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Kushinagar News: अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई के दावे, न जुर्माना वसूला न एफआईआर
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कसया में हाइवे पर ओवरब्रिज के बगल में लगा होर्डिंग।
एक साल में आठ से दस बार चला अभियान, 90 से 95 नोटिस जारी करने का दावा
न हटाए गए होर्डिंग का रिकॉर्ड, न वैध-अवैध की गिनती, कमाई और कार्रवाई के आंकड़ों में भी अंतर स्पष्ट नहीं
कसया। अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर पालिका के अभियान बेअसर साबित हो रहे हैं। कार्रवाई के बाद फिर उन्हीं स्थानों पर होर्डिंग और बैनर लगा दिए जाते हैं। पिछले एक साल में आठ से 10 बार अभियान चलाने और 90 से 95 नोटिस जारी करने का दावा है लेकिन वैध-अवैध होर्डिंग की संख्या और कार्रवाई का स्पष्ट ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर पालिका परिषद की कार्रवाई का स्थायी असर नहीं दिख रहा है। अभियान चलाकर होर्डिंग हटाए जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद फिर उन्हीं स्थानों पर होर्डिंग और बैनर लगा दिए जाते हैं। पिछले एक साल में आठ से 10 बार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद नगर में कुल कितने होर्डिंग लगे हैं, कितने वैध और कितने अवैध हैं, इसका रिकॉर्ड नगर पालिका के पास नहीं है। कार्रवाई के बाद दोबारा होर्डिंग लगाने वालों पर जुर्माना वसूलने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी अब तक नहीं हुई है।
कुशीनगर नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, अवैध होर्डिंग लगाने वालों को अब तक 90 से 95 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग-बैनर की भरमार है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। बार-बार अभियान चलने के बाद भी समस्या बरकरार रहने से कार्रवाई की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने पर सवाल उठ रहे हैं।
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नगर पालिका की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में करीब 26 यूनिपोल लगे हैं। इनके लिए एक साल का शुल्क 24 हजार रुपये निर्धारित है। इसके अलावा करीब 70 होर्डिंग के लिए एक-एक हजार रुपये की रसीद एक वर्ष के लिए काटी जाती है। इस आधार पर निर्धारित दरों के अनुसार यूनिपोल और इन होर्डिंग से सालाना करीब 7.90 लाख रुपये की आय का हिसाब बनता है।
दूसरी ओर, अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई में कितने होर्डिंग हटाए गए, कितने लोगों पर जुर्माना लगाया गया और कितनी धनराशि वसूल की गई, इसका स्पष्ट ब्योरा नगर पालिका के पास नहीं है। बिना मंजूरी के शहर में लगे अवैध होर्डिंग के खिलाफ अब तक न जुर्माना लगाया गया है और न ही किसी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
वर्जन
अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्दी ही टीम गठित की जाएगी। टीम गठित करने के बाद अवैध होर्डिंग को चिह्नित कर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, अधिशासी अधिकारी (ईओ), कुशीनगर
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न हटाए गए होर्डिंग का रिकॉर्ड, न वैध-अवैध की गिनती, कमाई और कार्रवाई के आंकड़ों में भी अंतर स्पष्ट नहीं
कसया। अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर पालिका के अभियान बेअसर साबित हो रहे हैं। कार्रवाई के बाद फिर उन्हीं स्थानों पर होर्डिंग और बैनर लगा दिए जाते हैं। पिछले एक साल में आठ से 10 बार अभियान चलाने और 90 से 95 नोटिस जारी करने का दावा है लेकिन वैध-अवैध होर्डिंग की संख्या और कार्रवाई का स्पष्ट ब्योरा उपलब्ध नहीं है।
शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर पालिका परिषद की कार्रवाई का स्थायी असर नहीं दिख रहा है। अभियान चलाकर होर्डिंग हटाए जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद फिर उन्हीं स्थानों पर होर्डिंग और बैनर लगा दिए जाते हैं। पिछले एक साल में आठ से 10 बार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद नगर में कुल कितने होर्डिंग लगे हैं, कितने वैध और कितने अवैध हैं, इसका रिकॉर्ड नगर पालिका के पास नहीं है। कार्रवाई के बाद दोबारा होर्डिंग लगाने वालों पर जुर्माना वसूलने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी अब तक नहीं हुई है।
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कुशीनगर नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, अवैध होर्डिंग लगाने वालों को अब तक 90 से 95 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग-बैनर की भरमार है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। बार-बार अभियान चलने के बाद भी समस्या बरकरार रहने से कार्रवाई की निगरानी और जिम्मेदारी तय करने पर सवाल उठ रहे हैं।
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नगर पालिका की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में करीब 26 यूनिपोल लगे हैं। इनके लिए एक साल का शुल्क 24 हजार रुपये निर्धारित है। इसके अलावा करीब 70 होर्डिंग के लिए एक-एक हजार रुपये की रसीद एक वर्ष के लिए काटी जाती है। इस आधार पर निर्धारित दरों के अनुसार यूनिपोल और इन होर्डिंग से सालाना करीब 7.90 लाख रुपये की आय का हिसाब बनता है।
दूसरी ओर, अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई में कितने होर्डिंग हटाए गए, कितने लोगों पर जुर्माना लगाया गया और कितनी धनराशि वसूल की गई, इसका स्पष्ट ब्योरा नगर पालिका के पास नहीं है। बिना मंजूरी के शहर में लगे अवैध होर्डिंग के खिलाफ अब तक न जुर्माना लगाया गया है और न ही किसी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
वर्जन
अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल्दी ही टीम गठित की जाएगी। टीम गठित करने के बाद अवैध होर्डिंग को चिह्नित कर सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी।
-अंकिता शुक्ला, अधिशासी अधिकारी (ईओ), कुशीनगर