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कुंडा कांड: तीन आरोपी सरकारी गवाह बनने को तैयार
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2013 01:17 AM IST
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कुंडा कांड में सीओ हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों में से तीन सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं। सीबीआई ने अब इनका कलमबंद बयान दर्ज कराने को मुख्यालय के अधिकारियों से अनुमति मांगी है।
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सीबीआई इन तीनों के नामों को अभी उजागर नहीं कर रही है।
ढीली पड़ने लगी है सीबीआई की जांच
कुंडा कांड में सीबीआई जांच ढीली पड़ती दिख रही है। सीओ जियाउल हक की हत्या में पकड़े गए नाबालिग आरोपी की रिमांड 28 अप्रैल को खत्म हो गई, जिसे रिमांड पर लेने के लिए सीबीआई ने आवेदन नहीं किया।
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यदि आरोपी का वकील बेल के लिए आवेदन दे देता तो जेजे बोर्ड को बेल मंजूर करनी पड़ती। बोर्ड ने न्याय हित में आरोपी की रिमांड खुद ही दो दिन के लिए बढ़ा दी है।
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बोर्ड ने सीबीआई के संयुक्त निदेशक को पत्र लिखकर जांच अधिकारियों पर आरोपी को फायदा पहुंचाने का संदेह जताया है। लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा है।
आरोपी लखनऊ के संप्रेक्षण गृह में है। आरोपी को 14 दिन की अधिकतम रिमांड पर सीबीआई ले सकती है और इसके बाद रिमांड बढ़वाने के लिए उसे फिर से बोर्ड को लिखना होता है।
14 अप्रैल को रिमांड मिलने के बाद से 28 अप्रैल को यह अवधि पूरी हो चुकी थी। ऐसे में 29 अप्रैल को जेजे बोर्ड और सदस्यों डॉ. रश्मि रस्तोगी और दिनेश पांडेय के समक्ष सीबीआई को रिमांड के लिए आवेदन करना था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
तीन आरोपी बनेंगे सरकारी गवाह
सीओ हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों में से तीन सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं। सीबीआई अब इनका कलमबंद बयान दर्ज कराने को मुख्यालय के अधिकारियों से अनुमति मांगी है। सीबीआई इन तीनों के नामों को अभी उजागर नहीं कर रही है।
कुंडा कांड में सीबीआई अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें राम आसरे, घनश्याम, सरोज, रामलखन, शिवराम पासी, छोटेलाल यादव, मुन्ना लाल पटेल और भुल्ले पाल, अजय पाल, विजय पाल आदि शामिल है। इन्हीं में से तीन को वह सरकारी गवाह बनाएगी।
सुरेश की मौत पर सीबीआई जल्दी लगाएगी रिपोर्ट
कुंडा कांड में सीबीआई ग्राम प्रधान नन्हे यादव के भाई सुरेश यादव की मौत के बारे में अदालत में रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी में है। सीबीआई इस बात की तस्दीक कर चुकी है कि सुरेश यादव की मौत उसकी ही बंदूक से दुर्घटनावश गोली चलने से हुई।
प्रधान के भाई ने छिपाए थे शस्त्र
कुंडा के बलीपुर गांव में जिन लाठी-डंडों से सीओ जियाउल हक पर जानलेवा हमला किया गया था उन्हें मुख्य आरोपियों में से एक फूलचंद्र ने किसी के कहने पर तालाब में छिपा दिया था।
इससे पहले प्रधान के भाई फूलचंद ने शस्त्रों को अपने घर में छिपा कर रखा था। सीबीआई अब फूलचंद्र के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवा कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि फूलचंद्र ने किससे बात की थी। किसने इन शस्त्रों को तालाब में दबाने की सलाह दी थी।