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खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंडक
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खतरे के निशान की ओर बढ़ रही गंडक
वाल्मीकि बैराज से छोड़ा गया 2.93 लाख क्यूूसेक पानी, बाढ़ चौकियाें को किया गया अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। वाल्मीकि बैराज से गंडक नदी में शनिवार शाम को दो लाख 93 हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। तेजी बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए खड्डा से लेकर तमकुहीराज तक की सभी बाढ़ चौकियों व एसडीआरएफ टीम को अलर्ट कर दिया गया है। बढ़े जलस्तर से खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों में रात में पानी भर जाने का अंदेशा है।
गंडक नदी के वाल्मीकि बैराज से शुक्रवार को ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा था। शनिवार को शाम पांच बजे यह दो लाख 93 हजार 600 क्यूसेक पानी नदी हो गया। डिस्चार्ज बढ़ने से भैंसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 95.75 मीटर पहुंच गया है जो खतरे के निशान (96.00 मीटर) से 25 सेमी नीचे है। जलस्तर बढ़ने से खड्डा क्षेत्र में नदी पार बसे गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि में रात में पानी भर जाने की आशंका है।
बाढ़ खंड के अभियंता तटबंधों की निगरानी में जुट गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की सुरक्षा हेतु सोहगीबरवां में एसडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस की क्यूआरटी भी तैनात है। बिहार के श्रीपत नगर व मंझरिया से होते हुए नदी का पानी छितौनी- दरगौली तटबंध के अपूर्ण हिस्से व कटे रास्ते से नगर पंचायत छितौनी की तरफ आ सकता है।
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पिछले माह 16 जून को नदी में 4 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था। लगभग 35 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी। एसडीएम खडडा अरविन्द कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर सभी बाढ़ चौकी व बचाव दल को सतर्क रहने को कहा गया है। राजस्व टीम के जरिए गांवों से संपर्क साधकर हालात की जानकारी ली जा रही है।
पिपराघाट के कई पुरवे बाढ़ से घिरे
तमकुहीरोड। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से सेवरही ब्लॉक का पिपराघाट गांव फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। इस गांव के कई पुरवे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नरवाजोत बांध के समानांतर नदी बह रही है। जैसे ही गंडक नदी का जलस्तर कम होगा, कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
अधिक पानी छोड़ जाने का सीधा असर पिपराघाट के कई गांवों में दिखाई देने लगा है। शिव टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, मुसहरी टोला, इमिलिया टोला व मोतीराय टोला बाढ़ से घिर गए हैं। उफनाई गंडक नदी नरवाजोत बांध के समांतर बह रही है। बांध से किनारे बसे दहारी टोला, तवकल टोला, भंगी टोला और बुटन टोला के लोग भी सहम गए हैं। बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है।
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वाल्मीकि बैराज से छोड़ा गया 2.93 लाख क्यूूसेक पानी, बाढ़ चौकियाें को किया गया अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। वाल्मीकि बैराज से गंडक नदी में शनिवार शाम को दो लाख 93 हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच रही है। तेजी बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए खड्डा से लेकर तमकुहीराज तक की सभी बाढ़ चौकियों व एसडीआरएफ टीम को अलर्ट कर दिया गया है। बढ़े जलस्तर से खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों में रात में पानी भर जाने का अंदेशा है।
गंडक नदी के वाल्मीकि बैराज से शुक्रवार को ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा था। शनिवार को शाम पांच बजे यह दो लाख 93 हजार 600 क्यूसेक पानी नदी हो गया। डिस्चार्ज बढ़ने से भैंसहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 95.75 मीटर पहुंच गया है जो खतरे के निशान (96.00 मीटर) से 25 सेमी नीचे है। जलस्तर बढ़ने से खड्डा क्षेत्र में नदी पार बसे गांव मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, सालिकपुर, महदेवा आदि में रात में पानी भर जाने की आशंका है।
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बाढ़ खंड के अभियंता तटबंधों की निगरानी में जुट गए हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की सुरक्षा हेतु सोहगीबरवां में एसडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस की क्यूआरटी भी तैनात है। बिहार के श्रीपत नगर व मंझरिया से होते हुए नदी का पानी छितौनी- दरगौली तटबंध के अपूर्ण हिस्से व कटे रास्ते से नगर पंचायत छितौनी की तरफ आ सकता है।
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पिछले माह 16 जून को नदी में 4 लाख 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था। लगभग 35 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी। एसडीएम खडडा अरविन्द कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर सभी बाढ़ चौकी व बचाव दल को सतर्क रहने को कहा गया है। राजस्व टीम के जरिए गांवों से संपर्क साधकर हालात की जानकारी ली जा रही है।
पिपराघाट के कई पुरवे बाढ़ से घिरे
तमकुहीरोड। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से सेवरही ब्लॉक का पिपराघाट गांव फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। इस गांव के कई पुरवे बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नरवाजोत बांध के समानांतर नदी बह रही है। जैसे ही गंडक नदी का जलस्तर कम होगा, कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
अधिक पानी छोड़ जाने का सीधा असर पिपराघाट के कई गांवों में दिखाई देने लगा है। शिव टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला, मुसहरी टोला, इमिलिया टोला व मोतीराय टोला बाढ़ से घिर गए हैं। उफनाई गंडक नदी नरवाजोत बांध के समांतर बह रही है। बांध से किनारे बसे दहारी टोला, तवकल टोला, भंगी टोला और बुटन टोला के लोग भी सहम गए हैं। बाढ़ खंड तृतीय के एसडीओ एसके प्रियदर्शी का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल बांध को कोई खतरा नहीं है।