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Kushinagar News: सुपात्रों को दान देने में न करें संकोच
Sun, 20 Oct 2024 04:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:01 AM IST
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लक्ष्मीगंज। शिवपुर मठिया गांव के सम्मे मां मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में शनिवार को वामन अवतार की कथा सुनाई गई। कथा व्यास ने कहा कि सुपात्रों को दान देने में संकोच नहीं करना चाहिए।
कथा व्यास उपेंद्र दास महाराज ने कहा कि भगवान वामन अवतार में दैत्य राज बाली के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुझे तीन पग भूमि चाहिए। इस बात को शुक्राचार्य ने जान लिया कि भगवान राजा बाली के पास छद्म वेश में दान लेने आए हैं। उन्होंने राजा बाली को.दान करने से मना किया। भगवान ने कहा कि मुझे तीन पग भूमि चाहिए, पहला पग में भगवान ने राजा का राज पाट लिया दूसरे पग में भगवान ने पूरा संसार नाप लिया उसके बाद कोई शेष नहीं बचा भगवान ने कहा आपकी अब आपके बाद कुछ भी शेष नहीं बचा। भगवान ने कहा कि अब तीसरा पग में कहां रखूं इसके बाद राजा बलि ने अपना शरीर ही भगवान के सामने अर्पित कर दिया। कथा वाचक ने कहा कि दान देने में संकोच नहीं करना चाहिए। भगवान भक्तों की परीक्षा भी लेते हैं।
इस दौरान आयोजन इंदल यादव, विभूति, अशोक गुप्ता, नर्वदेश्वर पांडेय, विजय प्रताप, गुलबदन यादव आदि मौजूद रहे।
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कथा व्यास उपेंद्र दास महाराज ने कहा कि भगवान वामन अवतार में दैत्य राज बाली के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुझे तीन पग भूमि चाहिए। इस बात को शुक्राचार्य ने जान लिया कि भगवान राजा बाली के पास छद्म वेश में दान लेने आए हैं। उन्होंने राजा बाली को.दान करने से मना किया। भगवान ने कहा कि मुझे तीन पग भूमि चाहिए, पहला पग में भगवान ने राजा का राज पाट लिया दूसरे पग में भगवान ने पूरा संसार नाप लिया उसके बाद कोई शेष नहीं बचा भगवान ने कहा आपकी अब आपके बाद कुछ भी शेष नहीं बचा। भगवान ने कहा कि अब तीसरा पग में कहां रखूं इसके बाद राजा बलि ने अपना शरीर ही भगवान के सामने अर्पित कर दिया। कथा वाचक ने कहा कि दान देने में संकोच नहीं करना चाहिए। भगवान भक्तों की परीक्षा भी लेते हैं।
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इस दौरान आयोजन इंदल यादव, विभूति, अशोक गुप्ता, नर्वदेश्वर पांडेय, विजय प्रताप, गुलबदन यादव आदि मौजूद रहे।