{"_id":"6635522432de8302f40f0c74","slug":"srimad-bhagwat-katha-is-the-source-of-knowledge-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-116328-2024-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: ज्ञान का स्रोत है श्रीमद्भागवत कथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: ज्ञान का स्रोत है श्रीमद्भागवत कथा
Sat, 04 May 2024 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 04 May 2024 02:37 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। क्षेत्र के घोरघटिया में चल रहे नौ दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा के महात्म की कथा सुनाई गई गई। कथा वाचक शेषनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान का स्रोत है।
उन्होंने कथा का विस्तार करते हुए कहा कि भगवान के चरण रज से मनुष्य को मुक्ति मिलती है। भगवान के कृपा पात्र बनने की तीन मार्ग है। ज्ञान, भक्ति और बैराग। ज्ञान में अधिकार की आवश्यकता होती है। वैराग्य में पात्रता की और भक्ति में भाव की आवश्यकता होती है। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और उद्धव के प्रसंग की कथा विस्तार से सुनाई।
इस दौरान यजमान रघुनाथ तिवारी, पूर्व प्रधान प्रमोद तिवारी, दिनेश तिवारी, शिवपुजन, जयप्रकाश तिवारी, रजनीश तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, अनिरुद्ध तिवारी, सुनील तिवारी, रमेश तिवारी, विद्यापति तिवारी, झक्कड़ तिवारी, सुभाष तिवारी, व्यास तिवारी, युधिष्ठिर तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कथा का विस्तार करते हुए कहा कि भगवान के चरण रज से मनुष्य को मुक्ति मिलती है। भगवान के कृपा पात्र बनने की तीन मार्ग है। ज्ञान, भक्ति और बैराग। ज्ञान में अधिकार की आवश्यकता होती है। वैराग्य में पात्रता की और भक्ति में भाव की आवश्यकता होती है। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और उद्धव के प्रसंग की कथा विस्तार से सुनाई।
विज्ञापन
इस दौरान यजमान रघुनाथ तिवारी, पूर्व प्रधान प्रमोद तिवारी, दिनेश तिवारी, शिवपुजन, जयप्रकाश तिवारी, रजनीश तिवारी, प्रभुनाथ तिवारी, अनिरुद्ध तिवारी, सुनील तिवारी, रमेश तिवारी, विद्यापति तिवारी, झक्कड़ तिवारी, सुभाष तिवारी, व्यास तिवारी, युधिष्ठिर तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन