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बेड की संख्या कम होने की वजह से परेशानी
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सात बेड के एसएनसीयू में 35 नवजात भर्ती
परिजनों की परेशानी को देखते हुए इन्हें भर्ती किया गया हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नवजात को समुचित इलाज के लिए जिला अस्पताल के एसएनसीयू में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। सात बेड के यूनिट में 35 नवजात बच्चों को भर्ती करना पड़ा है। निजी अस्पतालों के एसएनसीयू में इलाज महंगा होने से परिजन बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती कराए हैं।
प्री मेच्योर, अति कुपोषित और अस्वस्थ नवजात बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) बना है। इसमें बच्चों के लिए आठ वार्मर लगे हैं। एक वार्मर लेबर रूम में है, जहां प्रसव के बाद तत्काल नवजात शिशुओं को उसमें रखा जाता है। इसके अलावा सात बेड (वार्मर) एसएनसीयू में लगे हैं। इन दिनों नवजात शिशुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। क्षमता से पांच गुना अधिक नवजात भर्ती कराए गए हैं। बुधवार को इसमें 35 नवजात भर्ती कराए गए थे। इनमें कसया की शकीना, रामकोला की सुनैना, विशुनपुरा की सविता, खिरकिया की शहनवाज, कसया की नेहा यादव, सिसवा मठिया की उमा, धनौती की बबिता देवी, पटहेरवा की इंदिरा, कुुबेरस्थान की अनुराधा, बिहार की प्रियंका और नटवा गांव की विद्यावती सहित 35 महिलाओं के नवजात बच्चे भर्ती हैं। इस बाबत सीएमएस ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एसएनसीयू की क्षमता बढ़ाई जा रही है। 25 बेड के चाइल्ड वार्ड को कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां चाइल्ड वार्ड 40 बेड का बनाया गया है। जबकि जिला अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में महिला वार्ड और एसएनसीयू के बगल में स्थित महिला वार्ड में एसएनसीयू को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। एसएनसीयू और मदर केयर यूनिट को महिला वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए वार्मर की डिमांड की जाएगी। उसके बाद एसएनसीयू में समस्या नहीं आएगी।
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परिजनों की परेशानी को देखते हुए इन्हें भर्ती किया गया हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नवजात को समुचित इलाज के लिए जिला अस्पताल के एसएनसीयू में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। सात बेड के यूनिट में 35 नवजात बच्चों को भर्ती करना पड़ा है। निजी अस्पतालों के एसएनसीयू में इलाज महंगा होने से परिजन बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती कराए हैं।
प्री मेच्योर, अति कुपोषित और अस्वस्थ नवजात बच्चों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट) बना है। इसमें बच्चों के लिए आठ वार्मर लगे हैं। एक वार्मर लेबर रूम में है, जहां प्रसव के बाद तत्काल नवजात शिशुओं को उसमें रखा जाता है। इसके अलावा सात बेड (वार्मर) एसएनसीयू में लगे हैं। इन दिनों नवजात शिशुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। क्षमता से पांच गुना अधिक नवजात भर्ती कराए गए हैं। बुधवार को इसमें 35 नवजात भर्ती कराए गए थे। इनमें कसया की शकीना, रामकोला की सुनैना, विशुनपुरा की सविता, खिरकिया की शहनवाज, कसया की नेहा यादव, सिसवा मठिया की उमा, धनौती की बबिता देवी, पटहेरवा की इंदिरा, कुुबेरस्थान की अनुराधा, बिहार की प्रियंका और नटवा गांव की विद्यावती सहित 35 महिलाओं के नवजात बच्चे भर्ती हैं। इस बाबत सीएमएस ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एसएनसीयू की क्षमता बढ़ाई जा रही है। 25 बेड के चाइल्ड वार्ड को कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहां चाइल्ड वार्ड 40 बेड का बनाया गया है। जबकि जिला अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में महिला वार्ड और एसएनसीयू के बगल में स्थित महिला वार्ड में एसएनसीयू को शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। एसएनसीयू और मदर केयर यूनिट को महिला वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए वार्मर की डिमांड की जाएगी। उसके बाद एसएनसीयू में समस्या नहीं आएगी।
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