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शव दफनाने को लेकर करारी में दो पक्ष आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:55 AM IST
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करारी(कौशाम्बी)। करारी कस्बे में गुरुवार की सुबह शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। माहौल बिगड़ता देख किसी ने घटना की जानकारी एसडीएम को दी। उपजिलाधिकारी पुलिस फोर्स और राजस्व कर्मियों के साथ घटना स्थल पहुंचे। जमीन की पैमाइश और जांच के बाद उग्र लोगों को शांत कराते हुए अफसरों ने शव को मृतक की जमीन पर दफन करवा दिया।
करारी कस्बे के अंसार गंज के रहने वाले लल्ली कुरैशी की बुधवार की रात लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। गुरुवार को मृतक के परिजन शव को दफनाने के लिए महमूदपुर उखैया गांव के समीप जमीन पर गड्डा खोदने लगे। जानकारी होने पर कस्बे का दीनानाथ वर्मा मौके पर पहुंचा और जमीन खुद की बताते हुए शव को दफनाने से रोक दिया। जिसे लेकर दो पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। सूचना पर एसडीएम मंझनपुर, सीओ, एसओ के अलावा राजस्व अफसरों की टीम घटना स्थल पहुंच गई। जांच के दौरान दीनानाथ ने बताया कि 1982 में उसने वली मोहम्मद से जमीन का बैनामा कराया था। जबकि मृतक का बेटा आलम और परिवार के अन्य लोग उसे पूर्वजों की जमीन बता रहे थे। अभिलेखों को देखने के बाद एसडीएम और सीओ ने शव को मृतक के खेत में ही दफन करने का निर्देश दिया। सीओ रमाकांत यादव ने बताया कि मामला शांत करा दिया गया है। तनाव को देखते हुए पुलिस को चौकसी बरतने की हिदायत दी गई है।
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करारी कस्बे के अंसार गंज के रहने वाले लल्ली कुरैशी की बुधवार की रात लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। गुरुवार को मृतक के परिजन शव को दफनाने के लिए महमूदपुर उखैया गांव के समीप जमीन पर गड्डा खोदने लगे। जानकारी होने पर कस्बे का दीनानाथ वर्मा मौके पर पहुंचा और जमीन खुद की बताते हुए शव को दफनाने से रोक दिया। जिसे लेकर दो पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए। सूचना पर एसडीएम मंझनपुर, सीओ, एसओ के अलावा राजस्व अफसरों की टीम घटना स्थल पहुंच गई। जांच के दौरान दीनानाथ ने बताया कि 1982 में उसने वली मोहम्मद से जमीन का बैनामा कराया था। जबकि मृतक का बेटा आलम और परिवार के अन्य लोग उसे पूर्वजों की जमीन बता रहे थे। अभिलेखों को देखने के बाद एसडीएम और सीओ ने शव को मृतक के खेत में ही दफन करने का निर्देश दिया। सीओ रमाकांत यादव ने बताया कि मामला शांत करा दिया गया है। तनाव को देखते हुए पुलिस को चौकसी बरतने की हिदायत दी गई है।
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