दो मुर्गों की दी बलि, मर गए दो बैल!
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दुनिया भले ही 21वीं सदी की तरक्की पर इठला रही हो मगर जिले में अब भी अंधविश्वास की जड़ें बहुत गहरी हैं। इसका प्रमाण है बभनी के फरीपान गांव में बुधवार को पंचायत में एक युवक की अजीबोगरीब हरकत को दो बैलों की मौत का कसूरवार ठहराकर उससे जुर्माना वसूलना।
युवक का कसूर यह था कि उसने होलिका दहन में दो जिंदा मुर्गों को डाला था और संयोग से दूसरे दिन गांव में दो बैलों की मौत हो गई थी। युवक को ऐसा करने के लिए गांव के ओझा ने सलाह दी थी। उसने युवक से कहा था कि यदि वह ऐसा करेगा तो उसकी बीवी को होने वाली संतान अकाल मौत नहीं मरेगी।
पैदा होते ही मर रहे थे उसके बच्चे
गांव के रामनारायण की संतानें पैदा होने के कुछ दिन बाद ही मर जा रही थीं। उसने अपनी पत्नी का उपचार कराने के बजाय कोंगा गांव के एक ओझा की शरण ली। ओझा ने उसकी पत्नी पर भूत-प्रेत का चक्कर बताते हुए होलिका दहन में दो मुर्गों की बलि चढ़ाने की सलाह दी।
इसके बाद रामनारायण ने गत 16 मार्च की रात जलती होलिका में दो जिंदा मुर्गे डाल दिए। दोनों मुर्गे जलकर राख हो गए। दूसरे दिन सुबह संयोग से गांव के एक किसान के दो बैलों की मौत हो गई।
गांववालों ने इसे होलिका का शाप मानते हुए रामनारायण के इस कृत्य को बैलों की मौत के लिए जिम्मेदार बताया। बात बढ़ी तो ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर पंचायत बुलाई। पंचायत में प्रधान वैदेही देवी और बभनी पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिसकर्मियों ने इसे गांववालों का आपसी मामला बताते हुए इसमें हस्तक्षेप से पल्ला झाड़ लिया।
देना होगा 5051 का जुर्माना
वैदेही देवी, प्रधान ने बताया कि हां, ऐसा वाकया हुआ है लेकिन रामनारायण से लिए जाने वाले जुर्माने के पैसे को पूजा-पाठ में खर्च किया जाएगा।
गांववालों में इस प्रकरण को लेकर बहुत गुस्सा था। उनके गुस्से को शांत करने के लिए यही एक तरीका पंचायत की समझ में आया।
प्रधान वैदेही की अध्यक्षता में दो घंटे से अधिक समय तक चली पंचायत में यह तय किया गया कि गुनहगार ठहराया जा रहा युवक गांव के बैगा (ग्र्राम पुजारी) को 5051 रुपए जुर्माना दे।