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ड्रेस वितरण में गड़बड़ी का आरोप
Kushinagar
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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मंसाछापर। विकास खंड विशुनपुरा के प्राथमिक विद्यालय घूरछपरा में ड्रेस वितरण में गड़बड़ी का आरोप लग गया है। ड्रेस वितरण के समय ही घटिया ड्रेस होने की बात कहते हुए बीस बच्चों ने ड्रेस ही फेंक दिया। गड़बड़ी का आलम यह है कि इस विद्यालय में दो ठेकेदारों ने आपूर्ति कर दी और दोनों के ड्रेस को आधे-आधे बच्चों में वितरित भी कर दिया गया। जबकि जिन बीस बच्चों ने ड्रेस नहीं लिया, उन्हें अब तक ड्रेस नहीं मिल सकी है। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जाता है कि इस विद्यालय में 125 नामांकित बच्चे हैं। इन बच्चों को गत दिन ड्रेस वितरित की जा रही थी। अभी कुछ ही बच्चों में ड्रेस वितरित हुई थी कि नीलम, अंतीम, ललित, माया, नीरज, अंगिरा, जिऊती, सुनीता सहित बीस बच्चों ने कपड़ा खराब होने की बात कहते हुए ड्रेस लेने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ता देख इन बच्चों के अभिभावक भी विद्यालय पर पहुंच गये और हंगामे की स्थिति बनने लगी। अभिभावकों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक रामनरेश जायसवाल का कहना है कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर बीस बच्चों ने ड्रेस वापस कर दिया है। दो ठेकेदारों का कपड़ा आया था। दोनों को आधा-आधा वितरित किया गया है। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था। यह गंभीर मामला है। इसकी जांच होगी और जांच के बाद जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि एक विद्यालय पर एक ही फर्म की ड्रेस वितरित हो सकती है।
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बताया जाता है कि इस विद्यालय में 125 नामांकित बच्चे हैं। इन बच्चों को गत दिन ड्रेस वितरित की जा रही थी। अभी कुछ ही बच्चों में ड्रेस वितरित हुई थी कि नीलम, अंतीम, ललित, माया, नीरज, अंगिरा, जिऊती, सुनीता सहित बीस बच्चों ने कपड़ा खराब होने की बात कहते हुए ड्रेस लेने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ता देख इन बच्चों के अभिभावक भी विद्यालय पर पहुंच गये और हंगामे की स्थिति बनने लगी। अभिभावकों ने इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को दे दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक रामनरेश जायसवाल का कहना है कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर बीस बच्चों ने ड्रेस वापस कर दिया है। दो ठेकेदारों का कपड़ा आया था। दोनों को आधा-आधा वितरित किया गया है। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी संतोष श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था। यह गंभीर मामला है। इसकी जांच होगी और जांच के बाद जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि एक विद्यालय पर एक ही फर्म की ड्रेस वितरित हो सकती है।
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