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पॉलिथीन पर पाबंदी
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:28 PM IST
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शहर में प्रतिदिन तीन क्विंटल पॉलिथीन की खपत
विकल्प की तलाश में जुटे व्यवसाई, प्रशासन चलाएगा 15 से अभियान
नगर पालिका भी आज से शुरू करेगा जागरूकता अभियान
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। शहर में रोज औसतन तीन क्विंटल पॉलिथीन की खपत होती है। इसका सबसे अधिक प्रयोग किराना, सब्जी और जनरल स्टोर पर होता है। 15 जुलाई से पॉलिथीन पर रोक लगा दिए जाने से व्यापारी नए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। वहीं इस प्रतिबंध को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू दी गई हैं। डीएम ने 15 जुलाई से जिले भर में अभियान चलाकर पॉलिथीन की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। नगर पालिका प्रशासन भी शनिवार से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
शहर में पॉलिथीन की थैली बेचने की छह बड़ी दुकानें हैं। दुकानदारों के अनुसार पॉलिथीन की बिक्री किलोग्राम के हिसाब से होती है। एक किलोग्राम वजन के पैकेट में छोटे पॉलिथीन 800 पीस और बड़े 600 पीस होते हैं। अब इसके उपयोग पर पाबंदी की घोषणा के बाद दुकानदार कपड़े का झोला मंगाना शुरू कर दिए हैं।
क्या कहते हैं व्यापारी:
व्यापार मंडल के सदस्य सुधीर जायसवाल का कहना है कि सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। बाजार में इसे प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए प्रशासन का सहयोगी बनकर कार्य करना होगा।
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व्यापारी सुरेंद्र जायसवाल का कहना है कि कम कीमत में पॉलिथीन मिल जाता है। इसके प्रतिबंधित हो जाने से नए विकल्प की तलाश की जा रही है।
क्या कहते है ग्राहक:
शहर निवासी मनोज सिंह का कहना है कि पॉलिथीन के प्रयोग से जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होती है। इस पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है। शहर के ही मंतोष जायसवाल का कहना है कि पॉलिथीन पर पाबंदी का निर्णय उचित है। बाजार में खाली हाथ जाने की बजाय घर से झोला लेकर निकलने की आदत डालनी होगी।
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विकल्प की तलाश में जुटे व्यवसाई, प्रशासन चलाएगा 15 से अभियान
नगर पालिका भी आज से शुरू करेगा जागरूकता अभियान
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। शहर में रोज औसतन तीन क्विंटल पॉलिथीन की खपत होती है। इसका सबसे अधिक प्रयोग किराना, सब्जी और जनरल स्टोर पर होता है। 15 जुलाई से पॉलिथीन पर रोक लगा दिए जाने से व्यापारी नए विकल्प की तलाश कर रहे हैं। वहीं इस प्रतिबंध को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू दी गई हैं। डीएम ने 15 जुलाई से जिले भर में अभियान चलाकर पॉलिथीन की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। नगर पालिका प्रशासन भी शनिवार से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
शहर में पॉलिथीन की थैली बेचने की छह बड़ी दुकानें हैं। दुकानदारों के अनुसार पॉलिथीन की बिक्री किलोग्राम के हिसाब से होती है। एक किलोग्राम वजन के पैकेट में छोटे पॉलिथीन 800 पीस और बड़े 600 पीस होते हैं। अब इसके उपयोग पर पाबंदी की घोषणा के बाद दुकानदार कपड़े का झोला मंगाना शुरू कर दिए हैं।
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क्या कहते हैं व्यापारी:
व्यापार मंडल के सदस्य सुधीर जायसवाल का कहना है कि सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। बाजार में इसे प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए प्रशासन का सहयोगी बनकर कार्य करना होगा।
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व्यापारी सुरेंद्र जायसवाल का कहना है कि कम कीमत में पॉलिथीन मिल जाता है। इसके प्रतिबंधित हो जाने से नए विकल्प की तलाश की जा रही है।
क्या कहते है ग्राहक:
शहर निवासी मनोज सिंह का कहना है कि पॉलिथीन के प्रयोग से जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होती है। इस पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने बेहतर निर्णय लिया है। शहर के ही मंतोष जायसवाल का कहना है कि पॉलिथीन पर पाबंदी का निर्णय उचित है। बाजार में खाली हाथ जाने की बजाय घर से झोला लेकर निकलने की आदत डालनी होगी।