{"_id":"57a4d8e04f1c1b39302b920b","slug":"old-pension-policy-seeking-to","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला कुशीनगर
Updated Fri, 05 Aug 2016 11:50 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन किया ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की जिला इकाई ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना लागू करने एवं जीपीएफ कटौती की मांग शामिल है।
शिक्षकों की अगुवाई कर रहे संगठन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर राजेश गुप्ता और महामंत्री राजेश शुक्ला ने कहा कि पेंशन से वंचित शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। देश के कई राज्यों में पेंशन नीति लागू है, लेकिन यूपी के नए शिक्षक इससे वंचित हो गए हैं। वर्ष 2004 में नियुक्त हुए करीब 40 हजार शिक्षक पुरानी पेंशन के हकदार हैं, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी जीपीएफ की कटौती नहीं हो रही है। संगठन की मांग है कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाय तथा उनका जीपीएफ कटौती शुरू हो। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर इस मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो 11 अगस्त से लखनऊ में आंदोलन शुरू होगा।
इस दौरान उमेश यादव, अविनाश शुक्ला, राजेश कुमार तिवारी समेत कई शिक्षक नेता मौजूद थे।
विज्ञापन
शिक्षकों की अगुवाई कर रहे संगठन के जिलाध्यक्ष डॉक्टर राजेश गुप्ता और महामंत्री राजेश शुक्ला ने कहा कि पेंशन से वंचित शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। देश के कई राज्यों में पेंशन नीति लागू है, लेकिन यूपी के नए शिक्षक इससे वंचित हो गए हैं। वर्ष 2004 में नियुक्त हुए करीब 40 हजार शिक्षक पुरानी पेंशन के हकदार हैं, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद भी जीपीएफ की कटौती नहीं हो रही है। संगठन की मांग है कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाय तथा उनका जीपीएफ कटौती शुरू हो। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर इस मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो 11 अगस्त से लखनऊ में आंदोलन शुरू होगा।
विज्ञापन
इस दौरान उमेश यादव, अविनाश शुक्ला, राजेश कुमार तिवारी समेत कई शिक्षक नेता मौजूद थे।