फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Husband gets life imprisonment for killing wife

अपर सत्र न्यायाधीश एफअीसी द्वितीय ने सुनाया फैसला

Fri, 01 Oct 2021 10:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 10:30 PM IST
विज्ञापन
Husband gets life imprisonment for killing wife
पत्नी की हत्या के आरोप में पति को उम्रकैद
विज्ञापन

लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर 2015 को हुई थी हत्या
20 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा हत्यारोपी को
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कप्तानगंज थानाक्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में 19 नवंबर, 2015 को हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। गवाहों और साक्ष्यों के सुनने के बाद उन्होंने इस मामले में पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपयेे के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि अन्य आरोपियों पर दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय ने बताया कि अंजली नाम की अपनी बेटी की हत्या का आरोप पति सहित सात लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। तभी से मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय श्याम मोहन जायसवाल ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अवलोकन और गवाहों की सुनने के बाद पति खदेरू को हत्या का दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं होने की वजह से आरोपमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed