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Kushinagar News: फाइलों में दब गई जांच, मानकविहीन होटलों पर नहीं आई आंच
Sun, 04 Jun 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 04 Jun 2023 12:05 AM IST
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आठ माह पूर्व अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट में 22 होटल मानकविहीन बताए गए थे
जनपद में अधिकतर होटल व गेस्ट हाउस मानकविहीन, प्रशासन जांच करें तो हो सकते हैं सील
सराय एक्ट का जनपद में नहीं हो रहा पालन, अधिकारी मौन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद के अधिकतर होटलों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इसका जिक्र करके हुए आठ माह पूर्व अग्निशमन विभाग ने तत्कालीन डीएम एस. राजलिंगम को रिपोर्ट सौंप दी थी। डीएम ने संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर दी, लेकिन प्रशासन की ओर से आगे की कोई कार्रवाई नहीं की गई। अग्निशमन की रिपोर्ट फाइलों में दब गई। इससे मानकविहीन होटलों पर आंच नहीं आई। इसी कारण से जनपद में मानकविहीन होटल गेस्ट हाउस संचालित हो रहे है।
प्रशासन का दावा है कि एक फिर से अभियान चलाकर एक सप्ताह के अंदर नोटिस भेजकर होटलों को सील किया जाएगा। बीते पांच सितंबर 2022 को लखनऊ के एक होटल में आग लग गई थी, जिसमें चार लोग जलकर मर गए थे। कई लोग घायल हो गए थे। मामले को संज्ञान में लेकर शासन ने सभी जनपदों के डीएम को होटल व अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम की जांच कराने के निर्देश दिए थे।
डीएम के निर्देश पर अग्निशमन विभाग ने 22 होटलों में आग से इंतजाम न होने की रिपोर्ट सौंप दी। तत्कालीन डीएम ने जांच के लिए निर्देशित किया था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद टीम गठित कर 19 सितंबर 2022 को एडीएम देवी दयाल वर्मा को जांच के निर्देश दिए गए थे।
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21 सितंबर को एडीएम ने जांच के लिए संबंधित एसडीएम, पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकारी, संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी और क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदारी दी। करीब आठ महीना बीतने के बाद भी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
बड़ी घटना होने पर जागता है प्रशासन
होटल या किसी अस्पताल में बड़ी घटना होने पर प्रशासन जागता है। अग्निशमन विभाग को जांच के निर्देश देता है। इसके लिए फिर से दोबारा टीम बनाई जाती है। रिपोर्ट लग जाती है, लेकिन वह फाइलों में दबकर रह जाती है। होटल अस्पताल पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से उनका दुस्साहस बढ़ जाता है। वे खुलेआम संचालन करते हैं।
चौकी को बगैर सूचना दिए कर दी छापेमारी, गेस्ट हाउस हुआ सील
कसया एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव व सीओ कुंदन सिंह की संयुक्त टीम ने कसया कस्बा स्थित एनके गेस्ट हाउस पर छापा मारकर सील कर दिया था। इसकी सूचना वहां के चौकी पर नहीं दी थी। गेस्ट हाउस के पास अग्निशमन विभाग, नगर पालिका की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाणपत्र नहीं थे। बुकिंग रजिस्टर में किसी का नाम नहीं चढ़ा था, जो लोग अंदर गए थे। आधार कार्ड की छायाप्रति नहीं ली गई थी। सराय एक्ट के नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। पकड़े गए छह जोड़ों में छह पुरुष तथा छह महिलाएं थीं। उनमें पांच महिलाओं की शादी हो चुकी थी। एक युवती थी। इसमें से एक महिला की उम्र करीब 52 वर्ष थी।
जनपद में 100 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस
जनपद में 100 से अधिक होटल व गेस्ट हाउस संचालित होते हैं। इनमें कई घनी आबादी के बीच संकरे मार्गों में संचालित होते हैं। अग्निशमन विभाग के मुताबिक, अधिकतर के पास एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं है। जिन्होंने पूर्व में ले रखी है, उनका नवीनीकरण नहीं हुआ है। किसी भी होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त मानक पूरे नहीं हैं।
15 दिन पहले पड़ा था छापा
सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर शुक्रवार को कस्बा के चौकी इंचार्ज को बगैर सूचना दिए ही छापा मारा गया था। इसके 15 दिन पूर्व भी कई होटलों में छापा मारा गया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
चर्चित रहता है रैकेट
छह माह पूर्व कसया कस्बे के लोहियवा पुल के पास स्थित एक प्राइवेट गेस्ट हाउस में पुलिस ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान गेस्ट हाउस के अलग-अलग कमरों से चार जोड़े आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। दो जोड़ों के अलावा पुलिस गेस्ट हाउस संचालक को भी पकड़कर थाने ले आई। इस मामले में गेस्ट हाउस संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निषेध) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके पूर्व भी तकरीबन 10 से अधिक बार कसया और कुशीनगर स्थित होटल गेस्ट हाउस में पकड़े गए हैं। वर्ष 2021 के छापेमारी में चार लड़कियां सात लड़के, वर्ष 2022 में पांच लड़कियां पांच लड़के पकड़े गए। 17 जनवरी वर्ष 2023 में छामेपारी हुई थी।
यह होने चाहिए मानक
एडीएम देवीदयाल वर्मा ने बताया कि सराय एक्ट में पंजीकरण कराना अनिवार्य रहता है। इसके लिए राजस्व, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन, पर्यटन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। होटल व गेस्ट हाउस के रजिस्टर में कौन व्यक्ति किस नंबर में ठहरा है। किस कार्य से आया है। उसकी आईडी का छायाप्रति अनिवार्य है। साफ-सफाई की व्यवस्था अनिवार्य है।
वर्जन
जांच की रिपोर्ट आगे भेज दी जाती है। फिर से कुशीनगर में सहित अन्य जनपदों में अभियान चलाकर होटलों की जांच कराई जाएगी। मानकविहीन होटल पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-जसवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
बोले एडीएम
टीम गठित की गई थी। जांच भी कराई गई थी। कुछ होटल में अग्निशमन से बचाव के उपकरण लगवाए गए थे। फिर से एक अभियान चलाकर मानकविहीन होटलों को एक सप्ताह के अंदर नोटिस भेजकर सील करने के निर्देश दिए जाएंगे।
-देवीदयाल वर्मा एडीएम
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जनपद में अधिकतर होटल व गेस्ट हाउस मानकविहीन, प्रशासन जांच करें तो हो सकते हैं सील
सराय एक्ट का जनपद में नहीं हो रहा पालन, अधिकारी मौन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद के अधिकतर होटलों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। इसका जिक्र करके हुए आठ माह पूर्व अग्निशमन विभाग ने तत्कालीन डीएम एस. राजलिंगम को रिपोर्ट सौंप दी थी। डीएम ने संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर दी, लेकिन प्रशासन की ओर से आगे की कोई कार्रवाई नहीं की गई। अग्निशमन की रिपोर्ट फाइलों में दब गई। इससे मानकविहीन होटलों पर आंच नहीं आई। इसी कारण से जनपद में मानकविहीन होटल गेस्ट हाउस संचालित हो रहे है।
प्रशासन का दावा है कि एक फिर से अभियान चलाकर एक सप्ताह के अंदर नोटिस भेजकर होटलों को सील किया जाएगा। बीते पांच सितंबर 2022 को लखनऊ के एक होटल में आग लग गई थी, जिसमें चार लोग जलकर मर गए थे। कई लोग घायल हो गए थे। मामले को संज्ञान में लेकर शासन ने सभी जनपदों के डीएम को होटल व अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम की जांच कराने के निर्देश दिए थे।
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डीएम के निर्देश पर अग्निशमन विभाग ने 22 होटलों में आग से इंतजाम न होने की रिपोर्ट सौंप दी। तत्कालीन डीएम ने जांच के लिए निर्देशित किया था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद टीम गठित कर 19 सितंबर 2022 को एडीएम देवी दयाल वर्मा को जांच के निर्देश दिए गए थे।
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21 सितंबर को एडीएम ने जांच के लिए संबंधित एसडीएम, पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकारी, संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी और क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदारी दी। करीब आठ महीना बीतने के बाद भी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
बड़ी घटना होने पर जागता है प्रशासन
होटल या किसी अस्पताल में बड़ी घटना होने पर प्रशासन जागता है। अग्निशमन विभाग को जांच के निर्देश देता है। इसके लिए फिर से दोबारा टीम बनाई जाती है। रिपोर्ट लग जाती है, लेकिन वह फाइलों में दबकर रह जाती है। होटल अस्पताल पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से उनका दुस्साहस बढ़ जाता है। वे खुलेआम संचालन करते हैं।
चौकी को बगैर सूचना दिए कर दी छापेमारी, गेस्ट हाउस हुआ सील
कसया एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव व सीओ कुंदन सिंह की संयुक्त टीम ने कसया कस्बा स्थित एनके गेस्ट हाउस पर छापा मारकर सील कर दिया था। इसकी सूचना वहां के चौकी पर नहीं दी थी। गेस्ट हाउस के पास अग्निशमन विभाग, नगर पालिका की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रमाणपत्र नहीं थे। बुकिंग रजिस्टर में किसी का नाम नहीं चढ़ा था, जो लोग अंदर गए थे। आधार कार्ड की छायाप्रति नहीं ली गई थी। सराय एक्ट के नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। पकड़े गए छह जोड़ों में छह पुरुष तथा छह महिलाएं थीं। उनमें पांच महिलाओं की शादी हो चुकी थी। एक युवती थी। इसमें से एक महिला की उम्र करीब 52 वर्ष थी।
जनपद में 100 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस
जनपद में 100 से अधिक होटल व गेस्ट हाउस संचालित होते हैं। इनमें कई घनी आबादी के बीच संकरे मार्गों में संचालित होते हैं। अग्निशमन विभाग के मुताबिक, अधिकतर के पास एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं है। जिन्होंने पूर्व में ले रखी है, उनका नवीनीकरण नहीं हुआ है। किसी भी होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त मानक पूरे नहीं हैं।
15 दिन पहले पड़ा था छापा
सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर शुक्रवार को कस्बा के चौकी इंचार्ज को बगैर सूचना दिए ही छापा मारा गया था। इसके 15 दिन पूर्व भी कई होटलों में छापा मारा गया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
चर्चित रहता है रैकेट
छह माह पूर्व कसया कस्बे के लोहियवा पुल के पास स्थित एक प्राइवेट गेस्ट हाउस में पुलिस ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान गेस्ट हाउस के अलग-अलग कमरों से चार जोड़े आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। दो जोड़ों के अलावा पुलिस गेस्ट हाउस संचालक को भी पकड़कर थाने ले आई। इस मामले में गेस्ट हाउस संचालक समेत पांच लोगों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निषेध) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके पूर्व भी तकरीबन 10 से अधिक बार कसया और कुशीनगर स्थित होटल गेस्ट हाउस में पकड़े गए हैं। वर्ष 2021 के छापेमारी में चार लड़कियां सात लड़के, वर्ष 2022 में पांच लड़कियां पांच लड़के पकड़े गए। 17 जनवरी वर्ष 2023 में छामेपारी हुई थी।
यह होने चाहिए मानक
एडीएम देवीदयाल वर्मा ने बताया कि सराय एक्ट में पंजीकरण कराना अनिवार्य रहता है। इसके लिए राजस्व, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन, पर्यटन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। होटल व गेस्ट हाउस के रजिस्टर में कौन व्यक्ति किस नंबर में ठहरा है। किस कार्य से आया है। उसकी आईडी का छायाप्रति अनिवार्य है। साफ-सफाई की व्यवस्था अनिवार्य है।
वर्जन
जांच की रिपोर्ट आगे भेज दी जाती है। फिर से कुशीनगर में सहित अन्य जनपदों में अभियान चलाकर होटलों की जांच कराई जाएगी। मानकविहीन होटल पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-जसवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
बोले एडीएम
टीम गठित की गई थी। जांच भी कराई गई थी। कुछ होटल में अग्निशमन से बचाव के उपकरण लगवाए गए थे। फिर से एक अभियान चलाकर मानकविहीन होटलों को एक सप्ताह के अंदर नोटिस भेजकर सील करने के निर्देश दिए जाएंगे।
-देवीदयाल वर्मा एडीएम