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Kushinagar News: बाजार से चाइनीज झालर गायब, देसी झालरें की जा रहीं पसंद
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लाइट और झालरों की खरीदारी करते लोग।संवाद
पडरौना। दीपावली के बाजार पर इस बार स्वदेशी झालरों का कब्जा है। चाइनीज झालर बाजार से पूरी तरह गायब हो चुके हैं।
करीब तीन दशक पहले तक बिकने वाली देसी झालर व दीपावली में सजावट के इलेक्ट्रॉनिक सामान फिर से नए अंदाज में दिख रहे हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए तमाम किस्म की रंगीन लाइटें मंगाई गईं हैं, तो शाम होते ही दुकानों पर जगमग रोशनी कर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
प्रकाश पर्व दीपावली पर घर और प्रतिष्ठानों को सजाने की चाहत हर किसी की होती है। इस बार शहर के कोतवाली रोड, कन्हैया टाकीज रोड, मेन बाजार, सुभाष चौक, लोहिया हाता आदि बाजारों में ग्राहकों को लुभाने के लिए तमाम तरह की रंगीन लाइटें उपलब्ध हैं। क्रिस्टल मल्टी कलर की झालरें तो ग्राहकों की खास पसंद बन गई है। झालरों के अलावा रंगीन बल्ब की भी मांग बढ़ी है। शहर के कारोबारियों का कहना है कि काेरोना के बाद से ही चाइनीज झालरों की मांग कम होती गई और देसी झालरों ने बाजार पर कब्जा करना शुरू कर दिया। कुछ कारोबारियों के पास चीन निर्मित झालर की खेप पिछले साल तक पड़ी थी, जिसे वह या तो बेच चुके हैं या फिर खराब होने पर उसे नष्ट कर चुके हैं। संवाद
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करीब तीन दशक पहले तक बिकने वाली देसी झालर व दीपावली में सजावट के इलेक्ट्रॉनिक सामान फिर से नए अंदाज में दिख रहे हैं। ग्राहकों को लुभाने के लिए तमाम किस्म की रंगीन लाइटें मंगाई गईं हैं, तो शाम होते ही दुकानों पर जगमग रोशनी कर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
प्रकाश पर्व दीपावली पर घर और प्रतिष्ठानों को सजाने की चाहत हर किसी की होती है। इस बार शहर के कोतवाली रोड, कन्हैया टाकीज रोड, मेन बाजार, सुभाष चौक, लोहिया हाता आदि बाजारों में ग्राहकों को लुभाने के लिए तमाम तरह की रंगीन लाइटें उपलब्ध हैं। क्रिस्टल मल्टी कलर की झालरें तो ग्राहकों की खास पसंद बन गई है। झालरों के अलावा रंगीन बल्ब की भी मांग बढ़ी है। शहर के कारोबारियों का कहना है कि काेरोना के बाद से ही चाइनीज झालरों की मांग कम होती गई और देसी झालरों ने बाजार पर कब्जा करना शुरू कर दिया। कुछ कारोबारियों के पास चीन निर्मित झालर की खेप पिछले साल तक पड़ी थी, जिसे वह या तो बेच चुके हैं या फिर खराब होने पर उसे नष्ट कर चुके हैं। संवाद
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