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भत्ता बंद होते ही घट गए बेराेजगार
Mon, 31 Dec 2018 12:34 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:34 AM IST
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Unemployed
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सुनने में बेहद अटपटा लग रहा है। पर, आंकड़े बताते हैं कि दोआबा में बेरोजगारी घटी है। तभी तो चार साल के भीतर करीब 80 फीसदी बेरोजगार कम हो गए। पर, हकीकत ठीक इसके विपरीत है। दरअसल बेरोजगारी भत्ता बंद होने की वजह से यहां के शिक्षित युवाओं ने सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराना ही कम कर दिया है।
वर्ष 2012 में तत्कालीन सपा सरकार ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक हजार रुपये महीने बेरोजगारी भत्ता मुहैया कराने का ऐलान किया तो 49,051 शिक्षित युवाओं ने पंजीकरण करा लिया। इन सभी को सरकार ने भत्ता दिया तो संख्या बढ़ती चली गई। 2013 में बेरोजगारों की संख्या 49,487 और 2014 में 49,745 पहुंच गई। वर्ष 2015 में जैसे ही सरकार ने भत्ता बंद हुआ बेरोजगारों की संख्या घटकर 13,319 हो गई। अगले दो साल 2016 और 17 में क्रमश: 14,175 तथा 15063 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया। पर, लगातार तीन साल से रोजगार अथवा बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने से इस साल युवाओं ने एकदम से कदम पीछे खींच लिया। सेवायोजन कार्यालय में नवंबर तक सिर्फ 86,85 बेराजेगारों ने ही पंजीकरण कराया है।
सूबे के डिप्टी सीएम केशव मौर्या के गृह जनपद कौशाम्बी में सबकुछ अनुकूल होने के बावजूद युवाओं के रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार के साथ ही जिले के तीनों विधायक और सांसद भी सत्ताधारी दल के हीं है। इसके बाद भी एक अदद उद्योग-धंधा नहीं है। कल-कारखानों के अभाव के साथ ही सेवायोजन कार्यालय भी भगवान भरोसे संचालित हो रहा है। विकास भवन की तीसरी मंजिल में संचालित दफ्तर में सेवायोजन अधिकारी तक की तैनाती नहीं है। सालों से खाली चल रहे दफ्तर की अतिरिक्त कमान अभी हाल ही में प्रयागराज के सेवायोजन अधिकारी अरविंद कुमार को सौंपी गई है। वह भी कभी-कभार ही दफ्तर आते हैं। इकलौते बाबू के सहारे घिसट रहे विभाग का अमूमन ताला ही बंद रहता है। शनिवार की दोपहर भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। ऐसे में दोआबा के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को भटकना पड़ रहा है।
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8685 युवाओं को मिल सकते हैं हर महीने 2500 रुपये
मंझनपुर। नए साल में देश के शिक्षित बेराजगार युवाओं को केंद्र की मोदी सरकार तोहफा दे सकती है। सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) योजना लागू करने की योजना बना रही है। यदि योजना लागू होती है तो जिले के सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत 8685 युवाओं को प्रत्येक महीने 25-25 सौ रुपये का बेरोजगारी भत्ता मिल सकता है। इसकी सुगबुगाहट मिलते ही जिले के युवाओं उत्सुकता बढ़ गई है।
यूबीआई को लेकर शासन की ओर से फिलहाल कोई विभागीय जानकारी नहीं दी गई है। रुटीन में बेरोजगारों के पंजीकरण को लेकर सूचनाएं जरूर मांगी गई थी।
अरविंद कुमार कुमार-सेवायोजन अधिकारी कौशाम्बी/प्रयागराज
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वर्ष 2012 में तत्कालीन सपा सरकार ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक हजार रुपये महीने बेरोजगारी भत्ता मुहैया कराने का ऐलान किया तो 49,051 शिक्षित युवाओं ने पंजीकरण करा लिया। इन सभी को सरकार ने भत्ता दिया तो संख्या बढ़ती चली गई। 2013 में बेरोजगारों की संख्या 49,487 और 2014 में 49,745 पहुंच गई। वर्ष 2015 में जैसे ही सरकार ने भत्ता बंद हुआ बेरोजगारों की संख्या घटकर 13,319 हो गई। अगले दो साल 2016 और 17 में क्रमश: 14,175 तथा 15063 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया। पर, लगातार तीन साल से रोजगार अथवा बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने से इस साल युवाओं ने एकदम से कदम पीछे खींच लिया। सेवायोजन कार्यालय में नवंबर तक सिर्फ 86,85 बेराजेगारों ने ही पंजीकरण कराया है।
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सूबे के डिप्टी सीएम केशव मौर्या के गृह जनपद कौशाम्बी में सबकुछ अनुकूल होने के बावजूद युवाओं के रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार के साथ ही जिले के तीनों विधायक और सांसद भी सत्ताधारी दल के हीं है। इसके बाद भी एक अदद उद्योग-धंधा नहीं है। कल-कारखानों के अभाव के साथ ही सेवायोजन कार्यालय भी भगवान भरोसे संचालित हो रहा है। विकास भवन की तीसरी मंजिल में संचालित दफ्तर में सेवायोजन अधिकारी तक की तैनाती नहीं है। सालों से खाली चल रहे दफ्तर की अतिरिक्त कमान अभी हाल ही में प्रयागराज के सेवायोजन अधिकारी अरविंद कुमार को सौंपी गई है। वह भी कभी-कभार ही दफ्तर आते हैं। इकलौते बाबू के सहारे घिसट रहे विभाग का अमूमन ताला ही बंद रहता है। शनिवार की दोपहर भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला। ऐसे में दोआबा के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को भटकना पड़ रहा है।
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8685 युवाओं को मिल सकते हैं हर महीने 2500 रुपये
मंझनपुर। नए साल में देश के शिक्षित बेराजगार युवाओं को केंद्र की मोदी सरकार तोहफा दे सकती है। सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) योजना लागू करने की योजना बना रही है। यदि योजना लागू होती है तो जिले के सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत 8685 युवाओं को प्रत्येक महीने 25-25 सौ रुपये का बेरोजगारी भत्ता मिल सकता है। इसकी सुगबुगाहट मिलते ही जिले के युवाओं उत्सुकता बढ़ गई है।
यूबीआई को लेकर शासन की ओर से फिलहाल कोई विभागीय जानकारी नहीं दी गई है। रुटीन में बेरोजगारों के पंजीकरण को लेकर सूचनाएं जरूर मांगी गई थी।
अरविंद कुमार कुमार-सेवायोजन अधिकारी कौशाम्बी/प्रयागराज