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बांस का पुल ही छोटी गंडक पार करने का सहारा 

Wed, 29 Jun 2016 11:30 PM IST
Kushinagar
Kushinagar Updated Wed, 29 Jun 2016 11:30 PM IST
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Bamboo bridge crossing the small resort gandak
बांस के पुल के सहारे अथरहा घाट पर छोटी गंडक को पार करते हैं लोग । - फोटो : अमर उजाला
मथौली बाजार क्षेत्र के 12 गांवों के लोग वर्ष के आठ महीने जान जोखिम में डालकर बांस के पुल के सहारे अथरहा घाट पर छोटी गंडक नदी को पार करते हैं। बरसात में जब नदी उफान लेती है तो यह पुल भी बह जाता है। उस वक्त लोगों को नाव का सहरा लेना पड़ता है अथवा 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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छोटी गंडक कप्तानगंज, मोतीचक व हाटा ब्लॉक के गांवों के बीच से होकर बहती है। मथौली बाजार क्षेत्र के 12 गांव मुड़िला, सिकटिया, फर्द मुंडेरा, लोहेपार, पुरैनी, विजयपुर, राजपुर, बनटोलवां, लक्ष्मीपुर बड़हरा, लंगड़ी, दुबौली और गौनरिया के हजारों लोग मोतीचक ब्लॉक के गांव अथरहां के सामने नदी को पार करके मोतीचक, मथौली बाजार, हाटा, कप्तानगंज या जिला मुख्यालय पडरौना के लिए आते-जाते हैं।
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इनमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी होते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस नदी पर रगड़गंज घाट पर पक्का पुल बना है, जहां से तहसील कार्यालय 30 किलोमीटर, ब्लाक कार्यालय 25 किलोमीटर तथा सामुदायिक अस्पताल 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। परंतु अथरहां घाट से नदी पार करने पर तहसील मुख्यालय 15 किलोमीटर, ब्लॉक मुख्यालय 10 किलोमीटर और सामुदायिक अस्पताल की दूरी पांच किलोमीटर पड़ती है। 
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इसीलिए लोग अथरहा घाट के सामने नदी पार करके आते-जाते हैं। लोग हर साल चंदा जुटाकर यहां बांस का पुल बनाते हैं। साल के आठ माह तक तो इस पुल के सहारे जैसे-तैसे लोग नदी पार करते रहते हैं लेकिन बरसात में जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ता है, लकड़ी का यह पुल पानी के दबाव में बह जाता है। इसके बाद चार महीना यहां नाव के सहारे आवागमन होता है।

इन गांवों के लोग लंबे अरसे से अथरहां घाट पर पक्का पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं। दो साल पहले कई दिन तक चले आंदोलन के बाद तत्कालीन डीएम मौके पर पहुंचे और स्टीमेट बनवाकर शीघ्र पुल निर्माण की घोषणा हो गई। इसके बाद आंदोलन तो खत्म हो गया, लेकिन पुल निर्माण का कार्य आज तक शुरू भी नहीं हुआ।


चुनाव के समय प्रत्याशी यहां पुल बनवाने का वायदा करते हैं, लेकिन पक्का तो क्या आज तक पीपा पुल बनवाने का प्रयास नहीं किया गया। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से यहां पक्का पुल बनवाने की मांग की है।
 
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