{"_id":"5a3fffb14f1c1b0b788b4b77","slug":"unmanaged-charak-muni-ashram","type":"story","status":"publish","title_hn":"अव्यवस्थाओं से जूझ रहा चरक मुनि आश्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अव्यवस्थाओं से जूझ रहा चरक मुनि आश्रम
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Dec 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानीय गांव स्थित भगवान राम का विश्राम स्थल व चरक मुनि आश्रम इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। आश्रम में लगा हैंडपंप पानी नहीं दे रहा तो सोलर लाइट भी महीनों से खराब पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी वादों के बाद भी इलाकाई जनप्रतिनिधि आश्रम व राम विश्राम स्थल का कायाकल्प नहीं हो सका। इसका दंश आश्रम के महंतों को भुगतना पड़ रहा है।
चायल तहसील की चरवा ग्राम सभा का रिश्ता त्रेता युग से है। मान्यता है कि 14 साल का वनवास होने के बाद भगवान राम ने वन जाते समय चरवा गांव स्थित चरक मुनि आश्रम में भाई व पत्नी के साथ विश्राम किया था। यहां स्थित जोइठा तालाब में उन्होंने स्नान किया था। तभी से इस तालाब का नाम रोमजोइठा तालाब हो गया है। तीसरा शुरू होने के बाद धार्मिक दृष्टिकोण से इस स्थान का महत्व धीरे-धीरे बढ़ने लगा। यहां लगभग पांच साल से प्रतिवर्ष रामायण मेले का आयोजन फरवरी माह में किया जाता है। महत्व को देखते हुए सांसद, विधायक भी यहां पहुंचे।
डिप्टी सीएम बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य जिले में पहली बार आए तो उन्होंने चरक मुनि आश्रम का कायाकल्प कराने की घोषण की। जनप्रतिनिधियों की घोषणा के बाद भी चरक मुनि आश्रम अव्यवस्थाओं का शिकार है। आश्रम में लगा हैंडपंप छह माह से खराब है तो पूर्व प्रधान द्वारा लगवाई गई सोलर लाइट भी नहीं जल रही है। आश्रम के महंत रामेश्वर दास जी महाराज ने हैंडपंप बनवाने के लिए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक पांडेय से कई बार कहा पर समस्या जस की तस बरकरार है। इस लेकर आश्रम के महंत में नाराजगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चायल तहसील की चरवा ग्राम सभा का रिश्ता त्रेता युग से है। मान्यता है कि 14 साल का वनवास होने के बाद भगवान राम ने वन जाते समय चरवा गांव स्थित चरक मुनि आश्रम में भाई व पत्नी के साथ विश्राम किया था। यहां स्थित जोइठा तालाब में उन्होंने स्नान किया था। तभी से इस तालाब का नाम रोमजोइठा तालाब हो गया है। तीसरा शुरू होने के बाद धार्मिक दृष्टिकोण से इस स्थान का महत्व धीरे-धीरे बढ़ने लगा। यहां लगभग पांच साल से प्रतिवर्ष रामायण मेले का आयोजन फरवरी माह में किया जाता है। महत्व को देखते हुए सांसद, विधायक भी यहां पहुंचे।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम बनने के बाद केशव प्रसाद मौर्य जिले में पहली बार आए तो उन्होंने चरक मुनि आश्रम का कायाकल्प कराने की घोषण की। जनप्रतिनिधियों की घोषणा के बाद भी चरक मुनि आश्रम अव्यवस्थाओं का शिकार है। आश्रम में लगा हैंडपंप छह माह से खराब है तो पूर्व प्रधान द्वारा लगवाई गई सोलर लाइट भी नहीं जल रही है। आश्रम के महंत रामेश्वर दास जी महाराज ने हैंडपंप बनवाने के लिए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपक पांडेय से कई बार कहा पर समस्या जस की तस बरकरार है। इस लेकर आश्रम के महंत में नाराजगी है।
विज्ञापन