{"_id":"576ec08d4f1c1b0550b48669","slug":"people-proteted-fpr-pantoon-bridge","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों के विरोध पर नहीं हटा पीपा पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों के विरोध पर नहीं हटा पीपा पुल
kushinagar
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
विरोध
- फोटो : santosh verma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमकुहीरोड। बांसी नदी के गोला घाट पर बना पीपा पुल हटाने पहुंचे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को शनिवार को गांव वालों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। हंगामा की जानकारी होने पर पहुंचे विधायक तमकुहीराज ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। कर्मचारी बिना पुल हटाए ही लौट गए।
सेवरही विकास खंड के गांव पिपराघाट में लोगों के आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखकर लोक निर्माण विभाग की तरफ से बांसी नदी के गोला घाट पर पीपा पुल बनवाया गया है। शनिवार की सुबह कर्मचारी यहां पहुंचे और पुल की प्लेट खोलने लगे। इसकी जानकारी होते ही गोलाघाट, जोगनी टोला, इमिलिया टोला, बुटन टोला, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा आदि गांव से सरल शर्मा, रामा निषाद, प्रमोद सिंह, रामधनी, साधु, बुटाई, श्रवण, लगनदेव, विश्वनाथ, चंदन सहित तमाम लोग वहां पहुंचकर पुल हटाये जाने का विरोध करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि पीपा पुल को 15 जून के बाद हटा दिए जाने का नियम है। परंतु गांव वालों की दलील थी कि पिछले वर्ष यह पुल दो जुलाई को बांसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर खोला गया था। इस साल अभी नदी में पानी बहुत कम है, पुल खोल दिए जाने से आवागमन में दिक्कत आएगी। नदी उस पार स्थित खेतों का कार्य भी प्रभावित होगा।
कर्मचारियों और गांव वालों के बीच हंगामे की खबर पाकर तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से मोबाइल पर बात करके लोगों की सुविधा के लिए पुल को कुछ दिन और रहने देने को कहा। इसके बाद कर्मचारी बिना पुल हटाए लौट गए। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि 15 जून के बाद पुल हटाने का नियम है, लेकिन गांव वालों की सहूलियत को देखते हुए कुछ दिन और पुल वहां रहने दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेवरही विकास खंड के गांव पिपराघाट में लोगों के आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखकर लोक निर्माण विभाग की तरफ से बांसी नदी के गोला घाट पर पीपा पुल बनवाया गया है। शनिवार की सुबह कर्मचारी यहां पहुंचे और पुल की प्लेट खोलने लगे। इसकी जानकारी होते ही गोलाघाट, जोगनी टोला, इमिलिया टोला, बुटन टोला, मोतीराय टोला, बेनिया पिपरा आदि गांव से सरल शर्मा, रामा निषाद, प्रमोद सिंह, रामधनी, साधु, बुटाई, श्रवण, लगनदेव, विश्वनाथ, चंदन सहित तमाम लोग वहां पहुंचकर पुल हटाये जाने का विरोध करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि पीपा पुल को 15 जून के बाद हटा दिए जाने का नियम है। परंतु गांव वालों की दलील थी कि पिछले वर्ष यह पुल दो जुलाई को बांसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर खोला गया था। इस साल अभी नदी में पानी बहुत कम है, पुल खोल दिए जाने से आवागमन में दिक्कत आएगी। नदी उस पार स्थित खेतों का कार्य भी प्रभावित होगा।
विज्ञापन
कर्मचारियों और गांव वालों के बीच हंगामे की खबर पाकर तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू भी मौके पर पहुंचे। विधायक ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से मोबाइल पर बात करके लोगों की सुविधा के लिए पुल को कुछ दिन और रहने देने को कहा। इसके बाद कर्मचारी बिना पुल हटाए लौट गए। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि 15 जून के बाद पुल हटाने का नियम है, लेकिन गांव वालों की सहूलियत को देखते हुए कुछ दिन और पुल वहां रहने दिया जाएगा।
विज्ञापन