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Kushinagar News: अतिक्रमण से नाले में तब्दील हुई सरकारी सड़क, जलभराव से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
Thu, 23 Jul 2026 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:42 AM IST
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बोदरवार। कप्तानगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत भिस्वा उर्फ विशुनपुर में सरकारी सड़क पर हुए कथित अतिक्रमण ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से करीब 20 से 25 फीट चौड़ी सरकारी सड़क इन दिनों डेढ़ से दो फीट गहरे पानी से लबालब है। सड़क नाले में तब्दील हो जाने से ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसको लेकर गांव में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी डालकर अवैध रूप से मेड़बंदी कर दी है। इसके चलते बरसात का पानी सड़क पर ही ठहर गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। प्रतिदिन स्कूल आते-जाते समय बच्चे फिसलकर पानी में गिर जाते हैं, जिससे उनकी यूनिफॉर्म, पुस्तकें और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं बुजुर्ग, महिलाएं और दोपहिया वाहन चालक भी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में यह सड़क 20 से 25 फीट चौड़ी दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण के कारण इसकी उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। डॉ. महेश्वर यादव, सविता सिंह, रामप्रवेश शर्मा, मोहन, अश्वनी, शंभू सिंह, धनंजय गुप्ता, पुरुषोत्तम, त्रिलोकी शर्मा, नंद किशोर, लक्ष्मी प्रसाद, इन्द्रजीत सहित दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कप्तानगंज एवं मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो वे विकास खंड एवं तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी डालकर अवैध रूप से मेड़बंदी कर दी है। इसके चलते बरसात का पानी सड़क पर ही ठहर गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। प्रतिदिन स्कूल आते-जाते समय बच्चे फिसलकर पानी में गिर जाते हैं, जिससे उनकी यूनिफॉर्म, पुस्तकें और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वहीं बुजुर्ग, महिलाएं और दोपहिया वाहन चालक भी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में यह सड़क 20 से 25 फीट चौड़ी दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण के कारण इसकी उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। डॉ. महेश्वर यादव, सविता सिंह, रामप्रवेश शर्मा, मोहन, अश्वनी, शंभू सिंह, धनंजय गुप्ता, पुरुषोत्तम, त्रिलोकी शर्मा, नंद किशोर, लक्ष्मी प्रसाद, इन्द्रजीत सहित दर्जनों ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कप्तानगंज एवं मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो वे विकास खंड एवं तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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