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‘डोल’ के रंग में सराबोर हुआ शहर
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:19 AM IST
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‘डोल’ के रंग में सराबोर हुआ शहर
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। शहर में परंपरागंत डोल जुलूस मंगलवार की रात से शुरू होकर बुधवार की सुबह संपन्न हो गया। डोल जुलूस युवक पूरी रात थिरकते रहे, वहीं मेले में बच्चों और महिलाओं ने जमकर लुत्फ उठाया। इस बार डोल जुलूस में सजी झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। शहर की सड़कों पर रात भर चहल कदमी देखने को मिली। कुल 11 अखाड़ों के कलाकारों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाकर खूब वाहवाही बटोरी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। कुछ जगहों पर युवकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहर में डोल का जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान शहर भर के प्रमुख चौराहों पर मेला लगता है। इसमें शहर समेत देहात क्षेत्रों के लोग भी शामिल होते हैं। डोल मेला होने के कारण मंगलवार की शाम से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई थी। जगमाहट के बीच रात करीब 10 बजे से 11 अखाड़ों की ओर से डोल का जुलूूस निकाला गया। इसमें महाबीरी गली, कसेरा टोला, सुभाष चौक, साहबगंज तुरहा टोला, बावली चौक, तिलक चौक, दरबार रोड, बेलवा चुंगी, कोठा दरबार, छावनी लाला टोला आदि मोहल्लों से भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रात भर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बुधवार की सुबह सात बजे तिलक चौक पर पहुंचा। जुलूस के बीच-बीच में अखाड़ों के कलाकारों ने डंडा भांजते, शीशा के नुकीले भाग पर लेटते, भाला पर सोते, आग के गोलों से खेलते हुए कारनामे दिखाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, राम-सीता, मॉ काली व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत झांकियां डोल जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में घूूमने के लिए न सिर्फ शहर के लोग शामिल हुए थे, बल्कि देहात क्षेत्रों से भी आए लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए कई थानों की पुलिस, पीएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहीं। बड़े-बड़े ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का मंच लगा था। हालांकि आर्केस्ट्रा में नाचने के दौरान कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करके लोगों को शांत करा दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के चलते कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहर में डोल का जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान शहर भर के प्रमुख चौराहों पर मेला लगता है। इसमें शहर समेत देहात क्षेत्रों के लोग भी शामिल होते हैं। डोल मेला होने के कारण मंगलवार की शाम से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई थी। जगमाहट के बीच रात करीब 10 बजे से 11 अखाड़ों की ओर से डोल का जुलूूस निकाला गया। इसमें महाबीरी गली, कसेरा टोला, सुभाष चौक, साहबगंज तुरहा टोला, बावली चौक, तिलक चौक, दरबार रोड, बेलवा चुंगी, कोठा दरबार, छावनी लाला टोला आदि मोहल्लों से भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रात भर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बुधवार की सुबह सात बजे तिलक चौक पर पहुंचा। जुलूस के बीच-बीच में अखाड़ों के कलाकारों ने डंडा भांजते, शीशा के नुकीले भाग पर लेटते, भाला पर सोते, आग के गोलों से खेलते हुए कारनामे दिखाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, राम-सीता, मॉ काली व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत झांकियां डोल जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में घूूमने के लिए न सिर्फ शहर के लोग शामिल हुए थे, बल्कि देहात क्षेत्रों से भी आए लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए कई थानों की पुलिस, पीएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहीं। बड़े-बड़े ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का मंच लगा था। हालांकि आर्केस्ट्रा में नाचने के दौरान कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करके लोगों को शांत करा दिया। पुलिस के हस्तक्षेप के चलते कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी।
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