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न वेतन मिल रहा है और न ही घर वापसी की इजाजत
Updated Fri, 25 Aug 2017 05:11 PM IST
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कुशीनगर। रामकोला थाना क्षेत्र के लालाछपरा गांव निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति सऊदी अरब में फंसा है। उसे ढाई वर्षों से वहां बकरी चरानी पड़ रही है। उसकी आपबीती सुनकर घरवाले परेशान हैं।
लालाछपरा गांव निवासी छेदी मौर्य का 35 वर्षीय पुत्र हीरा खेत बंधक रखकर सऊदी अरब कमाने गया, लेकिन वहां मालिक उसे न तो वेतन दे रहा है और न ही घर लौटने दे रहा है। हीरा को वहां बकरी चराने के काम में लगाया गया है। उसका फोन आने के बाद से घरवाले भी परेशान हैं।
छेदी का कहना है कि जब से हीरा के बारे में सुना है, चिंता बढ़ गई है। उसे सऊदी अरब इस उम्मीद में खेत बंधक रखकर भेजा गया था कि अच्छी पगार मिलने पर खेत छुड़ा लिया जाएगा। साथ ही पारिवारिक स्थिति भी सुधर जाएगी, लेकिन वहां वह खुद ही संकट में पड़ गया है। खेत छुड़ाना तो दूर अब घर की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। हीरा की पत्नी रुना ने बताया कि उनके चारो बच्चे बीमार हैं। उनके इलाज के लिए रुपये नहीं हैं। रुना ने अपने पति को सऊदी अरब से बुलवाने के लिए एसडीएम कप्तानगंज को पत्रक सौंपा है।
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लालाछपरा गांव निवासी छेदी मौर्य का 35 वर्षीय पुत्र हीरा खेत बंधक रखकर सऊदी अरब कमाने गया, लेकिन वहां मालिक उसे न तो वेतन दे रहा है और न ही घर लौटने दे रहा है। हीरा को वहां बकरी चराने के काम में लगाया गया है। उसका फोन आने के बाद से घरवाले भी परेशान हैं।
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छेदी का कहना है कि जब से हीरा के बारे में सुना है, चिंता बढ़ गई है। उसे सऊदी अरब इस उम्मीद में खेत बंधक रखकर भेजा गया था कि अच्छी पगार मिलने पर खेत छुड़ा लिया जाएगा। साथ ही पारिवारिक स्थिति भी सुधर जाएगी, लेकिन वहां वह खुद ही संकट में पड़ गया है। खेत छुड़ाना तो दूर अब घर की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। हीरा की पत्नी रुना ने बताया कि उनके चारो बच्चे बीमार हैं। उनके इलाज के लिए रुपये नहीं हैं। रुना ने अपने पति को सऊदी अरब से बुलवाने के लिए एसडीएम कप्तानगंज को पत्रक सौंपा है।
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