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Kushinagar News: ‘लाल चंदन’ की वन विभाग करेगा निगरानी
Sun, 01 Jun 2025 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:10 AM IST
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पडरौना। लाल चंदन के नाम से प्रसिद्ध खैरा की लकड़ी को धंधेबाज न बेच सकें, इसके लिए अब वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। तमकुहीराज रेंजर के नेतृत्व में वनकर्मियों ने जंगल में काॅम्बिंग की। जंगल के पास वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
वहीं केस दर्ज कर खैरा की लकड़ी चुराने वालों का पता लगाने में विभाग जुट गया है। जंगल के आस-पास दिखने वालों का ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी फोटो भी साक्ष्य के लिए खीचेंगे। तमकुहीराज रेंज के दुदही ब्लॉक में बांसगांव खैरवा एवं बैकुंठपुर कोठी तक करीब 20 हेक्टेयर से अधिक जमीन में सरकारी जंगल है। इसमें खैरा का पेड़ सर्वाधिक है। जिम्मेदारों की उदासीनता से जंगल से खैरा के कई पेड़ों को काटकर धंधेबाजों ने बेच दिया है।
इसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो वन विभाग से शिकायत की और अमर उजाला ने इसको प्रमुखता से 31 मई के अंक में दुदही के लाल चंदन पर धंधेबाजों की नजर... जिम्मेदार बेखबर, शीर्षक से प्रकाशित किया। इसके बाद वन रेंजर अपनी टीम के साथ जंगल का कांबिंग कर खैरा व अन्य जंगली पेड़ों का हाल जाना।
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रेंजर ने रेंज केस दर्ज कराकर खैरा का पेड़ काटने वालों को पता लगाने में जुट गए हैं। चार वनकर्मियों को इसके लिए ड्यूटी लगाई गई है जो 24 घंटे तैनात रहेंगे। शिफ्टवार इनकी ड्यूटी लगाई गई है।
जंगल के आस-पास जाने वालों का फोटो भी वनकर्मी खिंचेंगे, ताकि पेड़ चोरी होने पर आसानी से ट्रेस किया जा सके। गांव वालों के अनुसार स्थानीय पुलिस व वन विभाग की उदासीनता के चलते खैरा की लकड़ी जंगल से चोरी हुई है।
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वहीं केस दर्ज कर खैरा की लकड़ी चुराने वालों का पता लगाने में विभाग जुट गया है। जंगल के आस-पास दिखने वालों का ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी फोटो भी साक्ष्य के लिए खीचेंगे। तमकुहीराज रेंज के दुदही ब्लॉक में बांसगांव खैरवा एवं बैकुंठपुर कोठी तक करीब 20 हेक्टेयर से अधिक जमीन में सरकारी जंगल है। इसमें खैरा का पेड़ सर्वाधिक है। जिम्मेदारों की उदासीनता से जंगल से खैरा के कई पेड़ों को काटकर धंधेबाजों ने बेच दिया है।
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इसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो वन विभाग से शिकायत की और अमर उजाला ने इसको प्रमुखता से 31 मई के अंक में दुदही के लाल चंदन पर धंधेबाजों की नजर... जिम्मेदार बेखबर, शीर्षक से प्रकाशित किया। इसके बाद वन रेंजर अपनी टीम के साथ जंगल का कांबिंग कर खैरा व अन्य जंगली पेड़ों का हाल जाना।
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रेंजर ने रेंज केस दर्ज कराकर खैरा का पेड़ काटने वालों को पता लगाने में जुट गए हैं। चार वनकर्मियों को इसके लिए ड्यूटी लगाई गई है जो 24 घंटे तैनात रहेंगे। शिफ्टवार इनकी ड्यूटी लगाई गई है।
जंगल के आस-पास जाने वालों का फोटो भी वनकर्मी खिंचेंगे, ताकि पेड़ चोरी होने पर आसानी से ट्रेस किया जा सके। गांव वालों के अनुसार स्थानीय पुलिस व वन विभाग की उदासीनता के चलते खैरा की लकड़ी जंगल से चोरी हुई है।