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सूदखोरों से परेशान युवक ने गंगा में लगाई छलांग
Mon, 04 Feb 2019 12:07 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Mon, 04 Feb 2019 12:07 AM IST
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कौशाम्बी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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कोखराज। प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के मलाक हरहर राजताली गांव में रहने वाले एक युवक ने सूदखोरों से परेशान होकर रविवार सुबह गंगा नदी में छलांग लगा दी। इससे पहले कोखराज इलाके के सिहोरी पुल पर उसने सुसाइड नोट भी छोड़ा। गोताखोरों ने करीब चार घंटे तक युवक को गहरे पानी में खोजने का प्रयास किया,लेकिन कामयाबी नहीं मिली। पुलिस घटना को संदिग्ध बता रही है।
मलाक हरहर राजताली गांव का रामपूजन पटेल (30) पुत्र स्व. हीरालाल मारुति वैन चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसकी पत्नी पूजा ने बताया कि रामपूजन ने पड़ोसियों व पड़ोसी गांवों के करीब छह सूदखोरों से लाखों रुपये कर्ज ले रखा था। इस बीच सूदखोर परेशान करने लगे थे। अक्सर वह घर आकर गाली-गलौज करते थे। रामपूजन के साथ कहीं आते-जाते वक्त रास्ते में रोककर भी अभद्रता करते थे। परिजनों की मानें तो करीब 15 दिन पहले रामपूजन घर से निकला। इसके बाद लौटा ही नहीं। रविवार सुबह कोखराज इलाके के सिहोरी पुल से उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी। पुल पर एक सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें चार सूदखोरों से परेशान होने का जिक्र किया गया है। कोखराज पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में करीब चार घंटे तक युवक को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। खबर मिलने के बाद से पीड़ित परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
मंझनपुर (ब्यूरो)। रामपूजन की पत्नी पूजा ने बताया कि पड़ोसी गांव सुमेरी का पूरा में रहने वाला सूदखोर रतनलाल कुछ ज्यादा ही परेशान करता था। मूलधन देने के बाद वह ब्याज वसूली के लिए दबाव बनाता था। अक्सर घर आकर गाली-गलौज करता था। इसी से परेशान होकर 31 जनवरी को पूजा ने रतन के खिलाफ प्रयागराज के सोरांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रामपूजन ने सुसाइड नोट में पड़ोसी विनोद प्रजापति, सुमेरी का पूरा निवासी रतनलाल उसके पिता देवीदीन और मलाक हरहर (सतई का पूरा) निवासी सुनील तिवारी का नाम लिखा है। इसके बाद से यह सभी सूदखोर पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पूछताछ के लिए कभी भी कोखराज पुलिस इन्हें हिरासत में ले सकती है। हालांकि अभी पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
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रामपूजन की शादी वर्ष 2012 में नवाबगंज कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर दरगाही गांव की पूजा पटेल से हुई है। शादी के बाद उसे दो बच्चे प्रांशू (6) और प्रिंस (4) हैं। सुसाइड नोट मिलने के बाद से बीवी-बच्चों की रो-रोकर हालत खराब हो गई। सूचना पाकर रामपूजन के भाई सिहोरी पुल पहुंचे थे। बाद में वह बैरंग लौट गए। पूजा ने बताया कि पति रामपूजन सूदखोरों के दबाव के चलते करीब दो महीने से कुछ ज्यादा ही परेशान रहने लगा था। अक्सर वह देर रात चुपके से घर आता था। खाना खाए बगैर सो जाता था। कुछ भी पूछने पर झिड़क देता था। पूजा की मानें तो उसे इतना पता था कि पति ने कर्ज ले रखा है, लेकिन यह नहीं मालूम कि किससे कितना पैसा लिया है। कहते हैं लोहा इतनी आसानी से किसी को भी फलता नहीं है। रामपूजन के साथ भी यही हुआ। करीब दो साल पहले उसने मारुति वैन खरीदी। परिजनों की मानें तो इसी के बिगड़ने पर बनवाने के चक्कर में उसने कर्ज लेना शुरू कर दिया और फिर ऋण के बोझ तले डूबता ही चला गया। वहीं इंस्पेक्टर कोखराज राकेश सरोज का कहना है कि नदी में जाल डलवाकर युवक को खोजने का करीब चार घंटे तक प्रयास किया गया। कोई सुराग नहीं लगा। घटना संदिग्ध लग रही है। सोमवार को फिर गोताखोरों से तलाश करवाई जाएगी। मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
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मलाक हरहर राजताली गांव का रामपूजन पटेल (30) पुत्र स्व. हीरालाल मारुति वैन चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसकी पत्नी पूजा ने बताया कि रामपूजन ने पड़ोसियों व पड़ोसी गांवों के करीब छह सूदखोरों से लाखों रुपये कर्ज ले रखा था। इस बीच सूदखोर परेशान करने लगे थे। अक्सर वह घर आकर गाली-गलौज करते थे। रामपूजन के साथ कहीं आते-जाते वक्त रास्ते में रोककर भी अभद्रता करते थे। परिजनों की मानें तो करीब 15 दिन पहले रामपूजन घर से निकला। इसके बाद लौटा ही नहीं। रविवार सुबह कोखराज इलाके के सिहोरी पुल से उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी। पुल पर एक सुसाइड नोट भी छोड़ा। इसमें चार सूदखोरों से परेशान होने का जिक्र किया गया है। कोखराज पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में करीब चार घंटे तक युवक को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। खबर मिलने के बाद से पीड़ित परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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मंझनपुर (ब्यूरो)। रामपूजन की पत्नी पूजा ने बताया कि पड़ोसी गांव सुमेरी का पूरा में रहने वाला सूदखोर रतनलाल कुछ ज्यादा ही परेशान करता था। मूलधन देने के बाद वह ब्याज वसूली के लिए दबाव बनाता था। अक्सर घर आकर गाली-गलौज करता था। इसी से परेशान होकर 31 जनवरी को पूजा ने रतन के खिलाफ प्रयागराज के सोरांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रामपूजन ने सुसाइड नोट में पड़ोसी विनोद प्रजापति, सुमेरी का पूरा निवासी रतनलाल उसके पिता देवीदीन और मलाक हरहर (सतई का पूरा) निवासी सुनील तिवारी का नाम लिखा है। इसके बाद से यह सभी सूदखोर पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पूछताछ के लिए कभी भी कोखराज पुलिस इन्हें हिरासत में ले सकती है। हालांकि अभी पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
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रामपूजन की शादी वर्ष 2012 में नवाबगंज कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर दरगाही गांव की पूजा पटेल से हुई है। शादी के बाद उसे दो बच्चे प्रांशू (6) और प्रिंस (4) हैं। सुसाइड नोट मिलने के बाद से बीवी-बच्चों की रो-रोकर हालत खराब हो गई। सूचना पाकर रामपूजन के भाई सिहोरी पुल पहुंचे थे। बाद में वह बैरंग लौट गए। पूजा ने बताया कि पति रामपूजन सूदखोरों के दबाव के चलते करीब दो महीने से कुछ ज्यादा ही परेशान रहने लगा था। अक्सर वह देर रात चुपके से घर आता था। खाना खाए बगैर सो जाता था। कुछ भी पूछने पर झिड़क देता था। पूजा की मानें तो उसे इतना पता था कि पति ने कर्ज ले रखा है, लेकिन यह नहीं मालूम कि किससे कितना पैसा लिया है। कहते हैं लोहा इतनी आसानी से किसी को भी फलता नहीं है। रामपूजन के साथ भी यही हुआ। करीब दो साल पहले उसने मारुति वैन खरीदी। परिजनों की मानें तो इसी के बिगड़ने पर बनवाने के चक्कर में उसने कर्ज लेना शुरू कर दिया और फिर ऋण के बोझ तले डूबता ही चला गया। वहीं इंस्पेक्टर कोखराज राकेश सरोज का कहना है कि नदी में जाल डलवाकर युवक को खोजने का करीब चार घंटे तक प्रयास किया गया। कोई सुराग नहीं लगा। घटना संदिग्ध लग रही है। सोमवार को फिर गोताखोरों से तलाश करवाई जाएगी। मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।