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चीनी मिलों पर 105 करोड़ अब भी बकाया
कुशीनगर
Updated Thu, 14 Apr 2016 11:38 PM IST
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पडरौना। गन्ने का पेराई सत्र बीतने के बाद जिले के पांच चीनी मिलों पर किसानों का 105.05 करोड़ से अधिक का अब भी बकाया है। इसके लिए विभागीय स्तर पर मिलों पर गन्ना किसानों के बकाए का जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाने की कार्रवाई तेज हो गई है।
चीनी मिलों से कहा गया है कि इस महीने के अंत तक किसानों के बकाए का भुगतान कर दें। चीनी मिलों पर इस बार के पेराई सत्र का 105.05 करोड़ से अधिक का बकाया है, जबकि मिलों में पेराई बहुत पहले ही बंद हो गई थी। इस क्षेत्र में किसान गन्ने की बुआई नकदी फसल के रूप में करते हैं, लेकिन चीनी मिलों की मनमानी के कारण गन्ना किसान अपने नकदी फसल के भुगतान के लिए परेशान हैं।
कुशीनगर में कुल पांच चीनी मिलों ने किसानों के गन्ने की पेराई की थी। 230 रुपये क्विंटल के हिसाब से जनपद की सभी मिलों ने कुल 429.31 करोड़ से अधिक मूल्य के गन्ने की पेराई की थी। इसमें से मिलों ने अब तक गन्ना किसानों को सिर्फ 324.26 करोड़ ही भुगतान किया है। इस तरह से मिलों पर अब भी किसानों का 105.05 करोड़ से अधिक का बकाया है।
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जबकि मांगलिक कार्यक्रमों का दौर भी शुरू हो चुका है। ऐसे में किसान गन्ने के बकाए के भुगतान के भरोसे होने वालेे मांगलिक कार्यक्रम फीका होने की आशंका से चिंतित हैं। किसान आए दिन अपने पासबुक लेकर बैंकों का इस उम्मीद से चक्कर काट रहे हैं कि उनके खाते में उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान आ गया होगा। उधर, गन्ना विभाग ने भी किसानों के गन्ना मूल्य के बकाए के भुगतान के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि जनपद के पांच चीनी मिलों पर अब भी ज्यादा धनराशि बकाया। मिलों को विभाग की तरफ से किसानों के गन्ना का बकाया इस माह के अंत तक हर हाल में भुगतान करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि खड्डा स्थित मिल पर किसानों का करीब 10.77 करोड़ बकाया है। कप्तानगंज स्थित मिल पर किसानों का 38.56 करोड़ बकाया है।
रामकोला स्थित मिल पर 4.59 करोड़ बकाया है। सेवरही स्थित मिल पर गन्ना किसानों का करीब 30.40 करोड़ और ढाढा स्थित मिल पर 20.76 करोड़ से अधिक का बकाया है।
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चीनी मिलों से कहा गया है कि इस महीने के अंत तक किसानों के बकाए का भुगतान कर दें। चीनी मिलों पर इस बार के पेराई सत्र का 105.05 करोड़ से अधिक का बकाया है, जबकि मिलों में पेराई बहुत पहले ही बंद हो गई थी। इस क्षेत्र में किसान गन्ने की बुआई नकदी फसल के रूप में करते हैं, लेकिन चीनी मिलों की मनमानी के कारण गन्ना किसान अपने नकदी फसल के भुगतान के लिए परेशान हैं।
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कुशीनगर में कुल पांच चीनी मिलों ने किसानों के गन्ने की पेराई की थी। 230 रुपये क्विंटल के हिसाब से जनपद की सभी मिलों ने कुल 429.31 करोड़ से अधिक मूल्य के गन्ने की पेराई की थी। इसमें से मिलों ने अब तक गन्ना किसानों को सिर्फ 324.26 करोड़ ही भुगतान किया है। इस तरह से मिलों पर अब भी किसानों का 105.05 करोड़ से अधिक का बकाया है।
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जबकि मांगलिक कार्यक्रमों का दौर भी शुरू हो चुका है। ऐसे में किसान गन्ने के बकाए के भुगतान के भरोसे होने वालेे मांगलिक कार्यक्रम फीका होने की आशंका से चिंतित हैं। किसान आए दिन अपने पासबुक लेकर बैंकों का इस उम्मीद से चक्कर काट रहे हैं कि उनके खाते में उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान आ गया होगा। उधर, गन्ना विभाग ने भी किसानों के गन्ना मूल्य के बकाए के भुगतान के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश गुप्ता का कहना है कि जनपद के पांच चीनी मिलों पर अब भी ज्यादा धनराशि बकाया। मिलों को विभाग की तरफ से किसानों के गन्ना का बकाया इस माह के अंत तक हर हाल में भुगतान करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने बताया कि खड्डा स्थित मिल पर किसानों का करीब 10.77 करोड़ बकाया है। कप्तानगंज स्थित मिल पर किसानों का 38.56 करोड़ बकाया है।
रामकोला स्थित मिल पर 4.59 करोड़ बकाया है। सेवरही स्थित मिल पर गन्ना किसानों का करीब 30.40 करोड़ और ढाढा स्थित मिल पर 20.76 करोड़ से अधिक का बकाया है।