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पिपराघाट गांव के कई पुरवे पानी से घिरे
kushinagar
Updated Sun, 03 Jul 2016 10:39 PM IST
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बाढ़
- फोटो : santosh verma
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तमकुहीरोड। गंडक नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से पिपराघाट गांव में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गांव के आधा दर्जन पुरवे नदी के पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्ग के ऊपर से पानी बहने के चलते आवागमन भी प्रभावित हो गया है। एपी तटबंध पर भी पानी का दबाव बढ़ने लगा है। पिपराघाट गांव के सामने बाढ़ से बचाव के लिए चल रहे सड़क निर्माण का कार्य ठप हो गया है।
बीते बृहस्पतिवार से ही नदी का डिस्चार्ज बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बैराज से बृहस्पतिवार की शाम चार बजे 86000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को यह बढक़र 1.21 लाख क्यूसेक और शनिवार को 1.83 लाख क्यूसेक हो गया। लगातार बढ़ते जलस्तर का असर रविवार को नदी के किनारे बसे तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गांवों में दिखने लगा है। बाढ़ के लिहाज से सर्वाधिक संवेदनशील गांव पिपराघाट के मुसहरी टोला, चौकी टोला, हनुमान टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला सहित कई पुरवे नदी के पानी से घिर गए हैं। मुसहरी टोला में शंकर, नथुनी, मोहन, सुरेश, विक्रम आदि के घर तक पानी पहुंच चुका है। इसी तरह हनुमान टोला में राजवंशी, चंद्रिका, सुखारी, बुनिया आदि के घर पानी से घिर गए हैं। इन पुरवों में धान, गन्ना व मक्का के खेतों में भी पानी भर गया है। कई जगह संपर्क मार्गों पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है। पिपराघाट निवासी अशोक सिंह, पुजारी सिंह, हरिहर यादव, शेषनाथ, हृदया, कृपा आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से पिपराघाट के विभिन्न पुरवों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इन लोगों ने प्रशासन से राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से घघवा जगदीश, जवहीं दयाल, चैनपटटी और विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने एपी तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। इस संदर्भ में तमकुहीराज के तहसीलदार रामसुधार का कहना है कि तहसील प्रशासन बाढ़ की चुनौती से निपटने की तैयारी में जुट गया है। प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।
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बीते बृहस्पतिवार से ही नदी का डिस्चार्ज बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बैराज से बृहस्पतिवार की शाम चार बजे 86000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शुक्रवार को यह बढक़र 1.21 लाख क्यूसेक और शनिवार को 1.83 लाख क्यूसेक हो गया। लगातार बढ़ते जलस्तर का असर रविवार को नदी के किनारे बसे तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गांवों में दिखने लगा है। बाढ़ के लिहाज से सर्वाधिक संवेदनशील गांव पिपराघाट के मुसहरी टोला, चौकी टोला, हनुमान टोला, उपाध्याय टोला, देवनारायन टोला सहित कई पुरवे नदी के पानी से घिर गए हैं। मुसहरी टोला में शंकर, नथुनी, मोहन, सुरेश, विक्रम आदि के घर तक पानी पहुंच चुका है। इसी तरह हनुमान टोला में राजवंशी, चंद्रिका, सुखारी, बुनिया आदि के घर पानी से घिर गए हैं। इन पुरवों में धान, गन्ना व मक्का के खेतों में भी पानी भर गया है। कई जगह संपर्क मार्गों पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ है। पिपराघाट निवासी अशोक सिंह, पुजारी सिंह, हरिहर यादव, शेषनाथ, हृदया, कृपा आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से पिपराघाट के विभिन्न पुरवों में रहने वाले लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इन लोगों ने प्रशासन से राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से घघवा जगदीश, जवहीं दयाल, चैनपटटी और विरवट कोन्हवलिया गांव के सामने एपी तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। इस संदर्भ में तमकुहीराज के तहसीलदार रामसुधार का कहना है कि तहसील प्रशासन बाढ़ की चुनौती से निपटने की तैयारी में जुट गया है। प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी।
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