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फर्जीवाड़ा चल रहा था, जिम्मेदार चुप थे
kushinagar
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:06 AM IST
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रामकोला।
स्टेट बैंक पटखौली में बड़े खातेदारों के एकाउंट से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रुपये निकालने का यह मामला करीब छह माह से चल रहा था। एक महीने तक उपभोक्ताओं ने लगातार दबाव बनाया तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। परंतु अब इन खातेदारों की रकम कब तक मिलेगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
उपभोक्ताओं के अनुसार करीब छह महीने से यहां उपभोक्ताओं का पासबुक अपडेट करने में हीलाहवाली चल रही थी। इसको लेकर कई बार खातेदारों से नोकझोंक भी होती रहती है। ग्राहकों की मानें तो करीब महीना भर पहले उन लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि कैशियर ने बाउचर पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कई लोगों के एकाउंट से रुपये निकाल लिया है। इसको लेकर जब हल्ला हंगामा शुरू किया गया तब बैंक के वरिष्ठ अफसरों ने कैशियर को यहां से हटा दिया। लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। एक सप्ताह तक लगातार आंदोलन के बाद जब मामला हेड आफिस तक पहुंचा तब जाकर आनन-फानन जांच शुरू हुई। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि 39 जमाकर्ताओं के 55 लाख रुपये खाते से गलत तरीके से निकाले गए हैं। इसके बाद जाकर शाखा प्रबंधक मोहन मुरारी गुप्ता ने कैशियर डीएन गुप्ता के विरुद्घ कार्रवाई के लिए कप्तानगंज के थानेदार चौथीराम यादव को तहरीर दी। उपभोक्ता और देउरवा गांव की निवासी अमिरुन निशा, मजिबुन निशा, घिवहीं निवासी रीता देवी, सुधियानी के समीउदीन, भड़सर के अनवारुल, रामअधार प्रसाद, पचार की निशा, मेवा साहनी आदि का कहना है कि घर से चोरी होने के डर के चलते उन लोगों ने बैंक में रुपये जमा किया था, लेकिन बैंक से ही चोरी होना बेहद आश्चर्यजनक है। इन लोगों ने रुपये जमा तो किया था अपनी जरूरत के लिए, लेकिन अब वह कब मिलेगा इसका भी भरोसा नहीं है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक मोहन मुरारी गुप्ता ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही सभी 39 खाताधारकों के एकाउंट में रकम जमा कर दी जाएगी।
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स्टेट बैंक पटखौली में बड़े खातेदारों के एकाउंट से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए रुपये निकालने का यह मामला करीब छह माह से चल रहा था। एक महीने तक उपभोक्ताओं ने लगातार दबाव बनाया तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। परंतु अब इन खातेदारों की रकम कब तक मिलेगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
उपभोक्ताओं के अनुसार करीब छह महीने से यहां उपभोक्ताओं का पासबुक अपडेट करने में हीलाहवाली चल रही थी। इसको लेकर कई बार खातेदारों से नोकझोंक भी होती रहती है। ग्राहकों की मानें तो करीब महीना भर पहले उन लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि कैशियर ने बाउचर पर फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कई लोगों के एकाउंट से रुपये निकाल लिया है। इसको लेकर जब हल्ला हंगामा शुरू किया गया तब बैंक के वरिष्ठ अफसरों ने कैशियर को यहां से हटा दिया। लोगों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। एक सप्ताह तक लगातार आंदोलन के बाद जब मामला हेड आफिस तक पहुंचा तब जाकर आनन-फानन जांच शुरू हुई। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि 39 जमाकर्ताओं के 55 लाख रुपये खाते से गलत तरीके से निकाले गए हैं। इसके बाद जाकर शाखा प्रबंधक मोहन मुरारी गुप्ता ने कैशियर डीएन गुप्ता के विरुद्घ कार्रवाई के लिए कप्तानगंज के थानेदार चौथीराम यादव को तहरीर दी। उपभोक्ता और देउरवा गांव की निवासी अमिरुन निशा, मजिबुन निशा, घिवहीं निवासी रीता देवी, सुधियानी के समीउदीन, भड़सर के अनवारुल, रामअधार प्रसाद, पचार की निशा, मेवा साहनी आदि का कहना है कि घर से चोरी होने के डर के चलते उन लोगों ने बैंक में रुपये जमा किया था, लेकिन बैंक से ही चोरी होना बेहद आश्चर्यजनक है। इन लोगों ने रुपये जमा तो किया था अपनी जरूरत के लिए, लेकिन अब वह कब मिलेगा इसका भी भरोसा नहीं है। इस संबंध में शाखा प्रबंधक मोहन मुरारी गुप्ता ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही सभी 39 खाताधारकों के एकाउंट में रकम जमा कर दी जाएगी।
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