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Kushinagar News: साइबर ठगी के सरगना की तलाश, कारोबारी से पूछताछ
Wed, 05 Aug 2026 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:27 AM IST
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रामकोला। साइबर ठगी के मामले में लापता चल रहे मुख्य आरोपी श्याम कुमार केडिया और उसके सहयोगी विश्वजीत सिंह की तलाश में साइबर क्राइम सेल संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सोमवार देर शाम रामकोला और कुस्महा क्षेत्र में कई स्थानों पर दबिश दी गई। एक बड़े कारोबारी के प्रतिष्ठान और आवास पर भी टीम पहुंची तथा बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की। कारोबारी को कुछ अभिलेखों के साथ कार्यालय भी बुलाया गया है।
रामकोला कस्बे का श्याम कुमार केडिया साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जा रहा है। उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य काम करते थे। वहीं कुस्महा के सूरज पट्टी का विश्वजीत सिंह भी इस मामले में नामजद है। दोनों अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के दो गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क में हड़कंप है।
पुलिस अब लापता आरोपियों के करीबियों, परिचितों और उनके संभावित ठिकानों की भी निगरानी कर रही है। जांच एजेंसियां उनके वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की भी पड़ताल में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से 122 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में अब तक करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से इनके तार जुड़े होने के साक्ष्य सामने आए हैं।
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इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। साइबर क्राइम सेल की कार्रवाई के बाद रामकोला और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्यों को आर्थिक मदद, बैंक खाते या अन्य माध्यमों से किसने सहयोग दिया। इसके अलावा नोएडा में हुए फर्जीवाड़े में भी रामकोला थाना क्षेत्र के दो सगे भाईयों की तलाश में पुलिस आई थी और कोर्ट के आदेश पर नोटिस जारी किया।
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रामकोला कस्बे का श्याम कुमार केडिया साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का मुख्य संचालक माना जा रहा है। उसके इशारे पर गिरोह के अन्य सदस्य काम करते थे। वहीं कुस्महा के सूरज पट्टी का विश्वजीत सिंह भी इस मामले में नामजद है। दोनों अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के दो गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क में हड़कंप है।
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पुलिस अब लापता आरोपियों के करीबियों, परिचितों और उनके संभावित ठिकानों की भी निगरानी कर रही है। जांच एजेंसियां उनके वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की भी पड़ताल में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर देशभर से 122 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में अब तक करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से इनके तार जुड़े होने के साक्ष्य सामने आए हैं।
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इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। साइबर क्राइम सेल की कार्रवाई के बाद रामकोला और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्यों को आर्थिक मदद, बैंक खाते या अन्य माध्यमों से किसने सहयोग दिया। इसके अलावा नोएडा में हुए फर्जीवाड़े में भी रामकोला थाना क्षेत्र के दो सगे भाईयों की तलाश में पुलिस आई थी और कोर्ट के आदेश पर नोटिस जारी किया।