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Kushinagar News: बंधे में जा रही जमीन, जांच करने पहुंची टीम
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जवही दयाल में मुआवजे को लेकर किसानों से बातचित करते अधिकारी।संवाद
-डीएम को सिंचाई विभाग की टीम सौंपेगी रिपोर्ट, मुआवजे की मांग कर रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। जवही दयाल में एपी बांध पर चल रहे परियोजना कार्य को ग्रामीणों ने दो अगस्त को अपनी जमीन के मुआवजे की मांग पर रोक दिया था। इसे लेकर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर सिंचाई विभाग, चकबंदी अधिकारी और राजस्वकर्मियों की टीम बुधवार को बांध पर पहुंची। टीम ने किसानों के भू-अभिलेखों की जांच की।
अधिकारियों का कहना था कि जिन लोगों की भूमि बांध निर्माण में है, उनकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। एपी बांध पर जवही दयाल गांव के पास बांध बचाव कार्य को लेकर इस साल शासन ने 11. 47 एक परियोजना की स्वीकृति दी है। इसमें किमी 4.000 और किमी 4.320 पर स्पर व स्टड का निर्माण कराया जाना है। यह कार्य दो माह से अधिक समय से चल रहा है। इसमें 25-30 किसानों की जमीन पर भी बाढ़ खंड की ओर से निर्माण कराया गया है। किसान लगातार अपनी भूमि के मुआवजे की मांग करते रहे हैं।
इसी को लेकर किसानों ने दो अगस्त को बांध पर चल रहे निर्माण कार्य को रोक दिया था। इसकी सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अन्य राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाकर शांत कराया और निर्माण कार्य शुरू कराया। तीसरे दिन ग्रामीणों ने तहसील दिवस में पहुंच कर मुआवजे की गुहार लगाई। इस मामले को संज्ञान में लेकर डीएम ने सभी विभाग को इसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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इस आदेश के बाद सिंचाई विभाग के जिलेदार रविप्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता सहित चकबंदी विभाग के अधिकारी बुधवार को जवही दयाल बंधे पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनके पक्ष को जाना। किसानों के उनके भू-अभिलेख की जांच की, जिसमें किसानों की भूमि बंधे में जाने की पुष्टि हुई।
इस दौरान बाबूनंदन, शिवनाथ यादव, सूर्यबली यादव, अशोक कुशवाहा, विजय कुशवाहा, मोतीचंद गुप्ता, शंकर कुशवाहा, लखीचंद्र गुप्ता, भोज, नत्थू, चंद्रिका सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता ने बताया कि किसानों के भू-अभिलेख का मिलान किया गया है। जिन-जिन किसानों की जमीन का इस्तेमाल बांध निर्माण में हुआ है। उसकी रिपोर्ट वह जिलाधिकारी को सौंपेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। जवही दयाल में एपी बांध पर चल रहे परियोजना कार्य को ग्रामीणों ने दो अगस्त को अपनी जमीन के मुआवजे की मांग पर रोक दिया था। इसे लेकर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर सिंचाई विभाग, चकबंदी अधिकारी और राजस्वकर्मियों की टीम बुधवार को बांध पर पहुंची। टीम ने किसानों के भू-अभिलेखों की जांच की।
अधिकारियों का कहना था कि जिन लोगों की भूमि बांध निर्माण में है, उनकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी जाएगी। एपी बांध पर जवही दयाल गांव के पास बांध बचाव कार्य को लेकर इस साल शासन ने 11. 47 एक परियोजना की स्वीकृति दी है। इसमें किमी 4.000 और किमी 4.320 पर स्पर व स्टड का निर्माण कराया जाना है। यह कार्य दो माह से अधिक समय से चल रहा है। इसमें 25-30 किसानों की जमीन पर भी बाढ़ खंड की ओर से निर्माण कराया गया है। किसान लगातार अपनी भूमि के मुआवजे की मांग करते रहे हैं।
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इसी को लेकर किसानों ने दो अगस्त को बांध पर चल रहे निर्माण कार्य को रोक दिया था। इसकी सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अन्य राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाकर शांत कराया और निर्माण कार्य शुरू कराया। तीसरे दिन ग्रामीणों ने तहसील दिवस में पहुंच कर मुआवजे की गुहार लगाई। इस मामले को संज्ञान में लेकर डीएम ने सभी विभाग को इसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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इस आदेश के बाद सिंचाई विभाग के जिलेदार रविप्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता सहित चकबंदी विभाग के अधिकारी बुधवार को जवही दयाल बंधे पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनके पक्ष को जाना। किसानों के उनके भू-अभिलेख की जांच की, जिसमें किसानों की भूमि बंधे में जाने की पुष्टि हुई।
इस दौरान बाबूनंदन, शिवनाथ यादव, सूर्यबली यादव, अशोक कुशवाहा, विजय कुशवाहा, मोतीचंद गुप्ता, शंकर कुशवाहा, लखीचंद्र गुप्ता, भोज, नत्थू, चंद्रिका सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता ने बताया कि किसानों के भू-अभिलेख का मिलान किया गया है। जिन-जिन किसानों की जमीन का इस्तेमाल बांध निर्माण में हुआ है। उसकी रिपोर्ट वह जिलाधिकारी को सौंपेंगे।