जगह बदलकर झनकौल और बरवां गांव के बीच रखा गया पिंजरा
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तुर्कपट्टी। तेंदुआ सात दिन बाद भी पकड़ा नहीं जा सका है। हालांकि सोमवार से ही वन विभाग ने पिंजरा लगाकर घेराबंदी कर रहा है। फुरसतपुर ,बेलवा बुजुर्ग तथा झनकौल में उसके देखे जाने के बाद वनकर्मी अब पिंजरे को बसडीला पांडेय गांव से हटाकर बरवा गांव के पास एक खेत में ले गए हैं।
चार दिनों की दहशत और लोगों के विरोध के बाद बीते सोमवार को डीएफओ वेदप्रकाश जायसवाल की अगुआई में पांच रेंजरों की टीम बसडीला पांडेय गांव पहुंची थी। एक बकरी के बच्चे को पिंजरे में बांधकर झाड़ियों के सामने लगाया गया। परंतु तेंदुआ पिंजरे की बजाय फुरसतपुर गांव की तरफ निकल गया था। गांव वालों ने उसे दौड़ाया तो वह बेलवा बुजुर्ग और झनकौल गांव के सामने दिखने के बाद कहीं छिप गया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देर रात तक फुरसतपुर के अलावा अगल-बगल के अन्य गांवों में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुआ एक बार फिर गच्चा देने में सफल रहा। बुधवार को बरवा और झनकौल गांव के पास तेंदुआ के पद चिह्न मिलने के बाद वन विभाग ने पिंजरे को बसडीला पांडेय गांव से उठाकर बरवा गांव के पास एक खेत में लगाया है। वन कर्मी व अफसर पिंजरे से कुछ ही दूरी पर इंतजार में बैठे हैं। इस संबंध में डीएफओ वेदप्रकाश जायसवाल ने कहा कि विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। तेंदुआ के पद चिह्न उत्तर-पूरब दिशा की ओर मिले हैं। इसलिए पिंजरे की जगह बदली जा रही है।