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बारिश के साथ ओले भी गिरे
kushinagar
Updated Fri, 10 Mar 2017 11:11 PM IST
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समस्या
- फोटो : santosh verma
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पडरौना।
बृहस्पतिवार से ही बदल रहे मौसम का मिजाज शुक्रवार को बिगड़ गया। कई जगह तेज हवा के साथ बारिश हुई। कहीं-कहीं छोटे-छोटे ओले भी गिरे। हालांकि, इससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मौसम के इस मिजाज ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
मार्च महीने के पहले सप्ताह में हुई तेज धूप के बाद बृहस्पतिवार को मौसम में फिर परिवर्तन होना शुरू हो गया। दिन में कई बार धूप-छांव की स्थिति बनी। शुक्रवार की सुबह भी यह सिलसिला जारी रहा। सुबह 10 बजे के बाद आकाश साफ दिखने लगा, परंतु दोपहर में फिर बादल छा गए और पडरौना नगर समेत जिले में कई जगह बूंदाबांदी और बारिश शुरू हो गई।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर में अचानक तेज गरज के साथ बारिश होने लगी। साथ ही छोटे आकार के ओले भी गिरे। करीब आधे घंटे बाद बारिश थमने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसान व्यास मिश्र और रमाकांत तिवारी ने बताया कि इस बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को फायदा पहुंचेगा, लेकिन सरसों की फसल खराब हो सकती है। ओलावृष्टि से आम के बौर को नुकसान होगा।
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जौराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार बादलों की तेज गड़गड़ाहट तथा हवा के साथ बारिश हुई। छोटे-छोटे ओले भी गिरे इसके वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है। जौराबाजार, विशुनपुरा, बेइली, धनहा, कनौरा, रहसू जनोबी पट्टी, रहसू सुमाली पट्टी, लक्ष्मीपुर, नदवा विशुनपुर, माधोपुर, धौरहरा, जोकवा आदि गांवों के किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
पिपरा कनक, पटहेरवा व फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार दोपहर बाद अचानक हुई बारिश और हल्की ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बारिश से तिलहन व गेहूं की फसल के नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं। क्षेत्र के पिपरा कनक, मंगुरी पट्टी, गंगुआ मठिया, बिहार बुजुर्ग, टोला दीप राय, समउर बाजार, पिपरा बघेल, बलुआ तकिया, मठिया, बोदा टोला, बसडीला महंथ आदि गांवों में लगभग 20 मिनट तक बारिश के साथ ओले पड़े। किसान कमलेश्वर तिवारी, नथुनी तिवारी, रामचंद्र राय, विभूति गुप्ता, सुदर्शन चौरसिया आदि किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की खड़ी फसल को तेज धूप की जरूरत है, लेकिन बारिश के साथ हुई ओला वृष्टि से कई जगह फसलें गिर गई हैं, जिसका किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और तिलहन, दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। दिन का तापमान कम होने से लोगों को दोबारा ठंड का एहसास होने लगा है। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश व ओलावृष्टि से क्षेत्र के सठियाव, दुबौली, गड़हिया, किशुन दास पट्टी, भलुही, मठिया, पिपरा रज्जब, धनौजी आदि के किसानों का नुकसान हुआ है। किसान मिथिलेश सिंह, हरिकेश शर्मा, राम आशीष सिंह, राजनरायण राय आदि का कहना है कि इस बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
कठकुइयां प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार की दोपहर में कठकुइयां, सेमरा, घोरघटिया, बड़गांव, खन्हवार, सिकटा समेत आसपास के कई गांवों में बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम के बदले मिजाज से किसान फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
कोट
जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता का कहना है कि बारिश के साथ हवा बहने पर इस मौसम में गन्ने को छोड़ कर सभी फसलों को नुकसान होगा। सबसे अधिक असर तिलहन की फसल पर पड़ेगा। वजह यह कि सरसों की फसल अब पकने के कगार पर है। ओलावृष्टि से सभी फसलों पर असर पड़ेगा।
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बृहस्पतिवार से ही बदल रहे मौसम का मिजाज शुक्रवार को बिगड़ गया। कई जगह तेज हवा के साथ बारिश हुई। कहीं-कहीं छोटे-छोटे ओले भी गिरे। हालांकि, इससे फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मौसम के इस मिजाज ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
मार्च महीने के पहले सप्ताह में हुई तेज धूप के बाद बृहस्पतिवार को मौसम में फिर परिवर्तन होना शुरू हो गया। दिन में कई बार धूप-छांव की स्थिति बनी। शुक्रवार की सुबह भी यह सिलसिला जारी रहा। सुबह 10 बजे के बाद आकाश साफ दिखने लगा, परंतु दोपहर में फिर बादल छा गए और पडरौना नगर समेत जिले में कई जगह बूंदाबांदी और बारिश शुरू हो गई।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर में अचानक तेज गरज के साथ बारिश होने लगी। साथ ही छोटे आकार के ओले भी गिरे। करीब आधे घंटे बाद बारिश थमने से किसानों ने राहत की सांस ली। किसान व्यास मिश्र और रमाकांत तिवारी ने बताया कि इस बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को फायदा पहुंचेगा, लेकिन सरसों की फसल खराब हो सकती है। ओलावृष्टि से आम के बौर को नुकसान होगा।
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जौराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार बादलों की तेज गड़गड़ाहट तथा हवा के साथ बारिश हुई। छोटे-छोटे ओले भी गिरे इसके वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई है। जौराबाजार, विशुनपुरा, बेइली, धनहा, कनौरा, रहसू जनोबी पट्टी, रहसू सुमाली पट्टी, लक्ष्मीपुर, नदवा विशुनपुर, माधोपुर, धौरहरा, जोकवा आदि गांवों के किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
पिपरा कनक, पटहेरवा व फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार दोपहर बाद अचानक हुई बारिश और हल्की ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस बारिश से तिलहन व गेहूं की फसल के नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं। क्षेत्र के पिपरा कनक, मंगुरी पट्टी, गंगुआ मठिया, बिहार बुजुर्ग, टोला दीप राय, समउर बाजार, पिपरा बघेल, बलुआ तकिया, मठिया, बोदा टोला, बसडीला महंथ आदि गांवों में लगभग 20 मिनट तक बारिश के साथ ओले पड़े। किसान कमलेश्वर तिवारी, नथुनी तिवारी, रामचंद्र राय, विभूति गुप्ता, सुदर्शन चौरसिया आदि किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की खड़ी फसल को तेज धूप की जरूरत है, लेकिन बारिश के साथ हुई ओला वृष्टि से कई जगह फसलें गिर गई हैं, जिसका किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। फाजिलनगर प्रतिनिधि के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और तिलहन, दलहन की फसलों को नुकसान पहुंचा है। दिन का तापमान कम होने से लोगों को दोबारा ठंड का एहसास होने लगा है। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश व ओलावृष्टि से क्षेत्र के सठियाव, दुबौली, गड़हिया, किशुन दास पट्टी, भलुही, मठिया, पिपरा रज्जब, धनौजी आदि के किसानों का नुकसान हुआ है। किसान मिथिलेश सिंह, हरिकेश शर्मा, राम आशीष सिंह, राजनरायण राय आदि का कहना है कि इस बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल के खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
कठकुइयां प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार की दोपहर में कठकुइयां, सेमरा, घोरघटिया, बड़गांव, खन्हवार, सिकटा समेत आसपास के कई गांवों में बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम के बदले मिजाज से किसान फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
कोट
जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता का कहना है कि बारिश के साथ हवा बहने पर इस मौसम में गन्ने को छोड़ कर सभी फसलों को नुकसान होगा। सबसे अधिक असर तिलहन की फसल पर पड़ेगा। वजह यह कि सरसों की फसल अब पकने के कगार पर है। ओलावृष्टि से सभी फसलों पर असर पड़ेगा।