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Kushinagar News: सेवा के 10 वर्ष बाद 10 प्रतिशत मानदेय बढ़ने पर जताई नाराजगी
Sat, 01 Aug 2026 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:27 AM IST
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पडरौना। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में केवल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। सेवा के करीब 10 वर्ष बाद हुए मानदेय के इस बढ़ोत्तरी पर मध्यान्ह भोजन समन्वयक, कंप्यूटर ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि दस वर्ष में केवल अब तक 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जो कि न्यायसंगत नहीं है।
जिला समन्वयक एमडीएम जीतेंद्र गौतम और कंप्यूटर ऑपरेटर सर्वेश चंद श्रीवास्तव ने कहा कि मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के सिस्टम एनालिस्ट, मंडल और जिला समन्वयक व कम्प्यूटर आपरेटरों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई। वर्ष 2016 के बाद पहली बार उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। प्राधिकरण कार्यालय की तरफ से वर्षों से कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। अब 2026 में 10 वर्षों के बाद केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि उच्च डिग्री धारकों की मेहनत का परिहास है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत पढ़ने वाले बच्चों को भोजन खिलाने वाले कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। अल्प मानदेय से परिवार का भरण पोषण व बच्चों की सही परवरिश कार्मिक नहीं दे पा रहे हैं।
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जिला समन्वयक एमडीएम जीतेंद्र गौतम और कंप्यूटर ऑपरेटर सर्वेश चंद श्रीवास्तव ने कहा कि मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के सिस्टम एनालिस्ट, मंडल और जिला समन्वयक व कम्प्यूटर आपरेटरों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई। वर्ष 2016 के बाद पहली बार उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। प्राधिकरण कार्यालय की तरफ से वर्षों से कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। अब 2026 में 10 वर्षों के बाद केवल 10 प्रतिशत की वृद्धि उच्च डिग्री धारकों की मेहनत का परिहास है। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत पढ़ने वाले बच्चों को भोजन खिलाने वाले कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं किया जा रहा है। अल्प मानदेय से परिवार का भरण पोषण व बच्चों की सही परवरिश कार्मिक नहीं दे पा रहे हैं।
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