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Kushinagar News: पांच किमी मौत बनकर दौड़ी रोडवेज बस, सड़क पर मची चीख-पुकार
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रोडवेज बस की चपेट में आने से घायल टेंपो सवार मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में भर्ती।
टेंपो में टक्कर के बाद भी नहीं थमी रफ्तार, गायत्री मंदिर से बड़ी गंडक नहर पुल तक कई वाहनों को मारी ठोकर
बैरिकेडिंग तोड़ते हुए रविंद्रनगर धूस तक पहुंची बस, स्टाफ नर्स की मौत, 17 राहगीर हुए घायल
पडरौना। शहर में मंगलवार शाम एक बेकाबू रोडवेज बस ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए अफरा-तफरी मचा दी। गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को ठोकर मारते हुए बस बैरिकेडिंग तोड़कर रविंद्रनगर धूस थाने तक पहुंच गई। हादसे में स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर मारने के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी, बल्कि रफ्तार और बढ़ा दी। इसके बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बस रास्ते में वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ती रही। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को भी ठोकर मारी। इसके बाद पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए बस रविंद्र नगर धूस थाने तक पहुंच गई।
रोडवेज बस शहर के बस स्टेशन से बिना सवारी बैठाए शाम करीब 7.20 बजे निकली थी। कुछ दूर आगे बढ़ने पर बड़ी गंडक नहर के पास ई-रिक्शा में ठोकर मारा। इसके बाद आगे बढ़ी तो गायत्री मंदिर के पास टेंपो से टक्कर हो गई। हादसे के बाद चालक के बस रोकने की उम्मीद कर रहे लोगों को उस समय हैरानी हुई, जब बस की गति और तेज हो गई। सड़क पर जो भी वाहन सामने आया, उसके सवारों की जान खतरे में पड़ गई।
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बस की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। बस की अनियंत्रित रफ्तार से बचने के लिए लोग सड़क किनारे भागते रहे। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और घायलों की चीख-पुकार से सड़क पर दहशत फैल गई। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा में टक्कर के बाद भी बस नहीं रुकी।
आगे बढ़ते हुए उसने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और मेडिकल कॉलेज परिसर तक पहुंच गई। इस दौरान बस को रोकने की कोशिश और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की आपाधापी के बीच वहां भी अफरातफरी मची रही। हादसे में कुल 18 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें एक स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 17 घायलों का इलाज चल रहा है। एक ही बस की चपेट में आकर इतने लोगों के घायल होने से शहर में अफरा-तफरी फैल गई। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके इलाज की व्यवस्था में लोग जुटे रहे।
वर्जन
पडरौना बस स्टेशन से निकलने के बाद बस ने रास्ते में किन-किन स्थानों पर वाहनों को टक्कर मारी और चालक ने बस रोकने के बजाय रफ्तार क्यों बढ़ाई, यह जांच का विषय है। हादसे के कारणों और चालक की भूमिका की पड़ताल पुलिस कर रही है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसके लिए रोडवेज के अधिकारियों से भी बात की जा रही है।
-राकेश प्रताप सिंह, सीओ सिटी
भगवान का शुक्र है कि जान बच गई
लक्ष्मीपुर। त्योहार को लेकर शहर में बाजार में शाम को चहल-पहल रही, अचानक नशे में धुत रोडवेज बस चालक की लापरवाही से एक स्टाफ नर्स की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए। शहर का शांति माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। हादसे की खबर सुनकर अपनों की तलाश में लोग मेडिकल कॉलेज व छावनी के निजी अस्पतालों में पहुंचने लगे। स्टाफ नर्स की करीब एक घंटे बाद पहचान हो सकी। घटना के समय वह निजी अस्पताल में ड्यूटी जाने के लिए निकली थी। रास्ते में रुक कर भुजा खरीदने लगी, तभी हादसा हुआ।
-बाजार में खरीदारी करने बाइक से आया था, बस की गति शहर में इतनी तेज थी कि उसे देख सड़क छोड़ दुकानों में भाग रहे थे, मैंने भी अपनी बाइक छोड़कर भागा, अफरा-तफरी का माहौल रहा। ट्रैफिक पुलिस सड़क पर नहीं दिखी। बाल-बाल बच गया
-- आकाश सिंह, धर्मपुर
टेंपो में ठोकर मारकर भाग रहे बस का पीछा बाइक से करने लगे, तहसील के सामने कुबेरस्थान मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस नहीं थी, इसलिए बस आगे निकल गई, चालक अपना आपा खो दिया था, इतना तेज बस चलता हुआ शहर के अंदर पहली बार देखा।
-सैय्यद अली,पेंटर
-बाइक से अपने पति के साथ मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी जाने के लिए घर से निकली थी। अभी छावनी में पहुंची थी कि पीछे से बाइक में ठोकर बस से लगी, बाइक सड़क के किनारे गई और दंपती घायल हो गए।
-संख्या सोनी, स्टाफ नर्स
-बेटी अनुष्का के साथ बाजार करने पडरौना आई थी। घर जाने के लिए टेंपो में सवार थी। छावनी में रोडवेज बस ने पीछे से ठोकर मार दिया, टेंपो में चार लोग सवार थे, टेंपो पलटने से सभी लोग घायल हो गए।
-गिरिजा देवी, निवासी परसौना
ट्रैफिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
शहर में त्योहार को लेकर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। शाम सात बजे ही बड़ी गंडक पुल के पास से बैरियर हटा दिए गए थे, मुख्य मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिस गायब थे, जबकि रात आठ बजे तक इनको अपने मुख्य पॉइंट पर तैनात रहना है। लोगों का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी रहते तो बस रविंद्र नगर धूस तक नहीं गया होता, रास्ते में उसे रोक लिया गया होता और कई लोग घायल नहीं हुए होते। हादसे के कुछ देर बाद अचानक ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी पॉइंट पर पहुंच गए। इसकी चर्चा लोगों में रही। सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह मामले की जांच कराने की बात कही है।
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बैरिकेडिंग तोड़ते हुए रविंद्रनगर धूस तक पहुंची बस, स्टाफ नर्स की मौत, 17 राहगीर हुए घायल
पडरौना। शहर में मंगलवार शाम एक बेकाबू रोडवेज बस ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए अफरा-तफरी मचा दी। गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को ठोकर मारते हुए बस बैरिकेडिंग तोड़कर रविंद्रनगर धूस थाने तक पहुंच गई। हादसे में स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गायत्री मंदिर के पास टेंपो में टक्कर मारने के बाद भी चालक ने बस नहीं रोकी, बल्कि रफ्तार और बढ़ा दी। इसके बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बस रास्ते में वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ती रही। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा को भी ठोकर मारी। इसके बाद पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए बस रविंद्र नगर धूस थाने तक पहुंच गई।
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रोडवेज बस शहर के बस स्टेशन से बिना सवारी बैठाए शाम करीब 7.20 बजे निकली थी। कुछ दूर आगे बढ़ने पर बड़ी गंडक नहर के पास ई-रिक्शा में ठोकर मारा। इसके बाद आगे बढ़ी तो गायत्री मंदिर के पास टेंपो से टक्कर हो गई। हादसे के बाद चालक के बस रोकने की उम्मीद कर रहे लोगों को उस समय हैरानी हुई, जब बस की गति और तेज हो गई। सड़क पर जो भी वाहन सामने आया, उसके सवारों की जान खतरे में पड़ गई।
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बस की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। बस की अनियंत्रित रफ्तार से बचने के लिए लोग सड़क किनारे भागते रहे। कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और घायलों की चीख-पुकार से सड़क पर दहशत फैल गई। बड़ी गंडक नहर पुल के पास ई-रिक्शा में टक्कर के बाद भी बस नहीं रुकी।
आगे बढ़ते हुए उसने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और मेडिकल कॉलेज परिसर तक पहुंच गई। इस दौरान बस को रोकने की कोशिश और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की आपाधापी के बीच वहां भी अफरातफरी मची रही। हादसे में कुल 18 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें एक स्टाफ नर्स की मौत हो गई, जबकि 17 घायलों का इलाज चल रहा है। एक ही बस की चपेट में आकर इतने लोगों के घायल होने से शहर में अफरा-तफरी फैल गई। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उनके इलाज की व्यवस्था में लोग जुटे रहे।
वर्जन
पडरौना बस स्टेशन से निकलने के बाद बस ने रास्ते में किन-किन स्थानों पर वाहनों को टक्कर मारी और चालक ने बस रोकने के बजाय रफ्तार क्यों बढ़ाई, यह जांच का विषय है। हादसे के कारणों और चालक की भूमिका की पड़ताल पुलिस कर रही है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इसके लिए रोडवेज के अधिकारियों से भी बात की जा रही है।
-राकेश प्रताप सिंह, सीओ सिटी
भगवान का शुक्र है कि जान बच गई
लक्ष्मीपुर। त्योहार को लेकर शहर में बाजार में शाम को चहल-पहल रही, अचानक नशे में धुत रोडवेज बस चालक की लापरवाही से एक स्टाफ नर्स की जान चली गई, जबकि 17 लोग घायल हो गए। शहर का शांति माहौल अचानक चीख-पुकार में बदल गया। हादसे की खबर सुनकर अपनों की तलाश में लोग मेडिकल कॉलेज व छावनी के निजी अस्पतालों में पहुंचने लगे। स्टाफ नर्स की करीब एक घंटे बाद पहचान हो सकी। घटना के समय वह निजी अस्पताल में ड्यूटी जाने के लिए निकली थी। रास्ते में रुक कर भुजा खरीदने लगी, तभी हादसा हुआ।
-बाजार में खरीदारी करने बाइक से आया था, बस की गति शहर में इतनी तेज थी कि उसे देख सड़क छोड़ दुकानों में भाग रहे थे, मैंने भी अपनी बाइक छोड़कर भागा, अफरा-तफरी का माहौल रहा। ट्रैफिक पुलिस सड़क पर नहीं दिखी। बाल-बाल बच गया
टेंपो में ठोकर मारकर भाग रहे बस का पीछा बाइक से करने लगे, तहसील के सामने कुबेरस्थान मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस नहीं थी, इसलिए बस आगे निकल गई, चालक अपना आपा खो दिया था, इतना तेज बस चलता हुआ शहर के अंदर पहली बार देखा।
-सैय्यद अली,पेंटर
-बाइक से अपने पति के साथ मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी जाने के लिए घर से निकली थी। अभी छावनी में पहुंची थी कि पीछे से बाइक में ठोकर बस से लगी, बाइक सड़क के किनारे गई और दंपती घायल हो गए।
-संख्या सोनी, स्टाफ नर्स
-बेटी अनुष्का के साथ बाजार करने पडरौना आई थी। घर जाने के लिए टेंपो में सवार थी। छावनी में रोडवेज बस ने पीछे से ठोकर मार दिया, टेंपो में चार लोग सवार थे, टेंपो पलटने से सभी लोग घायल हो गए।
-गिरिजा देवी, निवासी परसौना
ट्रैफिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
शहर में त्योहार को लेकर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। शाम सात बजे ही बड़ी गंडक पुल के पास से बैरियर हटा दिए गए थे, मुख्य मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिस गायब थे, जबकि रात आठ बजे तक इनको अपने मुख्य पॉइंट पर तैनात रहना है। लोगों का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी रहते तो बस रविंद्र नगर धूस तक नहीं गया होता, रास्ते में उसे रोक लिया गया होता और कई लोग घायल नहीं हुए होते। हादसे के कुछ देर बाद अचानक ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी पॉइंट पर पहुंच गए। इसकी चर्चा लोगों में रही। सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह मामले की जांच कराने की बात कही है।