{"_id":"579b94ec4f1c1bf56e21e1dd","slug":"gandak-is-on-warning-level","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेतावनी बिंदु के पास मंडरा रही गंडक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेतावनी बिंदु के पास मंडरा रही गंडक
kushinagar
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:09 PM IST
विज्ञापन
बाढ़
- फोटो : santosh verma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पडरौना। गंडक के डिस्चार्ज में लगातार बदलाव हो रहा है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर बैराज से 1.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था तो शाम चार बजे डिस्चार्ज फिर बढ़कर ढाई लाख क्यूसेक हो गया। नदी का जलस्तर भैंसहा गेज पर अब भी चेतावनी बिंदु के बराबर बना हुआ है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते बाढ़ से प्रभावित खड्डा, दुदही और सेवरही क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में स्थिति जस की तस है। बाढ़ से घिरे गांवों में अब तक प्रशासनिक मदद नहीं पहुंचने से बाढ़ पीड़ितों की स्थिति दयनीय हो गई है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम और शुक्रवार की सुबह वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी के जलस्तर में कमी के चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति सुधरने की उम्मीद थी, परंतु दोपहर बाद फिर जलस्तर बढ़ने लगा। शाम को जलस्तर ढाई लाख तक पहुंच जाने के बाद बाढ़ पीड़ित लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मरचहवा दक्षिण टोला, पूरब टोला, बसंतपुर व शिवपुर जंगल टोला में फंसे लोग भोजन, पानी व दवाई के संकट से जूझ रहे हैं। बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया टूटने के बाद अब वहां गहरा गड्ढा हो गया है। मरचहवा से बसंतपुर जाने वाली सड़क पर भी कई जगह पानी की तेज धार बह रही है। इस रास्ते पर भी नाव चलाकर लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी की बाढ़ से घिरे पिपराघाट गांव के तवकल टोला, दहारी टोला, भंगी टोला, सुखदेव चौराहा, शिव टोला, देवनारायन टोला, उपाध्याय टोला, हनुमान टोला, बुटन टोला, इमिलिया टोला, चौकी टोला, रानीगंज, जयपुर, मुसहरी टोला, नरवा टोला आदि 16 पुरवों में अभी भी स्थिति गंभीर है। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पिपराघाट-नरवाजोत मार्ग कई स्थानों पर टूट गया है जिससे दहारी टोला और तवकल टोला गांव का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है। कई गांवों के सड़कों पर पानी भरने की वजह से आवागमन बाधित है। बाढ़ में फंसे लोगों को भोजन, पानी व दवाई के संकट से जूझना पड़ रहा है। चारों तरफ पानी भरा होने के चलते मवेशियों के लिए भी चारे का संकट गहरा गया है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम और शुक्रवार की सुबह वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी के जलस्तर में कमी के चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति सुधरने की उम्मीद थी, परंतु दोपहर बाद फिर जलस्तर बढ़ने लगा। शाम को जलस्तर ढाई लाख तक पहुंच जाने के बाद बाढ़ पीड़ित लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मरचहवा दक्षिण टोला, पूरब टोला, बसंतपुर व शिवपुर जंगल टोला में फंसे लोग भोजन, पानी व दवाई के संकट से जूझ रहे हैं। बसंतपुर से सोहगीबरवा जाने वाली सड़क पर बनी पुलिया टूटने के बाद अब वहां गहरा गड्ढा हो गया है। मरचहवा से बसंतपुर जाने वाली सड़क पर भी कई जगह पानी की तेज धार बह रही है। इस रास्ते पर भी नाव चलाकर लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी की बाढ़ से घिरे पिपराघाट गांव के तवकल टोला, दहारी टोला, भंगी टोला, सुखदेव चौराहा, शिव टोला, देवनारायन टोला, उपाध्याय टोला, हनुमान टोला, बुटन टोला, इमिलिया टोला, चौकी टोला, रानीगंज, जयपुर, मुसहरी टोला, नरवा टोला आदि 16 पुरवों में अभी भी स्थिति गंभीर है। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पिपराघाट-नरवाजोत मार्ग कई स्थानों पर टूट गया है जिससे दहारी टोला और तवकल टोला गांव का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है। कई गांवों के सड़कों पर पानी भरने की वजह से आवागमन बाधित है। बाढ़ में फंसे लोगों को भोजन, पानी व दवाई के संकट से जूझना पड़ रहा है। चारों तरफ पानी भरा होने के चलते मवेशियों के लिए भी चारे का संकट गहरा गया है।
विज्ञापन