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रुपये के लिए युवक ने दे दी खुद के अपहरण की सूचना
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पिता ने हाटा कोतवाली को सूचना दी तो सक्रिय हुई पुलिस, सर्विलांस की मदद से गोरखपुर के एक होटल में मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा (कुशीनगर)। दो दिन पहले ससुराल से घर लौटते समय एक युवक ने खुद के अपहरण की फर्जी सूचना देकर घरवालों को सकते में डाल दिया। अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने के लिए अपने खाते में ससुराल वालों से 50 हजार रुपये भी मंगा लिए। मामला हाटा कोतवाली पुलिस तक पहुंचा तो सर्विलांस टीम को मोबाइल की लोकेशन गोरखपुर शहर में मिली। वहीं युवक खुद को बिहार के गोपालगंज में बंधक बता रहा था। पुलिस ने गोरखपुर के एक होटल से रविवार को युवक को पकड़कर ले आई। पूछताछ में उसने खुर्द के फर्जी अपहरण की जानकारी पुलिस को दी। इस प्रकरण में केस दर्ज कर पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया।
हाटा कोतवाली क्षेत्र के पटनी गांव निवासी आशीष मणि 10 जून को अपनी ससुराल चौरीचौरा थाना क्षेत्र के बिलारी गांव गया था। 11 जून को बाइक से घर के लिए निकला लेकिन पहुंचा नहीं। देर शाम अपने पिताजी के मोबाइल पर फोन कर सूचना दी कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और बिहार के गोपालगंज में बंधक बनाकर रखा है। युवक के पिता ने हाटा कोतवाली में बेटे के अपहरण की सूचना दी। उधर अपहृत युवक के ससुराल वालों को भी अपहरण की सूचना मिली। उनसे युवक ने अपने बैंक अकाउंट में तत्काल 50 हजार रुपये भेजने और न देने पर हत्या की भी बात कही। इस उसके खाते में रकम डाल दी गई। वहीं हाटा कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस सेल की मदद से छानबीन शुरू की। जांच में युवक का नंबर चालू मिला और लोकेशन गोरखपुर शहर में मिली।
हाटा कोतवाल जयप्रकाश पाठक के अनुसार युवक खुद को गोपालगंज (बिहार) में बंधक बता रहा था जबकि मोबाइल की लोकेशन गोरखपुर शहर मेें थी। पुलिस जब उस लोकेशन पर पहुंची तो पता चला कि युवक एक होटल में कमरा लेकर रुका है। पुलिस युवक को पकड़ कर हाटा कोतवाली ले आयी। रविवार की दोपहर में आरोपी युवक आशीष मणि के खिलाफ फर्जी सूचना देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। हाटा कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश पाठक ने बताया कि युवक ने रुपयों के लिए अपने अपहरण की फर्जी सूचना दी थी। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा (कुशीनगर)। दो दिन पहले ससुराल से घर लौटते समय एक युवक ने खुद के अपहरण की फर्जी सूचना देकर घरवालों को सकते में डाल दिया। अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने के लिए अपने खाते में ससुराल वालों से 50 हजार रुपये भी मंगा लिए। मामला हाटा कोतवाली पुलिस तक पहुंचा तो सर्विलांस टीम को मोबाइल की लोकेशन गोरखपुर शहर में मिली। वहीं युवक खुद को बिहार के गोपालगंज में बंधक बता रहा था। पुलिस ने गोरखपुर के एक होटल से रविवार को युवक को पकड़कर ले आई। पूछताछ में उसने खुर्द के फर्जी अपहरण की जानकारी पुलिस को दी। इस प्रकरण में केस दर्ज कर पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया।
हाटा कोतवाली क्षेत्र के पटनी गांव निवासी आशीष मणि 10 जून को अपनी ससुराल चौरीचौरा थाना क्षेत्र के बिलारी गांव गया था। 11 जून को बाइक से घर के लिए निकला लेकिन पहुंचा नहीं। देर शाम अपने पिताजी के मोबाइल पर फोन कर सूचना दी कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और बिहार के गोपालगंज में बंधक बनाकर रखा है। युवक के पिता ने हाटा कोतवाली में बेटे के अपहरण की सूचना दी। उधर अपहृत युवक के ससुराल वालों को भी अपहरण की सूचना मिली। उनसे युवक ने अपने बैंक अकाउंट में तत्काल 50 हजार रुपये भेजने और न देने पर हत्या की भी बात कही। इस उसके खाते में रकम डाल दी गई। वहीं हाटा कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर सर्विलांस सेल की मदद से छानबीन शुरू की। जांच में युवक का नंबर चालू मिला और लोकेशन गोरखपुर शहर में मिली।
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हाटा कोतवाल जयप्रकाश पाठक के अनुसार युवक खुद को गोपालगंज (बिहार) में बंधक बता रहा था जबकि मोबाइल की लोकेशन गोरखपुर शहर मेें थी। पुलिस जब उस लोकेशन पर पहुंची तो पता चला कि युवक एक होटल में कमरा लेकर रुका है। पुलिस युवक को पकड़ कर हाटा कोतवाली ले आयी। रविवार की दोपहर में आरोपी युवक आशीष मणि के खिलाफ फर्जी सूचना देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। हाटा कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश पाठक ने बताया कि युवक ने रुपयों के लिए अपने अपहरण की फर्जी सूचना दी थी। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।
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