आयोजन संस्था की बैठक,एयरटेल बिछाएगा नेटवर्क कनेक्शन
गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। सेवरही के रकबा जंगलीपट्टी में नारायणी के दियारे में होने वाली राष्ट्रीय मॉडल रॉकेट्री-कैनसैट प्रतियोगिता की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन स्थल पर जर्मन हैंगर लगाने का काम शुरू हो गया है। देशभर से आने वाले 600 से अधिक युवा वैज्ञानिकों के आवास, परिवहन, साफ-सफाई और संचार व्यवस्था की जिम्मेदारी तय की गई है। दो स्कूलों में ठहरने का इंतजाम किया गया है।
मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी एवं संपूर्ण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने सह-नोडल अधिकारी कुणाल गौरव के साथ 18 विभागों के नोडल अधिकारियों और आयोजन संस्था इन-स्पेस व डेवलपमेंट फाउंडेशन के सदस्यों के साथ जंगलीपट्टी पहुंचकर बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में देशभर से आने वाले 600 से अधिक युवा वैज्ञानिकों के आगमन, परिवहन, ठहरने, साफ-सफाई और संचार व्यवस्था पर चर्चा कर जिम्मेदारियों का वितरण किया गया।
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल आयोजन स्थल तक पहुंचना ही नहीं बल्कि वहां से सुरक्षित तरीके से आवास तक पहुंचाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में तय किया गया कि हवाई जहाज, रेलवे और बस से आने वाले विद्यार्थियों को रिसीव करने के लिए वालंटियर तैनात रहेंगे। ये वालंटियर विद्यार्थियों को संबंधित स्थानों से लेकर सुरक्षित तरीके से निर्धारित आवास तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
इसमें आवासन स्थल के लिए दो विद्यालय चयनित किए गए हैं। जिसमें एक में छात्र और एक के छात्राएं रहेंगी। यहां पूरे 24 घंटे तीन शिफ्ट में ड्यूटी रहेगी। विद्यार्थियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सफाई और शौचालय व्यवस्था पर विशेष जोर
आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव ने जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों से संपर्क कर पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। शौचालयों की व्यवस्था कुंभ आयोजन के मॉडल के आधार पर तैयार करने की बात कही गई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, मेंटर्स और आयोजन से जुड़े लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था अहम मानी जा रही है।
नेटवर्क की बाधा दूर करने की तैयारी
पिछले आयोजन के दौरान दियारा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इस बार संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एयरटेल की आईटी टीम से भी चर्चा हुई। टीम की ओर से बताया गया कि फिलहाल उनका कनेक्शन सेवरही तक है। आयोजन स्थल तक नेटवर्क पहुंचाने के लिए करीब पांच से छह किलोमीटर तक कनेक्शन बिछाने की जरूरत होगी। राष्ट्रीय मॉडल रॉकेट्री-कैनसैट प्रतियोगिता को लेकर आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग को दुरुस्त किया जाने लगा है। सेवरही से पिरोजहां होते हुए राजपुर बगहा, जीरो बांध के रास्ते जंगली पट्टी तक करीब छह किलोमीटर सड़क की पैचिंग कराई जा रही है। जीरो बांध के पास सड़क किनारे बिखरे बोल्डर हटा दिए गए हैं। जेसीबी से से सड़क के किनारे उगे झाड़ियों को साफ किया जा रहा है।
विज्ञापन
18 विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ आयोजन संस्था की बैठक,एयरटेल बिछाएगा नेटवर्क कनेक्शन
गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। सेवरही के रकबा जंगलीपट्टी में नारायणी के दियारे में होने वाली राष्ट्रीय मॉडल रॉकेट्री-कैनसैट प्रतियोगिता की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन स्थल पर जर्मन हैंगर लगाने का काम शुरू हो गया है। देशभर से आने वाले 600 से अधिक युवा वैज्ञानिकों के आवास, परिवहन, साफ-सफाई और संचार व्यवस्था की जिम्मेदारी तय की गई है। दो स्कूलों में ठहरने का इंतजाम किया गया है।
मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी एवं संपूर्ण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने सह-नोडल अधिकारी कुणाल गौरव के साथ 18 विभागों के नोडल अधिकारियों और आयोजन संस्था इन-स्पेस व डेवलपमेंट फाउंडेशन के सदस्यों के साथ जंगलीपट्टी पहुंचकर बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में देशभर से आने वाले 600 से अधिक युवा वैज्ञानिकों के आगमन, परिवहन, ठहरने, साफ-सफाई और संचार व्यवस्था पर चर्चा कर जिम्मेदारियों का वितरण किया गया।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए केवल आयोजन स्थल तक पहुंचना ही नहीं बल्कि वहां से सुरक्षित तरीके से आवास तक पहुंचाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में तय किया गया कि हवाई जहाज, रेलवे और बस से आने वाले विद्यार्थियों को रिसीव करने के लिए वालंटियर तैनात रहेंगे। ये वालंटियर विद्यार्थियों को संबंधित स्थानों से लेकर सुरक्षित तरीके से निर्धारित आवास तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
इसमें आवासन स्थल के लिए दो विद्यालय चयनित किए गए हैं। जिसमें एक में छात्र और एक के छात्राएं रहेंगी। यहां पूरे 24 घंटे तीन शिफ्ट में ड्यूटी रहेगी। विद्यार्थियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सफाई और शौचालय व्यवस्था पर विशेष जोर
आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव ने जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक प्रियदर्शी को निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों से संपर्क कर पानी और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। शौचालयों की व्यवस्था कुंभ आयोजन के मॉडल के आधार पर तैयार करने की बात कही गई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, मेंटर्स और आयोजन से जुड़े लोगों की मौजूदगी को देखते हुए स्वच्छता और पेयजल की व्यवस्था अहम मानी जा रही है।
नेटवर्क की बाधा दूर करने की तैयारी
पिछले आयोजन के दौरान दियारा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इस बार संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एयरटेल की आईटी टीम से भी चर्चा हुई। टीम की ओर से बताया गया कि फिलहाल उनका कनेक्शन सेवरही तक है। आयोजन स्थल तक नेटवर्क पहुंचाने के लिए करीब पांच से छह किलोमीटर तक कनेक्शन बिछाने की जरूरत होगी। राष्ट्रीय मॉडल रॉकेट्री-कैनसैट प्रतियोगिता को लेकर आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग को दुरुस्त किया जाने लगा है। सेवरही से पिरोजहां होते हुए राजपुर बगहा, जीरो बांध के रास्ते जंगली पट्टी तक करीब छह किलोमीटर सड़क की पैचिंग कराई जा रही है। जीरो बांध के पास सड़क किनारे बिखरे बोल्डर हटा दिए गए हैं। जेसीबी से से सड़क के किनारे उगे झाड़ियों को साफ किया जा रहा है।