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जिम्मेदारी उठाने के लिए बेटियां का स्वस्थ होना जरूरी: डॉ. घोष
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महिला स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में शपथ दिलाई गई।
- फोटो : KUSHINAGAR
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जिम्मेदारी उठाने के लिए बेटियां का स्वस्थ होना जरूरी: डॉ. विजय लक्ष्मी घोष
हाटा। इंडियन पब्लिक स्कूल में बुधवार को आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में बेटियाें को स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित गोष्ठी में डॉ. विजय लक्ष्मी घोष ने कहा कि जिम्मेदारी उठाने के लिए बेटियां का स्वस्थ होना जरूरी है।
डॉ. विजय लक्ष्मी घोष ने कहा कि महिलाओं के कंधों पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही वे समाज में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसलिए उनका शारीरिक रूप से मजबूत होना अति आवश्यक है। बेटियों को इसके लिए शुरू से ही ध्यान रखना होगा। उन्होंने छात्राओं को नियमित आहार व दिनचर्चा का ख्याल रखने की नसीहत दी। कहा कि पूर्वांचल की बेटियों में एनीमिया की शिकायत रहती है। इसका सबसे प्रमुख कारण भोजन में पौष्टिक तत्वों की कमी और अनियमित दिनचर्या है। अगर स्वास्थ्य संबंधित कोई दिक्कत तो बिना झिझक डॉक्टर से परामर्श लें।
डॉ. निधि उपाध्याय ने कहा कि आजकल लड़कियां खुद को फिट रखने के लिए भोजन से दूरी बनाती हैं और बदले में चाइनीज फूड, चिप्स आदि खाती रहती हैं। इससे शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है। शरीर को फिट रखने के लिए नियमित दिनचर्या, व्यायाम आदि जरूरी है।
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डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वस्थ रहने पर ही पढ़ाई भी लगन से हो सकती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना हर छात्र-छात्रा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। सुनी सुनाई बातों पर विश्वास करने की बजाय शरीर संबंधी किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं, वहां नि:शुल्क परामर्श के साथ ही जरूरी दवाएं भी मिलेंगी।
शिक्षक वेद कुमार उपाध्याय ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित समय पर भोजन और दिनचर्या में सुधार जरूरी है। उठने-बैठने के तरीकों, सोने-जागने के समय का ख्याल और व्यायाम से ही शरीर व मन स्वस्थ रहेगा।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. ज्ञानेश सिंह ने अतिथि डॉक्टरों के प्रति अभार जताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि बच्चे यहां से सीखी गई बातों केे अपनी जीवन में अपनाएं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य वाचस्पति द्विवेदी, अवधेश कुमार मल्ल, इरफान खान, अंगद कुमार, रंजीत गुप्ता, नवीन श्रीवास्तव, अरविंद कुमार, संजय मिश्रा, ध्रुव यादव आदि मौजूद रहे।
‘स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी’
शिक्षिका पूजा चौधरी ने कहा कि किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आवश्यक है। डॉक्टरों ने फिट रहने के जो उपाय बताए, उससे छात्राओं को काफी मदद मिलेगी।
शिक्षिका प्रतिभा दुबे ने कहा कि आज भी तमाम लड़कियां शारीरिक समस्याओं पर खुलकर बात नहीं कर पाती हैं। विद्यालय में महिला चिकित्सकों के आगमन से ऐसी लड़कियों ने भी खुलकर अपनी समस्या पर चर्चा की। इससे उन्हें अच्छी जानकारी मिली।
छात्रा गुड़िया खातून ने कहा कि अभी भी लड़कियों के स्वास्थ्य को लेकर लोग बहुत गंभीर नहीं हैं जबकि डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले में लापरवाही खतरनाक हो सकती है। यह जानकारी बेहतर लगी। छात्रा शिवानी राव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को विशेष लाभ होगा। समाज में तमाम बदलाव के बाद भी लड़कियां खुद ही अपनी सेहत को लेकर फिक्रमंद नहीं रहती हैं। इस कार्यक्रम से कई ऐसी जानकारी मिली, जिससे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
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हाटा। इंडियन पब्लिक स्कूल में बुधवार को आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में बेटियाें को स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित गोष्ठी में डॉ. विजय लक्ष्मी घोष ने कहा कि जिम्मेदारी उठाने के लिए बेटियां का स्वस्थ होना जरूरी है।
डॉ. विजय लक्ष्मी घोष ने कहा कि महिलाओं के कंधों पर परिवार की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही वे समाज में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसलिए उनका शारीरिक रूप से मजबूत होना अति आवश्यक है। बेटियों को इसके लिए शुरू से ही ध्यान रखना होगा। उन्होंने छात्राओं को नियमित आहार व दिनचर्चा का ख्याल रखने की नसीहत दी। कहा कि पूर्वांचल की बेटियों में एनीमिया की शिकायत रहती है। इसका सबसे प्रमुख कारण भोजन में पौष्टिक तत्वों की कमी और अनियमित दिनचर्या है। अगर स्वास्थ्य संबंधित कोई दिक्कत तो बिना झिझक डॉक्टर से परामर्श लें।
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डॉ. निधि उपाध्याय ने कहा कि आजकल लड़कियां खुद को फिट रखने के लिए भोजन से दूरी बनाती हैं और बदले में चाइनीज फूड, चिप्स आदि खाती रहती हैं। इससे शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है। शरीर को फिट रखने के लिए नियमित दिनचर्या, व्यायाम आदि जरूरी है।
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डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि स्वस्थ रहने पर ही पढ़ाई भी लगन से हो सकती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना हर छात्र-छात्रा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। सुनी सुनाई बातों पर विश्वास करने की बजाय शरीर संबंधी किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं, वहां नि:शुल्क परामर्श के साथ ही जरूरी दवाएं भी मिलेंगी।
शिक्षक वेद कुमार उपाध्याय ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित समय पर भोजन और दिनचर्या में सुधार जरूरी है। उठने-बैठने के तरीकों, सोने-जागने के समय का ख्याल और व्यायाम से ही शरीर व मन स्वस्थ रहेगा।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. ज्ञानेश सिंह ने अतिथि डॉक्टरों के प्रति अभार जताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि बच्चे यहां से सीखी गई बातों केे अपनी जीवन में अपनाएं।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य वाचस्पति द्विवेदी, अवधेश कुमार मल्ल, इरफान खान, अंगद कुमार, रंजीत गुप्ता, नवीन श्रीवास्तव, अरविंद कुमार, संजय मिश्रा, ध्रुव यादव आदि मौजूद रहे।
‘स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी’
शिक्षिका पूजा चौधरी ने कहा कि किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आवश्यक है। डॉक्टरों ने फिट रहने के जो उपाय बताए, उससे छात्राओं को काफी मदद मिलेगी।
शिक्षिका प्रतिभा दुबे ने कहा कि आज भी तमाम लड़कियां शारीरिक समस्याओं पर खुलकर बात नहीं कर पाती हैं। विद्यालय में महिला चिकित्सकों के आगमन से ऐसी लड़कियों ने भी खुलकर अपनी समस्या पर चर्चा की। इससे उन्हें अच्छी जानकारी मिली।
छात्रा गुड़िया खातून ने कहा कि अभी भी लड़कियों के स्वास्थ्य को लेकर लोग बहुत गंभीर नहीं हैं जबकि डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले में लापरवाही खतरनाक हो सकती है। यह जानकारी बेहतर लगी। छात्रा शिवानी राव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को विशेष लाभ होगा। समाज में तमाम बदलाव के बाद भी लड़कियां खुद ही अपनी सेहत को लेकर फिक्रमंद नहीं रहती हैं। इस कार्यक्रम से कई ऐसी जानकारी मिली, जिससे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।