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Kushinagar News: दहेज हत्या के आरोपी पति और ससुर को 10-10 साल कारावास की सजा

Sat, 14 Oct 2023 01:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Oct 2023 01:24 AM IST
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Husband and father-in-law accused of dowry death sentenced to 10 years imprisonment
- वर्ष 2009 में विवाहिता और उसकी डेढ़ साल की मासूम की हत्या के मामले में न्यायालय ने सुनाई सजा
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- दोनों आरोपियों पर लगा 25-25 हजार रुपये अर्थदंड
- सास की मुकदमे के दौरान हो चुकी है मौत, जेठ-और जेठानी दोषमुक्त करार दिए गए



कुशीनगर। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता और उसके डेढ़ साल की मासूम बेटी की दहेज के के हत्यारोपी पति और ससुर को न्यायालय ने 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी सास की मौत मुकदमे के दौरान हो चुकी है, जबकि जेठ-और जेठानी को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दे दिया। वादी की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार पांडेय कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम समस्तपुर मुड़िला निवासी वादी गिरीशचंद्र सिंह नेे कप्तानंजगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि अपनी बेटी अंजू उर्फ पुष्पांजलि की शादी 21 मई 2005 को कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सोमली खास गांव के निवासी गब्बू सिंह के बेटे उपेंद्र सिंह के साथ की थी। शादी में अपने समर्थ्य के अनुसार दहेज दिया था। गवना वर्ष 2007 में हुआ था। उसके बाद बेटी विदा होकर अपनी ससुराल गई। कुछ दिन तक उसके ससुरालवालों का संबंध ठीकठाक था, लेकिन उसके बाद दामाद उपेंद्र सिंह दहेज में बाइक, सोने की माला व फ्रिज की मांग करते थे। अपने पिता से कहकर मंगवाने के लिए कहते थे तथा प्रताड़ित किया करते थे। इसे लेकर 30 सितंबर 2009 को पंचायत हुई थी। पंचायत के बाद वह घर चले आए। उसी दिन शाम को छह बजे सोमाली खास गांव के एक व्यक्ति ने सूचना दी कि आपकी लड़की अंजू तथा उसकी गोद की डेढ़ साल की बेटी की जलाकर हत्या कर दी गई है। सूचना पर परिवार के लोग पहुंचे तो मालूम हुआ कि अंजू को उसके पति उपेंद्र सिंह, ससुर गंबू सिंह, जेठ अमरीश सिंह, सास सावित्री देवी, जेठानी सरिता सिंह, ननद संध्या और ननदोई सतीश ने मिलकर उनकी बेटी अंजू की जलाकर हत्या कर दी है। उसे गांव के पूरब अमडीहा पुल के पास नाले पर जलाने की सूचना पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोग लाश जलती छोड़कर भाग गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित कर दिया। उस मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-5 मुहम्मद राशिद के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पति उपेंद्र व ससुर गब्बू सिंह को दहेज हत्या का दोषी पाया और उन्हें 10-10 साल के सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मृतका की सास का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दे दिए गए।
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