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क्षेत्र पंचायत की उपेक्षा बंद हो
Kushinagar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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कप्तानगंज। क्षेत्र पंचायत कप्तानगंज की बैठक बुधवार को नगर पंचायत सभागार में हुई। इसमें क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने मनरेगा के तहत क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने चेतावनी दी कि उपेक्षा बंद नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
बैठक ब्लाक प्रमुख ममता चौधरी की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे से शुरू हुई। शुरुआत में क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सही ढंग से न होने, रबी की बुआई के लिए खाद और बीज की अनुपलब्धता तथा जलजनित व गंदगी से होने वाली बीमारियों पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एलएस सिंह तथा संबंधित अधिकारियों ने जवाब दिया। ब्लाक प्रमुख ममता ने कहा कि शासन और प्रशासन इस क्षेत्र पंचायत के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में क्षेत्र पंचायत को मनरेगा के तहत मांग की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम धन मिला तथा ग्राम पंचायतों में मांग की तुलना में 15 प्रतिशत ही धन मिला। उन्हाेंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में मनरेगा के तहत इस क्षेत्र पंचायत को कोई रकम नहीं मिली। इससे विकास कार्य ठप है। ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र शाही, खभराभार के ग्राम प्रधान अवधेश साहनी, वीरेंद्र गुप्त समेत कई प्रधानों ने उपेक्षा पर कड़ा ऐतराज जताया। प्रस्ताव पास किया गया कि यदि इस क्षेत्र पंचायत की उपेक्षा बंद नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पूर्व विधायक शंभू चौधरी, बीडीओ टीपी मिश्रा, रामकृपाल निषाद, छोटेलाल खरवार, कमलेश मल्ल भी मौजूद थे।
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बैठक ब्लाक प्रमुख ममता चौधरी की अध्यक्षता में दोपहर एक बजे से शुरू हुई। शुरुआत में क्रय केंद्रों पर धान की खरीद सही ढंग से न होने, रबी की बुआई के लिए खाद और बीज की अनुपलब्धता तथा जलजनित व गंदगी से होने वाली बीमारियों पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एलएस सिंह तथा संबंधित अधिकारियों ने जवाब दिया। ब्लाक प्रमुख ममता ने कहा कि शासन और प्रशासन इस क्षेत्र पंचायत के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में क्षेत्र पंचायत को मनरेगा के तहत मांग की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम धन मिला तथा ग्राम पंचायतों में मांग की तुलना में 15 प्रतिशत ही धन मिला। उन्हाेंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में मनरेगा के तहत इस क्षेत्र पंचायत को कोई रकम नहीं मिली। इससे विकास कार्य ठप है। ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र शाही, खभराभार के ग्राम प्रधान अवधेश साहनी, वीरेंद्र गुप्त समेत कई प्रधानों ने उपेक्षा पर कड़ा ऐतराज जताया। प्रस्ताव पास किया गया कि यदि इस क्षेत्र पंचायत की उपेक्षा बंद नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान पूर्व विधायक शंभू चौधरी, बीडीओ टीपी मिश्रा, रामकृपाल निषाद, छोटेलाल खरवार, कमलेश मल्ल भी मौजूद थे।
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