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अपर सत्र न्यायाधीश एफअीसी द्वितीय ने सुनाया फैसला
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पत्नी की हत्या के आरोप में पति को उम्रकैद
लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर 2015 को हुई थी हत्या
20 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा हत्यारोपी को
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर, 2015 को हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। गवाहों और साक्ष्यों के सुनने के बाद उन्होंने इस मामले में पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपयेे के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों पर दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि अंजली नाम की अपनी बेटी की हत्या का आरोप पति सहित सात लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। तभी से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय श्याम मोहन जायसवाल ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अवलोकन और गवाहों की सुनने के बाद पति खदेरू को हत्या का दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।
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लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर 2015 को हुई थी हत्या
20 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा हत्यारोपी को
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर, 2015 को हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। गवाहों और साक्ष्यों के सुनने के बाद उन्होंने इस मामले में पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपयेे के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों पर दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि अंजली नाम की अपनी बेटी की हत्या का आरोप पति सहित सात लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। तभी से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय श्याम मोहन जायसवाल ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अवलोकन और गवाहों की सुनने के बाद पति खदेरू को हत्या का दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।
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